केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने नकली खाद-बीज और कीटनाशकों के खिलाफ कार्रवाई के आदेश दिए
केंद्रीय कृषि और किसान कल्याण मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने नकली खाद-बीज और कीटनाशकों की बिक्री पर कड़ी कार्रवाई करने के लिए निर्देश दिए हैं। उन्होंने कृषि भवन में कृषि विभाग और भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक में इस विषय पर गहरी चिंता व्यक्त की। श्री चौहान ने कहा कि यह समस्या केवल एक या दो किसानों तक सीमित नहीं है, बल्कि सैकड़ों किसान इसके शिकार हो रहे हैं।
किसानों की समस्या को गंभीरता से लिया गया
मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि किसानों की फसलें खराब होने के कारण उनकी समस्याओं को गंभीरता से लिया जाए। उन्होंने बताया कि कई किसानों ने शिकायत की है कि उनके द्वारा डाली गई दवाइयों का असर नहीं हो रहा है, जिससे उनकी फसलें पूरी तरह से नष्ट हो रही हैं। केंद्रीय मंत्री ने सख्त शब्दों में कहा कि इस प्रकार की घटिया गुणवत्ता वाले खाद-बीज और कीटनाशकों की बिक्री करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
नकली खाद-बीज बेचने वालों के खिलाफ कार्रवाई
कृषि मंत्री ने अधिकारियों से आग्रह किया कि वे किसानों के खेतों में जाकर छापेमारी करें और नकली खाद-बीज और कीटनाशकों का सैंपल लें। उन्होंने कहा कि सैंपल फेल होने पर त्वरित कार्रवाई की जाए। केंद्रीय मंत्री ने यह भी निर्देश दिए कि यदि कोई कंपनी या निर्माता गड़बड़ी कर रहे हैं, तो उनके खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएं। श्री चौहान ने यह भी कहा कि यदि कहीं गड़बड़ी पाई जाती है, तो संबंधित फैक्ट्रियां और दुकानें सील कर दी जाएं।
कृषि योजनाओं का सही उपयोग सुनिश्चित करें
मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पॉली हाउस, ग्रीन हाउस और मैकेनाइजेशन के लिए केंद्र सरकार द्वारा दी जा रही सब्सिडी का सत्यापन करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि किसानों को इन योजनाओं का वास्तविक लाभ मिल रहा है।
किसानों की शिकायतों का त्वरित समाधान
केंद्रीय मंत्री ने किसानों की शिकायतों को प्राथमिकता देने और उनका जल्द समाधान करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही, उन्होंने राज्य सरकारों से अपील की कि वे किसानों के हित में प्रभावी कदम उठाएं और इस मुद्दे पर पूरी संवेदनशीलता के साथ कार्य करें।
जागरूकता अभियान का आह्वान
श्री शिवराज सिंह चौहान ने किसानों के बीच जागरूकता फैलाने का आह्वान किया ताकि वे नकली खाद, बीज और कीटनाशकों से बच सकें। उन्होंने कहा कि इस बारे में प्रचार-प्रसार किया जाए, ताकि किसान किसी भी धोखाधड़ी से बच सकें।