हरियाणा में प्राथमिकता क्षेत्र ऋण क्षमता 3.67 लाख करोड़ रुपये, नाबार्ड स्टेट फोकस पेपर जारी
हरियाणा में प्राथमिकता क्षेत्र ऋण क्षमता 3.67 लाख करोड़ रुपये, नाबार्ड स्टेट फोकस पेपर जारी। मुख्यमंत्री ने ग्रामीण विकास, कृषि और MSME पर जोर दिया।
हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने नाबार्ड द्वारा आयोजित राज्य स्तरीय ऋण संगोष्ठी में कहा कि राज्य की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने के लिए कृषि और वित्तीय सहयोग अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने बताया कि बदलती परिस्थितियों जैसे घटता भूजल स्तर, मिट्टी की गुणवत्ता में गिरावट, छोटी जोतें, जलवायु परिवर्तन और उत्पादन लागत में वृद्धि जैसी चुनौतियों का समाधान केवल नवाचार, तकनीक और संस्थागत वित्तीय समर्थन के माध्यम से संभव है।
स्टेट फोकस पेपर 2026-27 की मुख्य बातें
मुख्यमंत्री ने मौके पर नाबार्ड द्वारा तैयार स्टेट फोकस पेपर 2026-27 जारी किया। इसमें हरियाणा की प्राथमिकता क्षेत्र ऋण क्षमता 3.67 लाख करोड़ रुपये आंकी गई है, जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 17% अधिक है। इस राशि में कृषि क्षेत्र के लिए 1.32 लाख करोड़ रुपये और MSME क्षेत्र के लिए 2.11 लाख करोड़ रुपये की ऋण संभावनाएं शामिल हैं।
डॉ. सैनी ने कहा कि कृषि को लाभकारी बनाए बिना ग्रामीण समृद्धि संभव नहीं है। इसलिए प्रदेश सरकार ‘कम भूमि में अधिक उत्पादन’ और ‘Per Drop-More Crop’ जैसे मंत्रों को व्यवहार में ला रही है। आगामी बजट में स्मार्ट एग्रीकल्चर जोन पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, और इसके लिए किन्नू, अमरूद, स्ट्रॉबेरी, लीची जैसे फलों के क्लस्टर बनाए जा रहे हैं।
किसानों और ग्रामीण विकास पर जोर
मुख्यमंत्री ने बैंकों से आग्रह किया कि वे सपाट, सरल और पारदर्शी तरीके से ऋण सुविधाएं हर पात्र किसान तक पहुँचाएं। इससे किसान बिचौलियों से मुक्त होकर आत्मनिर्भर बन सकेंगे। उन्होंने कहा कि नाबार्ड कृषि एवं ग्रामीण इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास में लगातार सहयोग कर रहा है।
उन्होंने यह भी कहा कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में MSME, स्वयं सहायता समूह, महिला उद्यमिता और सहकारी संस्थाओं की भूमिका अहम है। हरियाणा में 710 पैक्स कार्यरत हैं, जिन्हें कम्प्यूटरीकृत कर किसानों के विश्वास को पुनः स्थापित किया गया है।
विकसित हरियाणा – विकसित भारत का विजन
डॉ. सैनी ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के ‘सहकार से समृद्धि’ विजन को साकार करने के लिए हरियाणा सरकार लगातार कदम उठा रही है। मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल के माध्यम से किसानों की खेती की जानकारी अपडेट की गई और खाद की उपलब्धता सुनिश्चित की गई।
नाबार्ड की मुख्य महाप्रबंधक निवेदिता तिवारी ने भी स्टेट फोकस पेपर की रिपोर्ट पेश करते हुए बताया कि ग्रामीण अवसंरचना विकास निधि (RIDF) के तहत अब तक 18,393 करोड़ रुपये की स्वीकृतियां हुई हैं, जिनमें से 14,066 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। इन निधियों का उपयोग सड़कों, सिंचाई, नवीकरणीय ऊर्जा, भंडारण, पेयजल, स्वच्छता और विद्युत जैसे क्षेत्रों में किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्टेट फोकस पेपर 2026-27 में फसल विविधीकरण, जल संरक्षण, माइक्रो इरिगेशन, बागवानी, वैल्यू एडिशन, जलवायु अनुकूल कृषि, FPO सुदृढ़ीकरण, ग्रामीण MSME, नवीकरणीय ऊर्जा और सामाजिक अवसंरचना जैसी प्राथमिकताएं शामिल हैं। यह हरियाणा की ‘विकसित हरियाणा – विकसित भारत’ की परिकल्पना को साकार करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
इस अवसर पर एसीएस अनुराग अग्रवाल, आयुक्त एवं सचिव सी.जी. रजनीकांथन, कृष्ण शर्मा सहित बैंक प्रतिनिधि और अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।