हरियाणा में खो-खो खेल को बढ़ावा, मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने एसोसिएशन को 21 लाख रुपए दिए
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि खो-खो केवल एक खेल नहीं, बल्कि भारतीय मिट्टी की खुशबू है। यह खेल युवाओं को फुर्ती, रणनीति, टीम वर्क, अनुशासन और तेज निर्णय क्षमता सिखाता है, जिसमें महंगे उपकरण या बड़े मैदान की आवश्यकता नहीं होती।
मुख्यमंत्री ने केशव पार्क में 35वीं सब-जूनियर राष्ट्रीय खो-खो चैम्पियनशिप (लड़के, लड़कियां) का उद्घाटन करते हुए कहा कि यह प्रतियोगिता युवाओं में खेल भावना और देशभक्ति की भावना बढ़ाने का महत्वपूर्ण मंच है। उन्होंने खो-खो एसोसिएशन को 21 लाख रुपए प्रदान करने की घोषणा की और खिलाड़ियों से परिचय किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा में खेलों के लिए स्पष्ट और दूरदर्शी दृष्टिकोण तैयार किया गया है। हर बच्चे को खेलों से जोड़ना, हर गांव में खेल मैदान विकसित करना और प्रतिभावान युवाओं को अवसर देना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की वर्ष 2036 के ओलंपिक तक भारत को वैश्विक खेल महाशक्ति बनाने की संकल्पना का उल्लेख किया।
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि भारत की खेल संस्कृति और पारंपरिक खेलों जैसे खो-खो को संरक्षित करना और वैश्विक स्तर पर प्रतिष्ठित करना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। इस प्रतियोगिता में भारत के विभिन्न राज्यों से 1080 खिलाड़ी और 210 प्रशिक्षक भाग ले रहे हैं, जो इस खेल की लोकप्रियता और उत्साह को दर्शाता है।
पहले दिन प्रतियोगिता में कुल 40 मैच खेले गए। हरियाणा स्पोर्ट्स खो-खो एसोसिएशन के प्रधान जवाहर सिंह यादव ने बताया कि यह पांच दिवसीय प्रतियोगिता पूरे भारत से आने वाली टीमों के लिए खेल, प्रतिस्पर्धा और सीखने का अवसर प्रदान करती है।
इस अवसर पर भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मोहन लाल कौशिक, पूर्व राज्यमंत्री सुभाष सुधा, खो-खो फेडरेशन ऑफ इंडिया के प्रधान सुधांशु मित्तल सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।