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गुरुग्राम में उद्घाटित हुआ साउथेम्प्टन विश्वविद्यालय कैंपस: “वन अर्थ–वन फैमिली–वन फ्यूचर” का प्रतीक

गुरुग्राम में उद्घाटित हुआ साउथेम्प्टन विश्वविद्यालय कैंपस: “वन अर्थ–वन फैमिली–वन फ्यूचर” का प्रतीक

गुरुग्राम में साउथेम्प्टन विश्वविद्यालय कैंपस का उद्घाटन, जो NEP 2020 के तहत भारत को शिक्षा का वैश्विक हब बनाने की दिशा में बड़ा कदम है।

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने गुरुग्राम में प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी ऑफ साउथेम्पटन के पहले पूर्ण उच्च शिक्षा कैंपस का शानदार उद्घाटन किया। यह क्षण not केवल एक शिक्षण संस्थान के निर्माण का अवसर है, बल्कि ‘विकसित भारत 2047’ के मार्ग पर एक महत्वपूर्ण क़दम भी माना जा रहा है।

अंतरराष्ट्रीय शिक्षा के मानदंड पूरे करें हरेयाणा

मुख्यमंत्री सैनी ने कहा कि यह कैंपस राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 और “वन अर्थ–वन फैमिली–वन फ्यूचर” के सिद्धांतों का जीवंत उदाहरण है। उन्होंने बताया कि साउथेम्पटन जैसी विश्वविख्यात यूनिवर्सिटी का भारत में पहला पूर्ण परिसर स्थापित करने की अनुमति UGC द्वारा दी गई है। यह पहल युवाओं को ग्लोबल स्तर की शिक्षा का अवसर प्रदान कर राज्य को शिक्षा के क्षेत्र में वैश्विक हब बनाएगी।

विदेशी निवेश और कौशल हब की दिशा

सैनी ने कहा कि गुरुग्राम में इसे खोलने से यह जगह विदेशी निवेशकों की प्राथमिक पसंद बन चुका है। “हमारा लक्ष्य है कि हरियाणा का हर युवा केवल रोजगार पा कर संतुष्ट न हो, बल्कि नौकरियों का सृजन करें,” उन्होंने स्पष्ट किया। उन्होंने यह भी बताया कि 57 विश्वविद्यालयों, 185 राजकीय महाविद्यालयों में से 80 हाल में खोले गए हैं, और हर 20 किलोमीटर पर एक कॉलेज खोलने का लक्ष्य रखा गया है।

क्यूएस रैंकिंग में भारत की उन्नति

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि पीएम मोदी के नेतृत्व में अब तक भारतीय विश्वविद्यालयों की QS रैंकिंग में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है—2014 की 11 विश्वविद्यालयों से बढ़ कर आज 54 शामिल हैं। उन्होंने यह भी बताया कि अब तक 17 अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालयों को भारत में परमानेंट कैंपस खोलने की अनुमति मिली है, जिनमें तीन कॉलेज ने अपना शैक्षणिक सत्र शुरू भी किया है।

भारत–बेल्जियम के बीच नई शिक्षा साझेदारी

ब्रिटेन की उच्चायुक्त लिंडी कैमरून ने नौलेक कहा कि यह कैंपस भारत–बेल्जियम के शिक्षा सहयोग की दिशा में एक मजबूत संकेत है। इससे छात्रों को विदेशी शिक्षा का विकल्प उनके राष्ट्र में ही उपलब्ध होगा।

उपलब्ध स्नातक एवं पोस्टग्रेजुएट पाठ्यक्रम

नए कैंपस में ये मुख्य कार्यक्रम उपलब्ध हैं:

  • बी.एससी. – बिजनेस मैनेजमेंट, अकाउंटिंग एंड फाइनेंस, कंप्यूटर साइंस, इकोनॉमिक्स

  • एम.एससी. – फाइनेंस व इंटरनेशनल मैनेजमेंट

भारत का शैक्षिक परिदृश्य: ग्लोबल और आत्मनिर्भर

इस नए कैंपस के माध्यम से हरियाणा सुगम रूप से पहचान बना रहा है—देशदर्शी युवाओं के सपनों का पालनहार और स्किल विकास का केंद्र। यह भारत की राष्ट्र स्थिति को मजबूत किए जाने की दिशा में भी एक स्पष्ट संदेश है।

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