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मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने की राज्य में तीन नए आपराधिक कानूनों के कार्यान्वयन की प्रगति की समीक्षा

मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने की राज्य में तीन नए आपराधिक कानूनों के कार्यान्वयन की प्रगति की समीक्षा

मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी: 28 फरवरी तक नए आपराधिक कानूनों का शत-प्रतिशत कार्यान्वयन होगा सुनिश्चित, अधिकतर प्रावधानों को किया गया लागू

  • वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से गवाही हेतु अदालतों के साथ समन्वय करके व्यवस्था की जाए तैयार
  • जीरो एफआईआर की निरंतर सुनिश्चित की जाए मॉनिटरिंग

हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने सोमवार को प्रदेश में 28 फरवरी तक तीन नए आपराधिक कानूनों के शत-प्रतिशत कार्यान्वयन सुनिश्चित करने के संबंध में गृह विभाग के अंतर्गत पुलिस, जेल, अभियोजन और फॉरेंसिक विभाग के अधिकारियों के साथ अहम बैठक की।

मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने निर्देश देते हुए कहा कि नए कानूनों को धरातल पर लागू करने के लिए ढांचागत विकास के साथ-साथ संबंधित कर्मचारियों को प्रशिक्षण प्रदान किया जाए।

उन्होंने कहा कि नए प्रावधानों के अनुसार, पुलिस थानों में  हाई स्पीड इंटरनेट व्यवस्था, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आरोपियों की पेशी और गवाही, जीरो एफआईआर की मॉनिटरिंग सहित सभी व्यवस्थाओं को तीव्र गति से आगे बढ़ाया जाए, ताकि पीड़ितों को जल्द से जल्द न्याय मिल सके।

मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने निर्देश देते हुए कहा कि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से गवाहों की गवाही हेतु अदालतों के साथ समन्वय करके व्यवस्था तैयार की जाए। प्रदेश में फॉरेन्सिक मोबाइल वैन की संख्या में वृद्धि की जाए। बैठक में जानकारी दी गई कि वर्तमान में प्रदेश में 23 मोबाइल फॉरेन्सिक साइंस यूनिट संचालित हैं, इनकी संख्या बढ़ाकर 40 की जाएगी।

मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने निर्देश देते हुए कहा कि जीरो एफआईआर की निरंतर मॉनिटरिंग की जाए। साथ ही, इंटर-स्टेट जीरो एफआईआर पर भी निगरानी रखी जाए और संबंधित एजेंसी को वो एफआईआर त्वरित भेजी जाए, ताकि न्याय मिलने में देरी न हो।

नए आपराधिक कानूनों के अधिकतर प्रावधानों को किया गया लागू

बैठक में गृह विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ सुमिता मिश्रा ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि नए आपराधिक कानूनों के तहत अधिकतर प्रावधानों को लागू कर दिया गया है। इंटर-ऑपरेबल क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम (आईसीजेएस) का क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क एंड सिस्टम्स (सीसीटीएनएस) के साथ शत-प्रतिशत एकीकरण किया जा चुका है। अदालतों में ऑनलाइन माध्यम से चालान पेश किए जा रहे हैं। सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश जारी किए जा चुके हैं कि नए प्रावधानों के अनुसार जरूरी बदलावों को अपनाते हुए 28 फरवरी तक इन कानूनों को पूर्ण रूप से लागू किया जाए।

पुलिस महानिदेशक श्री शत्रुजीत कपूर ने बैठक में बताया कि नए प्रावधानों के अनुसार, शत-प्रतिशत क्राइम सीन पर फॉरेन्सिक टीमों ने दौरा किया है। ई-साक्ष्य ऐप के माध्यम से आपराधिक मामलों में ऑडियो-वीडियो सहित हर सबूत का डिजिटल रिकॉर्ड रखा जा रहा है। लगभग 60 प्रतिशत मामलों में ई-समन भेजे जा रहे हैं। 28 फरवरी तक इसमें और तेजी लाई जाएगी। लगभग 77 प्रतिशत मामलों में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आरोपियों की पेशी की गई है, जिससे अनावश्यक रूप से लगने वाले समय और धन की बचत हुई है।

बैठक में मुख्य सचिव डॉ विवेक जोशी, मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव श्री राजेश खुल्लर, जेल विभाग के महानिदेशक मोहम्मद अकील सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

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