केंद्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में पूसा, दिल्ली में “कर्मचारी संकल्प सम्मेलन” का आयोजन
केंद्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में पूसा, दिल्ली में आयोजित “कर्मचारी संकल्प सम्मेलन” में कृषि मंत्री ने सरकारी कर्मचारियों को राष्ट्र निर्माण में योगदान देने, स्वदेशी उत्पादों को अपनाने और कामकाजी जीवन में संतुलन बनाए रखने का आह्वान किया।
केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने आज दिल्ली के पूसा में “कर्मचारी संकल्प सम्मेलन” का वृहद आयोजन किया। इस सम्मेलन में केंद्रीय कृषि मंत्री, राज्य मंत्री, और संबंधित मंत्रालयों के अधिकारी शामिल हुए। सम्मेलन का उद्देश्य सरकारी कर्मचारियों को राष्ट्र निर्माण में सक्रिय रूप से योगदान देने के लिए प्रेरित करना था।
प्रधानमंत्री के संकल्प का पालन
इस अवसर पर श्री शिवराज सिंह ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के स्वतंत्रता दिवस पर दिए गए बयान का हवाला देते हुए कहा, “सरकार को फाइलों में नहीं, बल्कि जनता की जिंदगी में दिखना चाहिए।” उन्होंने कर्मचारियों से आग्रह किया कि वे अपने कार्य में ईमानदारी और समर्पण से काम करें, ताकि सरकार का प्रभाव वास्तविक रूप से जनता तक पहुंचे।
राष्ट्र निर्माण में योगदान की बात
शिवराज सिंह चौहान ने कर्मचारियों से सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा, “हर दिन और हर क्षण का बेहतर उपयोग करें, ताकि हम एकजुट होकर देश की प्रगति में योगदान कर सकें।” उन्होंने टीम भावना और एकजुट प्रयासों की महत्ता पर जोर दिया और बताया कि छोटे-छोटे कदम बड़े बदलाव ला सकते हैं।
कृषि क्षेत्र में बदलाव और विकास
केंद्रीय मंत्री ने कृषि क्षेत्र के लिए किए गए “विकसित कृषि संकल्प अभियान” को ऐतिहासिक बताया, जिसमें 2,170 वैज्ञानिकों की टीम ने गांव-गांव जाकर किसानों से संवाद किया और 500 से अधिक शोध विषय सामने आए। इसके अलावा, श्री चौहान ने कृषि क्षेत्र में दलहन, तिलहन और कपास के उत्पादन में वृद्धि की दिशा में और प्रयास करने की आवश्यकता पर बल दिया।
लखपति दीदियों का असाधारण विकास
केंद्रीय मंत्री ने दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत लखपति दीदियों की बढ़ती संख्या पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 3 करोड़ लखपति दीदियों का लक्ष्य तय किया था, और अब तक करीब 2.8 करोड़ महिलाएं आत्मनिर्भर बन चुकी हैं।
स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा
शिवराज सिंह चौहान ने प्रधानमंत्री के स्वदेशी उत्पादों को अपनाने के आह्वान का समर्थन करते हुए कहा कि इस कदम से देश के जरूरतमंद वर्ग को रोजगार मिलेगा और भारतीय अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।
कर्मचारियों के व्यक्तिगत जीवन की महत्ता
केंद्रीय मंत्री ने कर्मचारियों से अपने व्यक्तिगत जीवन पर भी ध्यान देने का आह्वान किया और कहा, “कार्यक्षेत्र और व्यक्तिगत जीवन के बीच संतुलन स्थापित करें, यही असली जीवन जीने का तरीका है।”
नकली उत्पादों पर कड़ी कार्रवाई
शिवराज सिंह चौहान ने नकली खाद, बीज, और कीटनाशकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा, “किसानों से धोखा करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।”
इस सम्मेलन में केंद्रीय मंत्री ने सभी कर्मचारियों और अधिकारियों को अपने कार्यों में उत्कृष्टता की दिशा में प्रेरित किया और उन्हें राष्ट्र के विकास में सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए उत्साहित किया।