मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने PRAGATI प्लेटफॉर्म को विकसित भारत @2047 की कुंजी बताया
हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने भारत सरकार के डिजिटल प्लेटफॉर्म PRAGATI (Pro-Active Governance and Timely Implementation) की सराहना करते हुए इसे विकास परियोजनाओं की तेज़ी और जन शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए एक प्रभावशाली उपकरण बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह प्लेटफॉर्म प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र और राज्य सरकारों के बीच समन्वय को मजबूत करता है और परियोजनाओं की वास्तविक समय में निगरानी सुनिश्चित करता है।
नायब सिंह सैनी ने बताया कि PRAGATI प्लेटफॉर्म देश में पारदर्शी, जवाबदेह और प्रभावी शासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि यह विकसित भारत @2047 के राष्ट्रीय लक्ष्य को हासिल करने में केंद्रीय भूमिका निभाता है और जनता तक कल्याणकारी योजनाओं के निष्पादन और वितरण की गति बढ़ाता है।
हरियाणा में कुल 112 प्रमुख परियोजनाओं में से 57 पहले ही पूरी तरह चालू हैं, जिनका निवेश लगभग 94,153 करोड़ रुपये है। शेष 55 परियोजनाएं, जिनकी लागत 5.44 लाख करोड़ रुपये है, वर्तमान में कार्यान्वयनाधीन हैं।
चालू परियोजनाओं में PRAGATI प्लेटफॉर्म के तहत 13 प्रमुख परियोजनाओं का मूल्यांकन किया गया, जिनकी कुल लागत 30,463 करोड़ रुपये है। क्षेत्रवार विश्लेषण में सड़कें और राजमार्ग 30 परियोजनाओं के साथ सबसे आगे हैं, इसके बाद तेल और गैस (10), बिजली संचरण और वितरण (9), रेलवे (4), बिजली उत्पादन (3), और एक रियल एस्टेट परियोजना शामिल हैं। इन परियोजनाओं ने हरियाणा में कनेक्टिविटी, ऊर्जा अवसंरचना और औद्योगिक विकास को मजबूती दी है।
वहीं, कार्यान्वयनाधीन 55 परियोजनाओं में 13 उच्च मूल्य वाली परियोजनाएं शामिल हैं, जिनमें 2.24 लाख करोड़ रुपये का निवेश है और ये PRAGATI के तहत लगातार मॉनिटर की जा रही हैं। क्षेत्रवार विवरण में सड़कें और राजमार्ग 22 परियोजनाओं के साथ शीर्ष पर हैं, इसके बाद स्वास्थ्य सेवाएं (9), रेलवे (5), तेल और गैस (5), बिजली संचरण और वितरण (4), IT/ITES (3), और बिजली उत्पादन (3) शामिल हैं। इसके अलावा मेट्रो रेल, उद्योग व वाणिज्य, लॉजिस्टिक्स पार्क विकास और सीमेंट विनिर्माण की प्रत्येक एक परियोजना चल रही है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि इन परियोजनाओं में कई NCR क्षेत्र की प्रमुख अवसंरचना योजनाओं में शामिल हैं, जैसे एक्सप्रेसवे, समर्पित माल गलियारे, टेलीकॉम संतृप्ति अभियान और स्वास्थ्य संस्थान। ये सभी पहलें हरियाणा के दीर्घकालिक, विकास-उन्मुख अवसंरचना और आर्थिक उन्नति के प्रयासों को दर्शाती हैं।