केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने 12 राज्यों में लिम्फैटिक फाइलेरिया उन्मूलन हेतु वार्षिक एमडीए अभियान का शुभारंभ किया
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने 12 राज्यों में लिम्फैटिक फाइलेरिया उन्मूलन हेतु वार्षिक MDA अभियान शुरू किया। भारत को 2027 तक LF मुक्त बनाने की दिशा में सरकार की प्रतिबद्धता।
केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा ने 12 चिन्हित लिम्फैटिक फाइलेरिया (एलएफ) प्रभावित राज्यों में वार्षिक सामूहिक औषधि प्रशासन (एमडीए) अभियान का शुभारंभ किया। इस अभियान का उद्देश्य भारत को 2027 तक फाइलेरिया मुक्त देश बनाने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ाना है।
मंत्री जेपी नड्डा ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से सभी प्रभावित राज्यों के स्वास्थ्य मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों से इस अभियान को सफलतापूर्वक लागू करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि एलएफ, जिसे आम भाषा में हाथीपांव कहा जाता है, मादा क्यूलेक्स मच्छर के माध्यम से फैलता है और यह दीर्घकालिक रुग्णता, दिव्यांगता और सामाजिक कलंक का कारण बन सकता है।
केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने सामुदायिक भागीदारी पर जोर देते हुए कहा कि एलएफ उन्मूलन केवल स्वास्थ्य की जरूरत नहीं, बल्कि एक सामाजिक और आर्थिक अनिवार्यता भी है। उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों में एमडीए के प्रत्यक्ष निगरानी उपचार, वेक्टर नियंत्रण और रुग्णता प्रबंधन एवं दिव्यांगता निवारण (एमएमडीपी) की महत्ता पर प्रकाश डाला।
एमडीपी अभियान के तहत अब तक 2014 से 2025 तक लगातार प्रगति हुई है। इस अवधि में एमडीए कवरेज 75% से बढ़कर 85% हुआ और संचरण आकलन सर्वेक्षण (टीएएस-1) के सफल समापन के बाद प्रभावित जिलों का प्रतिशत 15% से बढ़कर 41% हो गया। 2025 में अभियान के तहत 18.48 करोड़ लोगों ने फाइलेरिया-रोधी दवा का सेवन किया, जिससे रोग संचरण पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित हुआ।
मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि आयुष्मान आरोग्य मंदिर (एएएम) भी प्रारंभिक जांच और समय पर उपचार में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। इसके अतिरिक्त, हाइड्रोसील सर्जरी को आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (एबी-पीएमजेएवाई) में शामिल किया गया है, जिससे मरीजों को वित्तीय सुरक्षा और बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मिले।
इस अभियान में 12 राज्यों के 124 जिलों और 719 ब्लॉकों को शामिल किया गया है, जिसमें प्रत्येक ब्लॉक में पंचायत प्रतिनिधियों, स्थानीय अधिकारियों और स्वास्थ्य कर्मचारियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। इस कदम से भारत को 2027 तक फाइलेरिया मुक्त बनाने के लक्ष्य की दिशा में तेजी से प्रगति सुनिश्चित होगी।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने अंत में सभी संबंधित मंत्रालयों, विभागों और समुदायों से मिलकर इस अभियान को सफल बनाने का आह्वान किया, ताकि भारत में एलएफ को एक सार्वजनिक स्वास्थ्य समस्या के रूप में समाप्त किया जा सके।