केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने FTA और कृषि संरक्षण पर दी स्पष्ट बात, IARI दीक्षांत समारोह में युवाओं को दी प्रेरणा
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने IARI 64वें दीक्षांत समारोह में FTA और व्यापार समझौतों में किसानों के हित सुरक्षित होने की जानकारी दी और युवाओं को कृषि में नेता बनने की प्रेरणा दी।
केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (IARI), नई दिल्ली के 64वें दीक्षांत समारोह में अपने उद्बोधन में देश की कृषि और किसानों की सुरक्षा पर जोर दिया। उन्होंने साफ संदेश दिया कि भारत की हर व्यापारिक समझौता (FTA) और अंतरराष्ट्रीय डील में किसानों के हित सर्वोपरि हैं और देश की प्रमुख फसलें, डेयरी व पोल्ट्री पूरी तरह संरक्षित हैं।
FTA और व्यापार समझौतों में किसानों का हित सुरक्षित
श्री चौहान ने बताया कि यूरोपियन यूनियन, अमेरिका और अन्य देशों के साथ हुए सभी मुक्त व्यापार समझौतों में भारत के किसानों के हितों की पूर्ण रक्षा की गई है। उन्होंने अफवाह फैलाने वाले आलोचकों को सीधे शब्दों में चुनौती दी और कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत के किसानों का हित हमेशा सुरक्षित रहेगा। गेहूँ, मक्का, चावल, सोया और अन्य प्रमुख अनाजों के साथ-साथ डेयरी और पोल्ट्री उत्पादों के लिए कोई समझौता हानिकारक नहीं होगा।
IARI: भारत की कृषि प्रगति का केंद्र
केंद्रीय मंत्री ने IARI को केवल शिक्षा का संस्थान नहीं, बल्कि भारतीय कृषि की प्रगति का प्राण केंद्र बताया। उन्होंने याद दिलाया कि हरित क्रांति की शुरुआत इसी संस्थान से हुई थी और देश खाद्यान्न संकट का समाधान इसी से प्राप्त करता रहा है।
युवाओं के लिए संदेश: Degree नहीं, Agriculture Leader
श्री चौहान ने स्नातकों से कहा, “आप केवल डिग्रीधारी नहीं, बल्कि भविष्य के कृषि-नेता हैं। आपकी खोजें आने वाली पीढ़ियों की थाली भरेंगी।” उन्होंने टिकाऊ, विज्ञान-आधारित और समावेशी कृषि मॉडल अपनाने तथा कृषि वृद्धि दर को 5 प्रतिशत बनाए रखने पर जोर दिया।
Lab to Land और नवाचार आधारित कृषि
केंद्रीय मंत्री ने जल-संरक्षण, माइक्रो-इरिगेशन, मृदा स्वास्थ्य संवर्धन, प्राकृतिक खेती, जैविक इनपुट, ड्रोन और AI-आधारित स्मार्ट कृषि तकनीकों का विस्तार करने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि शोध प्रयोगशालाओं में विकसित तकनीक सीधे खेत तक पहुँचनी चाहिए, जिससे किसानों की आय बढ़े और कृषि सशक्त बने।
Job Seeker नहीं, Job Creator
शिवराज सिंह चौहान ने युवाओं को प्रेरित किया कि वे केवल नौकरी ढूंढने वाले न बनें, बल्कि नौकरी देने वाले बने। उन्होंने एग्री-स्टार्टअप्स, वैल्यू एडिशन और डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से किसानों को बाजार से जोड़ने और भारत को कृषि निर्यात में अग्रणी बनाने का आह्वान किया।
समारोह में उपस्थिति और उपाधियाँ
समारोह में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री श्री भागीरथ चौधरी, श्री रामनाथ ठाकुर, ICAR के महानिदेशक डॉ. एम.एल. जाट, IARI के निदेशक डॉ. सी एच श्रीनिवास राव सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं और वैज्ञानिक उपस्थित थे। इस वर्ष कुल 470 विद्यार्थियों को उपाधियाँ प्रदान की गईं, जिनमें 290 MSc/MTech और 180 PhD छात्र शामिल हैं।
श्री चौहान ने यह स्पष्ट किया कि भारत की खाद्य सुरक्षा, किसानों की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता और पोषण सुरक्षा सुनिश्चित करना हर युवा कृषि स्नातक की जिम्मेदारी भी है।