केन्द्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह: ड्रग कारोबार के खिलाफ हमारा अभियान निरंतर जारी
मंत्री श्री अमित शाह: ड्रग्स के खिलाफ मोदी सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत, दिल्ली-NCR में एक बड़े नार्को-नेटवर्क का भंडाफोड़ किया गया
केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने कहा है कि ड्रग कारोबार के खिलाफ हमारा अभियान निरंतर जारी है।
X प्लेटफॉर्म पर अपनी एक पोस्ट में केन्द्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने कहा, “ड्रग्स के खिलाफ मोदी सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत, दिल्ली-एनसीआर में एक बड़े नार्को-नेटवर्क का भंडाफोड़ किया गया। NCB और दिल्ली पुलिस ने गिरोह को दबोचते हुए 27.4 करोड़ रुपये मूल्य के मेथमफेटामाइन, MDMA और कोकीन बरामद किए और पांच लोगों को गिरफ्तार किया। मैं इस बड़ी कामयाबी के लिए NCB और दिल्ली पुलिस की सराहना करता हूँ।”
Our relentless hunt against the drug trade continues.
In line with the Modi government’s zero tolerance against drugs, a major narco-network was busted in Delhi-NCR. The NCB and Delhi Police grabbed the gang by its throat and recovered methamphetamine, MDMA, and cocaine worth…
— Amit Shah (@AmitShah) March 31, 2025
अभियान का विवरण
दिल्ली के छतरपुर क्षेत्र में उच्च गुणवत्ता वाले मेथमफेटामाइन के लेन-देन की सूचना मिलने पर, नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) और दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की संयुक्त टीम ने संदिग्धों पर नजर रखी। टीम ने एक संदिग्ध वाहन को रोका, जिसमें 5.103 किलोग्राम उच्च गुणवत्ता वाला क्रिस्टल मेथमफेटामाइन बरामद हुआ, जिसकी अनुमानित कीमत 10.2 करोड़ रुपये है। वाहन में सवार पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया, जिनमें चार अफ्रीकी नागरिक शामिल हैं, जो नाइजीरिया के एक प्रभावशाली परिवार से संबंधित हैं।
मौके पर की गई गहन पूछताछ और तकनीकी जांच से पता चला कि यह प्रतिबंधित सामग्री पश्चिमी दिल्ली के तिलक नगर स्थित एक अफ्रीकी किचन से लाई गई थी। जब इस किचन की तलाशी ली गई, तो वहां से 1.156 किलोग्राम क्रिस्टल मेथमफेटामाइन, 4.142 किलोग्राम अफगान हेरोइन और 5.776 किलोग्राम MDMA (एक्स्टसी पिल्स) बरामद हुए, जिनकी कुल अनुमानित कीमत 16.4 करोड़ रुपये है। इसके अतिरिक्त, ग्रेटर नोएडा में एक किराए के अपार्टमेंट की तलाशी के दौरान 389 ग्राम अफगान हेरोइन और 26 ग्राम कोकीन भी बरामद की गई।
जांच में पता चला कि यह गिरोह अफ्रीकी युवाओं को नशीले पदार्थों की तस्करी में शामिल होने में मदद करता था और उन्हें राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र और पंजाब के प्रमुख निजी विश्वविद्यालयों में दाखिला के लिए स्टूडेंट वीजा प्राप्त करने में मदद करता था। कुछ ऐसे छात्रों के मामले में, वीजा केवल भारत में रहने का एक माध्यम था, जबकि वे ड्रग्स की आपूर्ति और क्रिप्टो करेंसी के जरिए धन हासिल करने (Crypto Conversion) में सक्रिय रूप से लगे हुए थे। इसके अलावा, इस ड्रग सिंडिकेट के संपर्कों (Backward & forward linkages) की पहचान के लिए जांच जारी है।
यह जब्ती ड्रग नेटवर्क को खत्म करने के प्रति NCB की दृढ़ प्रतिबद्धता का उदाहरण है नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ लड़ाई में NCB नागरिकों का सहयोग चाहता है। कोई भी व्यक्ति MANAS – राष्ट्रीय नारकोटिक्स हेल्पलाइन के टोल-फ्री नंबर 1933 पर कॉल करके नशीले पदार्थों की बिक्री से जुड़ी जानकारी साझा कर सकता है।