ऊर्जा मंत्री अनिल विज के सख्त निर्देश: जेई के खिलाफ एफआईआर, राजौंद नगर पालिका की जांच विजिलेंस से होगी
ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने कैथल बैठक में जेई के खिलाफ एफआईआर और राजौंद नगर पालिका की विजिलेंस जांच के आदेश दिए। कई मामलों में सख्त कार्रवाई के निर्देश जारी।
हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने कैथल में आयोजित जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक के दौरान कई मामलों में सख्त कार्रवाई के निर्देश जारी किए। बैठक में उन्होंने शिकायतों की सुनवाई करते हुए विभिन्न अनियमितताओं और भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों पर तत्काल कदम उठाने के आदेश दिए।
एक मामले में जमीनी विवाद से जुड़े प्रकरण में रिश्वत मांगने के आरोप सामने आने पर संबंधित जूनियर इंजीनियर (जेई) के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही एक पुलिस कर्मचारी पर आरोपों की जांच पूरी होने तक उसे निलंबित करने के आदेश भी जारी किए गए। मंत्री ने स्पष्ट किया कि जांच प्रक्रिया पारदर्शी और निष्पक्ष होनी चाहिए।
राजौंद नगर पालिका में पिछले साढ़े तीन वर्षों के दौरान हुए कार्यों में कथित वित्तीय अनियमितताओं की शिकायत पर मंत्री ने मामले की जांच हरियाणा विजिलेंस से कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक धन के उपयोग में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और विस्तृत जांच रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए।
गांव पाई में आवास योजना के अंतर्गत विकसित कॉलोनी में अवैध बोरवेल और ट्यूबवेल कनेक्शनों से जुड़े मामले पर भी कार्रवाई के आदेश दिए गए। इस संबंध में अतिरिक्त उपायुक्त (एडीसी) की अध्यक्षता में एक समिति गठित कर जांच करने और आगामी बैठक में रिपोर्ट सौंपने के निर्देश जारी किए गए। इसके साथ ही एक अपात्र व्यक्ति द्वारा विवाह शगुन योजना का लाभ लेने के मामले में उससे राशि की रिकवरी करने के आदेश भी दिए गए।
एक अन्य शिकायत में आरोप था कि ट्रांसफार्मर शिफ्ट करने के बदले रिश्वत की मांग की गई। इस पर मंत्री ने संबंधित बिजली निगम अधिकारियों को ट्रांसफार्मर शीघ्र शिफ्ट करने तथा रिश्वत मांगने के आरोपों की गंभीरता से जांच कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
इसके अतिरिक्त, विदेश भेजने के नाम पर धोखाधड़ी और लाखों रुपये की ठगी से जुड़े मामले में मंत्री ने जांच अधिकारी को बदलने तथा आरोपी को तुरंत गिरफ्तार करने के आदेश जारी किए। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई जरूरी है ताकि पीड़ितों को न्याय मिल सके।
जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक में कुल 15 शिकायतों पर सुनवाई की गई, जिनमें नौ पुरानी और छह नई शिकायतें शामिल थीं। मंत्री अनिल विज ने संबंधित अधिकारियों को सभी मामलों में समयबद्ध और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।