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केंद्रीय कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने संसदीय क्षेत्र के पदाधिकारियों के साथ बैठक की, किसानों और ग्रामीण विकास पर चर्चा

केंद्रीय कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने संसदीय क्षेत्र के पदाधिकारियों के साथ बैठक की, किसानों और ग्रामीण विकास पर चर्चा

केंद्रीय कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने संसदीय क्षेत्र में पदाधिकारियों के साथ बैठक की, किसानों और स्वास्थ्य सेवाओं पर चर्चा की और आगामी खेल महोत्सव की तैयारियों को लेकर दिशा-निर्देश दिए।

केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने आज भोपाल स्थित रविन्द्र भवन में अपने संसदीय क्षेत्र के पदाधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में उन्होंने क्षेत्र के विभिन्न मुद्दों, जैसे कि किसान कल्याण, ग्रामीण विकास, स्वास्थ्य सेवाओं और आगामी खेल महोत्सव की तैयारियों पर गहरी चर्चा की।

आगामी खेल महोत्सव की तैयारियों पर चर्चा

श्री शिवराज सिंह चौहान ने पदाधिकारियों से कहा कि खेल महोत्सव केवल एक प्रतियोगिता नहीं, बल्कि यह सामाजिक समरसता और युवा ऊर्जा का एक बड़ा मंच है। उन्होंने सभी को आयोजन को भव्य और व्यवस्थित बनाने के लिए जिम्मेदारी से कार्य करने का निर्देश दिया। इस बैठक में क्षेत्रीय पदाधिकारियों ने भी अपने सुझाव दिए, जिन पर आगे विचार किया जाएगा।

बीमारों का इलाज सर्वोच्च प्राथमिकता

केंद्रीय मंत्री ने बैठक में बताया कि उनकी सरकार के लिए पीड़ित मानवता की सेवा सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा, “यदि क्षेत्र के किसी नागरिक को गंभीर बीमारी होती है तो उसके इलाज की व्यवस्था हमारी जिम्मेदारी है।” उन्होंने स्वेच्छा अनुदान से कई जरूरतमंदों की मदद की जानकारी साझा की और कहा कि गंभीर बीमारी का इलाज करने के लिए वे अपने संसाधन जुटाकर किसी भी नागरिक की मदद करेंगे।

श्री चौहान ने एक उदाहरण भी दिया, जिसमें एक युवक को सड़क दुर्घटना में गंभीर चोटें आई थीं और उसे इलाज के लिए पैसे की जरूरत थी। उन्होंने बताया कि गांव वालों ने उस युवक का इलाज कराने के लिए 2 लाख रुपये से ज्यादा इकट्ठे किए, लेकिन जब उन्होंने इस बारे में सुना, तो वे दिल्ली से सीधे अस्पताल पहुंचे और आयुष्मान कार्ड के माध्यम से उसका इलाज कराया।

गरीब और किसानों की सेवा ही जीवन की असली सार्थकता

केंद्रीय मंत्री ने कहा, “गरीब, मध्यम वर्गीय और किसानों की सेवा करना ही जीवन की असली सार्थकता है।” उन्होंने आयुष्मान कार्ड की उपयोगिता पर भी प्रकाश डाला और कहा कि यह कार्ड सरकारी और निजी अस्पतालों में इलाज के लिए बहुत मददगार साबित हो सकता है। उन्होंने कहा कि यदि किसी के पास आयुष्मान कार्ड नहीं है, तो शिविर लगाकर इसे बनाया जाएगा और यदि जरूरत पड़ी तो स्वेच्छा अनुदान या अन्य माध्यमों से इलाज कराया जाएगा।

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