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मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी: 31 मई को मातेश्वरी अहिल्याबाई के जन्मोत्सव पर कुरुक्षेत्र में होगा समारोह

मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी: 31 मई को मातेश्वरी अहिल्याबाई के जन्मोत्सव पर कुरुक्षेत्र में होगा समारोह

मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने पाल गडरिया समाज के लोगों से आह्वान किया कि वे अपने बच्चों की शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दें।

हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने पाल गडरिया समाज के लोगों से आह्वान किया कि वे अपने बच्चों की शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दें। ज्ञान ही वह शस्त्र है जो हर बंधन को तोड़ सकता है।

मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी बुधवार को देर सायं चंडीगढ़ में मातेश्वरी अहिल्याबाई के 300वें जन्मोत्सव पर जनजागरण अभियान की शुरुआत करते हुए पाल गडरिया समाज के लोगों को सम्बोधित कर रहे थे।

मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने मातेश्वरी अहिल्याबाई के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि अहिल्याबाई के जन्मोत्सव पर आज शुरू हुआ जनजागरण अभियान 31 मई तक चलेगा और 31 मई को मातेश्वरी अहिल्याबाई के जन्मोत्सव पर कुरुक्षेत्र में विशाल समारोह के साथ संपन्न होगा।

उन्होंने कहा कि पाल गडरिया समाज में भारत की महान परंपराओं, संस्कृति और श्रमशीलता की जीवंत तस्वीर दिखाई देती है। यह समाज पीढ़ियों से भारत की ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ रहा है। पाल गडरिया समाज का अतीत और परम्पराएं गौरवशाली रही हैं। इस समाज के लोग होलकर वंश के प्रतिनिधि हैं, जिसका मध्य प्रदेश के इंदौर में बहुत लम्बे समय तक शासन रहा है। इसी समाज ने मल्हारराव होलकर जैसे योद्धा और मातेश्वरी अहिल्या बाई जैसी वीरांगनाएं दी हैं।

उन्होंने कहा कि जब हम ‘आत्मनिर्भर भारत’ की बात करते हैं, तो इसके निर्माण में पाल गडरिया समाज जैसे मेहनतकश समुदायों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण हो जाती है। आप लोगों ने विपरीत परिस्थितियों में भी अपने श्रम, आत्मबल और निष्ठा से यह सिद्ध किया है कि गांव-गांव में अगर भारत बसता है, तो उसमें आपकी मेहनत की महक अवश्य होती है। उन्होंने कहा कि हमारे देश का दुर्भाग्य रहा है कि आजादी के बाद दशकों तक जानबूझकर कुछ वर्गों को नजरअंदाज किया गया। उनके लिए न कोई नीति बनी, न कोई दिशा तय की गई।

मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आज का भारत, नया भारत है। यह भारत ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ के मंत्र पर चल रहा है। हम सिर्फ योजनाएं नहीं बना रहे, हम यह भी सुनिश्चित कर रहे हैं कि उन योजनाओं का लाभ पंक्ति में खड़े आखिरी व्यक्ति तक अवश्य पहुंचे।

श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि जिस प्रकार मातेश्वरी अहिल्याबाई ने अनेक मंदिरों का निर्माण करवाया और गरीबों के लिए संघर्ष किया, ठीक इसी रास्ते पर चलते हुए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने अनेक मंदिरों का जीर्णोद्धार करवाया तथा अनुसूचित जातियों के सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण के लिए कई योजनाएं प्रारंभ की हैं। हरियाणा सरकार ने भी यह महसूस किया कि अनुसूचित जातियों में कुछ लोग अभी भी आरक्षण के लाभ से वंचित रह गये हैं। उन्हें भी यह लाभ देकर समाज की मुख्यधारा में लाने के लिए अनुसूचित जातियों के आरक्षण में वर्गीकरण को लागू किया गया है।

उन्होंने कहा कि सरकारी सेवाओं में सीधी भर्ती में अनुसूचित जातियों के लिए आरक्षित 20 प्रतिशत कोटे में से आधा अर्थात 10 प्रतिशत कोटा वंचित अनुसूचित जातियों के उम्मीदवारों के लिए आरक्षित किया गया है। उन्होंने बताया कि इससे पहले, प्रदेश सरकार ने अनुसूचित जातियों को प्रथम व द्वितीय श्रेणी के पदों में 20 प्रतिशत आरक्षण प्रदान किया।

मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने गरीब समाज के लिए शुरू की गई योजनाओं की जानकारी देते हुए बताया कि राज्य के 52 लाख बी.पी.एल. परिवारों को मुफ्त अनाज दिया जा रहा है। ‘प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना’ के तहत गरीब परिवारों की महिलाओं को लगभग 15 लाख रसोई गैस कनेक्शन मुफ्त दिए हैं। प्रदेश में 15 लाख से अधिक बी.पी.एल. और ए.ए.वाई. परिवारों को 500 रुपये की दर से गैस सिलेंडर दिया जा रहा है। इसके अलावा, गरीब परिवारों को प्रति वर्ष 1,000 किलोमीटर की मुफ्त यात्रा का लाभ हैप्पी कार्ड के द्वारा दिया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि हर गरीब के सिर पर छत मुहैया करवाने के लिए ‘प्रधानमंत्री आवास योजना’ के तहत मकान बनवाये जाते हैं। यही नहीं, मकान की मरम्मत के लिए भी अम्बेडकर आवास नवीनीकरण योजना के तहत 80 हजार रुपये की राशि दी जाती है। ‘आयुष्मान भारत-चिरायु’ योजना में गरीब परिवारों का सालाना 5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज किया जाता है। गरीब परिवारों की बेटियों की शादी पर 71 हजार रुपये तक शगुन दिया जाता है। ‘दयालु योजना’ के तहत 1 लाख 80 हजार रुपये तक वार्षिक आय वाले परिवार के सदस्य की मृत्यु होने या दिव्यांग होने पर 5 लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है।

मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने पाल गडरिया समाज की प्रगति पर ख़ुशी जाहिर करते हुए कहा कि यह समाज अब शिक्षा, राजनीति, खेल और उद्यमिता में आगे बढ़ रहा है। युवा मेडिकल, इंजीनियरिंग, प्रशासनिक सेवाओं में प्रवेश कर रहे हैं। बेटियां भी अब पढ़-लिखकर समाज का नेतृत्व कर रही हैं। यही असली परिवर्तन है और यही नया भारत है।

उन्होंने लोगों को एकजुटता का परिचय देने का आह्वान करते हुए कहा कि पाल गडरिया समाज की भलाई, उन्नति और सम्मान के लिए हमारी सरकार कोई कमी नहीं छोड़ेगी। आप मेहनत करें, आप आगे बढ़ें, सरकार आपके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है।

सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री श्री कृष्ण कुमार बेदी ने इस अवसर पर मातेश्वरी अहिल्याबाई को श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए कहा कि अहिल्याबाई सनातन धर्म की ध्वजवाहक थी। इस ध्वज को वर्तमान सरकार ने ऊंचा बनाए रखा। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार भी अंत्योदय की भावना से काम कर रही है जिससे हर गरीब को लाभ मिल रहा है।

इस अवसर पर जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री श्री रणबीर गंगवा ने भी मातेश्वरी अहिल्याबाई को पुष्पांजलि अर्पित की।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के ओएसडी श्री भारत भूषण भारती एवं श्री विवेक कालिया, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष श्री मोहन लाल कौशिक, उत्तर प्रदेश के पूर्व मंत्री श्री सतीश पाल समेत अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

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