अमित शाह ने ऋषिकेश में गीता प्रेस ‘कल्याण’ शताब्दी अंक विमोचन समारोह में संबोधित किया
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने ऋषिकेश में गीता प्रेस के मासिक पत्र ‘कल्याण’ के शताब्दी अंक का विमोचन किया और इसके इतिहास व भारतीय संस्कृति में योगदान को सराहा।
केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने आज ऋषिकेश में गीता प्रेस द्वारा प्रकाशित मासिक पत्र ‘कल्याण’ के शताब्दी अंक के विमोचन समारोह में भाग लिया और इसे संबोधित किया। इस अवसर पर उन्होंने लक्ष्मीनारायण मंदिर और मां गंगा के दर्शन और पूजन भी किया। समारोह में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
श्री अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत की नीतियों के मूल आधार में भारतीय संस्कृति और सनातन मूल्यों को पुनर्स्थापित करने का महत्वपूर्ण कार्य जारी है। उन्होंने गीता प्रेस को सनातन चेतना के प्रचार और भारतीय संस्कृति को संजोने वाला संस्थान बताते हुए कहा कि यह मुनाफे के लिए नहीं, बल्कि पीढ़ियों के निर्माण के लिए कार्य करता है।
उन्होंने विशेष रूप से पूज्य हनुमान प्रसाद पोद्दार जी का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने अपने सम्पूर्ण जीवन को गीता प्रेस और सनातन धर्म के लिए समर्पित किया। श्री शाह ने कहा कि गीता प्रेस ने करोड़ों लोगों को भक्ति और आध्यात्मिक ज्ञान से जोड़ने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
कल्याण पत्रिका: भारतीय संस्कृति का प्रकाशस्तंभ
श्री शाह ने कहा कि ‘कल्याण’ पत्रिका ने 100 वर्षों से सनातन धर्म और भारतीय संस्कृति के सत्य और सत्व को उजागर किया है। उन्होंने बताया कि कल्याण ने संकट के समय भी भारतीय संस्कृति के दीप को जलाए रखा और सनातन धर्म के अनुयायियों की सज्जन शक्ति को संगठित किया।
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उन्होंने कहा कि गीता प्रेस ने कभी विज्ञापन या मुनाफे के लिए काम नहीं किया। इसके उद्देश्य हमेशा चरित्र निर्माण, राष्ट्र निर्माण और ज्ञान का प्रसार रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि कल्याण ने अपने प्रत्येक अंक में भारतीय संस्कृति, योग, धर्म और नैतिकता को समर्पित किया।
इतिहास और योगदान
श्री शाह ने उल्लेख किया कि 1932 में कल्याण ने श्री कृष्ण के जीवन पर विशेष अंक प्रकाशित किया और 1936 में योग अंक के माध्यम से योग के स्वरूप और प्रणालियों की व्याख्या की। स्वतंत्रता के बाद पहला नारी अंक और 1950 में हिंदू संस्कृति अंक प्रकाशित हुआ। उन्होंने कहा कि कल्याण ने हमेशा भारतीय मूल्यों और संस्कृति को नीतियों और विचारों के केंद्र में रखा।
श्री शाह ने कहा कि आज गीता प्रेस और कल्याण ने सनातन धर्म की लौ को बनाए रखने और भारतीय संस्कृति की मजबूती में अनमोल योगदान दिया है। उन्होंने इसे ज्ञान, शांति और तर्क के माध्यम से सभ्यता का संरक्षण बताया।
संस्कृति और राष्ट्रीय गौरव
केंद्रीय मंत्री ने देशभर में रामलला मंदिर, काशी विश्वनाथ कॉरिडोर, सोमनाथ मंदिर, केदारनाथ पुनर्निर्माण और बद्रीधाम विकास का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के 11 साल के कार्यकाल में युवाओं में सांस्कृतिक और नैतिक जागरूकता बढ़ी है। उन्होंने भारत द्वारा विदेशों से वापस लायी गई मूर्तियों और भारतीय संस्कृति के संरक्षण का भी उल्लेख किया।
श्री शाह ने कहा कि गीता प्रेस और कल्याण जैसी संस्थाओं ने कठिन समय में सनातन धर्म, सत्व और संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन में अद्वितीय योगदान दिया है।