राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने फुटवियर डिज़ाइन एंड डेवलपमेंट इंस्टीट्यूट के स्नातकों को प्रमाणपत्र दिए, केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने वैश्विक अवसरों का जिक्र किया
राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने फुटवियर डिज़ाइन एंड डेवलपमेंट इंस्टिट्यूट के स्नातकों को प्रमाणपत्र दिए। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने वैश्विक अवसरों पर चर्चा की और स्वदेशी उत्पादों को अपनाने की अपील की।
राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने आज फुटवियर डिज़ाइन एंड डेवलपमेंट इंस्टीट्यूट (एफडीडीआई) के दीक्षांत समारोह में 500 से अधिक स्नातकों को प्रमाणपत्र प्रदान किए। इस अवसर पर केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री श्री पीयूष गोयल ने छात्रों को कारीगरों, उद्योग और उपभोक्ताओं से जुड़ने की अपील की, साथ ही उद्योग में गुणवत्ता, नैतिकता बनाए रखने और स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने का आग्रह किया।
एफडीडीआई का महत्व और वैश्विक भूमिका
राष्ट्रपति ने एफडीडीआई को 2017 में राष्ट्रीय महत्व का संस्थान घोषित किए जाने की याद दिलाई और कहा कि भारत दुनिया में फुटवियर उत्पादन और खपत में दूसरे स्थान पर है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि ये स्नातक भारत में स्टार्टअप्स शुरू करेंगे, जिससे निर्यात बढ़ेगा, रोजगार के अवसर सृजित होंगे और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में वृद्धि होगी।
ग्लोबल अवसरों पर चर्चा
केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने छात्रों को बधाई दी और उन्हें वैश्विक अवसरों के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि भारत कई विकसित देशों के साथ मुक्त व्यापार समझौते कर रहा है, जिससे एफडीडीआई स्नातकों के लिए नए अवसर खुलेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि भारत में फुटवियर, लेदर और लाइफस्टाइल उत्पादों की बेहतरीन कारीगरी और वैश्विक मांग को देखते हुए, यह क्षेत्र घरेलू और वैश्विक स्तर पर तेजी से बढ़ेगा।
स्नातकों को महत्वपूर्ण सुझाव
श्री गोयल ने स्नातकों को पेशेवर दुनिया में कदम रखते हुए पांच महत्वपूर्ण सुझाव दिए:
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गांवों से जुड़ें: उन्होंने स्नातकों से गांवों में समय बिताने और लोकल कारीगरी से जुड़ने की अपील की, ताकि वे नए दृष्टिकोण और नवाचार को बढ़ावा दे सकें। उन्होंने इस वर्ष की शुरुआत में राष्ट्रपति मुर्मु की सलाह का उल्लेख किया, जिसमें उन्होंने विद्यार्थियों को ग्रामीण क्षेत्रों में समय बिताने के लिए प्रेरित किया था।
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ब्लू-ओशन अवसरों की तलाश करें: उन्होंने स्नातकों से वैश्विक बाजार में अनछुए हिस्सों की पहचान करने का आग्रह किया, और फैशनेबल उत्पादों के लिए नए सेगमेंट तैयार करने की बात की।
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उत्पादों की गुणवत्ता बनाए रखें: श्री गोयल ने छात्रों को बेहतरीन गुणवत्ता वाले उत्पाद बनाने के लिए प्रेरित किया, जो न केवल टिकाऊ और उच्च गुणवत्ता वाले हों, बल्कि भारतीय कच्चे माल से बनाए गए हों।
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नैतिकता और सुरक्षा: उन्होंने गुणवत्ता, नैतिकता और सुरक्षा के उच्चतम मानकों को बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर दिया।
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स्वदेशी अपनाने का महत्व: मंत्री ने विद्यार्थियों को स्वदेशी उत्पादों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया और बताया कि यह भारत को आत्मनिर्भर बनने में मदद करेगा।
आर्थिक वृद्धि और भविष्य की दिशा
श्री गोयल ने कहा कि भारत पिछले चार वर्षों से दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्था रहा है, और भविष्य में इस क्षेत्र में वृद्धि की अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे भारत 4 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था से 2047 तक 30 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने की ओर बढ़ रहा है, इस क्षेत्र में विशाल अवसर पैदा होंगे।
प्रधानमंत्री मोदी की दृष्टि
श्री गोयल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एक उद्धरण के साथ अपनी बात समाप्त की, जिसमें प्रधानमंत्री ने युवाओं की क्षमता पर भरोसा जताते हुए कहा था कि 2047 तक भारत का इतिहास युवाओं के योगदान से सबसे महत्वपूर्ण होगा। उन्होंने स्नातकों से अपनी पहचान बनाने, देश को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाने और विकसित भारत की यात्रा का हिस्सा बनने की अपील की।