रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कानपुर स्थित डीआरडीओ प्रयोगशाला का दौरा, अत्याधुनिक रक्षा सामग्री अनुसंधान का किया अवलोकन
रक्षा सामग्री एवं नवाचारों का प्रदर्शन
रक्षा मंत्री को डीएमएसआरडीई के निदेशक द्वारा प्रयोगशाला के विजन, मिशन और चार्टर के बारे में जानकारी दी गई। इस अवसर पर रक्षा सामग्री, प्रौद्योगिकी और उत्पादों का प्रदर्शन किया गया, जिसमें सिरेमिक और सिरेमिक मैट्रिक्स कंपोजिट, स्टील्थ और कैमोफ्लेज़ सामग्री, नैनो सामग्री, कोटिंग्स, पॉलिमर और रबर, ईंधन और लुब्रिकेंट्स, तकनीकी वस्त्र और व्यक्तिगत सुरक्षा प्रणालियाँ शामिल थीं।
महत्वपूर्ण रक्षा उत्पादों की सराहना
रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह ने बुलेटप्रूफ जैकेट (स्तर-6), ब्रह्मोस मिसाइल के लिए नैफ्थिल ईंधन, भारतीय तटरक्षक जहाजों के लिए उच्च दाब पॉलीमेरिक मेंब्रेन, सिलिकॉन कार्बाइड फाइबर, सक्रिय कार्बन फैब्रिक-आधारित रासायनिक, जैविक, रेडियोलॉजिकल और परमाणु सूट और विभिन्न स्टील्थ उत्पादों के सफल निर्माण के लिए डीएमएसआरडीई के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि प्रौद्योगिकी का विकास हमेशा अंतिम उपयोगकर्ता की आवश्यकताओं के अनुरूप होना चाहिए।
आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य की ओर बढ़ते कदम
रक्षा मंत्री ने ‘आत्मनिर्भर भारत’ के लक्ष्य को हासिल करने के लिए डीएमएसआरडीई की सराहना की। उन्होंने पिछले दो वर्षों में प्रौद्योगिकी हस्तांतरण की महत्वपूर्ण प्रक्रिया और रक्षा उत्पादों की निर्यात संभावनाओं की पहचान करने पर जोर दिया। उन्होंने डीटीटीसी, लखनऊ में एमएसएमई और उद्योगों के बीच संवाद बढ़ाने की आवश्यकता को रेखांकित किया।
उद्योग और शिक्षा क्षेत्र के तालमेल की सराहना
श्री राजनाथ सिंह ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत@2047 के सपने को साकार करने में उद्योग और शिक्षा क्षेत्र के साथ डीएमएसआरडीई के बढ़ते तालमेल की सराहना की।
पूर्व राष्ट्रपति डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम को श्रद्धांजलि
रक्षा मंत्री ने इससे पहले पूर्व राष्ट्रपति भारत रत्न डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की। इस अवसर पर रक्षा विभाग (अनुसंधान एवं विकास) के सचिव और डीआरडीओ के अध्यक्ष डॉ. समीर वी. कामत ने श्री राजनाथ सिंह का स्वागत किया।