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77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने किसानों से किया संवाद

77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने किसानों से किया संवाद

77वें गणतंत्र दिवस पर केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने किसानों से संवाद किया, कृषि सुधारों, फसल बीमा और चावल निर्यात पर अपडेट दिए।

77वें गणतंत्र दिवस 2026 के अवसर पर केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने नई दिल्ली के कर्तव्य पथ पर आयोजित परेड में विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल देशभर के किसानों से पूसा स्थित भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) में संवाद किया। इस कार्यक्रम में केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी और रामनाथ ठाकुर भी उपस्थित रहे।

शिवराज सिंह चौहान ने किसानों को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि कृषि भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और किसान इसके आत्मा हैं। उन्होंने बताया कि देश के कोने-कोने से आए किसान भारतीय पराक्रम और सामर्थ्य का जीवंत उदाहरण प्रस्तुत कर रहे हैं और दुनिया भारत की बढ़ती शक्ति को देख रही है।

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केंद्रीय मंत्री ने बताया कि इस वर्ष तीन किसानों को पद्म पुरस्कार से सम्मानित किया गया, जो देश के किसानों के योगदान और सम्मान का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि सरकार ने किसानों के हित में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं, जैसे:

  • दालों की खरीद और निर्यात पर इंपोर्ट ड्यूटी, ताकि किसानों को उचित मूल्य मिले।

  • चावल के निर्यात पर मिनिमम एक्सपोर्ट प्राइस का हटाना, जिससे किसानों को बेहतर मूल्य मिल रहा है।

  • फसल बीमा योजना में सुधार, जिसमें प्राकृतिक आपदाओं, जंगली जानवरों और बाढ़ से होने वाले नुकसान को शामिल किया जा रहा है।

  • विकसित कृषि संकल्प अभियान, जिसमें 52 वैज्ञानिक टीमों द्वारा किसानों को आधुनिक कृषि तकनीक और वैज्ञानिक सहायता प्रदान की जाएगी।

  • फार्मर आईडी निर्माण, जिससे कागजी प्रक्रियाओं को सरल और तेज बनाया जा सके।

श्री चौहान ने यह भी बताया कि सरकार पेस्टीसाइड एक्ट और सीड बिल को संसद में पेश करने जा रही है, जिसमें दंडात्मक प्रावधानों को कड़ा किया जाएगा। इसके तहत 30 लाख रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान रहेगा। उन्होंने किसानों को इंटीग्रेटेड फार्मिंग और छोटी जोत की खेती को लाभकारी बनाने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता का आश्वासन दिया।

कार्यक्रम में किसानों ने भी अपनी समस्याओं और सुझावों को केंद्रीय मंत्रियों के समक्ष रखा। हरियाणा की श्रीमती अनीता कुमारी, मध्य प्रदेश के श्री राजेश पाल और बिहार के श्री गणेश कुमार गुप्ता ने अपने अनुभव और सुझाव साझा किए।

केंद्रीय कृषि सचिव डॉ. देवेश चतुर्वेदी और ICAR के महानिदेशक डॉ. एम. एल. जाट भी इस कार्यक्रम में उपस्थित रहे।

केंद्रीय कृषि मंत्री ने किसानों से अपील की कि वे नई तकनीकों और योजनाओं का लाभ उठाकर अपनी उपज और आय में वृद्धि करें और भारत को कृषि में आत्मनिर्भर और विकसित राष्ट्र बनाने में योगदान दें।

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