गुरुग्राम में जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान, नजफगढ़ ड्रेन के अतिरिक्त एक और विकल्प पर काम शुरू
केंद्रीय विद्युत एवं आवास और शहरी कार्य मंत्री श्री मनोहर लाल ने गुरुग्राम में जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान के लिए एक महत्वपूर्ण घोषणा की। उन्होंने बताया कि गुरुग्राम शहर से पलवल तक एक नई ड्रेन बनाई जाएगी, जो शहर से वर्षा का पानी लेकर यमुना नदी तक पहुंचेगी।
पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाऊस में अधिकारियों के साथ आयोजित बैठक में श्री मनोहर लाल ने कहा कि नजफगढ़ ड्रेन से वर्षा का पानी यमुना तक पहुंचता है, लेकिन उसकी क्षमता अब सीमित हो चुकी है। ऐसे में गुरुग्राम शहर के जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान के लिए हमें नये विकल्पों पर काम करना जरूरी था। इसके तहत एक नई ड्रेन गुरुग्राम से सोहना, नूंह और पलवल जिलों से होते हुए यमुना तक बनाई जाएगी।
एक महीने में रिपोर्ट तैयार करने का निर्देश
बैठक में श्री मनोहर लाल ने अधिकारियों से कहा कि ड्रेन के मार्ग का व्यापक अध्ययन किया जाए और भौगोलिक परिस्थितियों का ध्यान रखते हुए आवश्यक सुझाव दिए जाएं। उन्होंने सिंचाई विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया कि GMDA और सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग मिलकर इस परियोजना पर एक विस्तृत अध्ययन रिपोर्ट तैयार करें, जो एक महीने के भीतर पूरी की जाए और आगामी एनसीआर प्लानिंग बोर्ड की बैठक में पेश की जाए।
इसके अलावा, उन्होंने 15 दिन के भीतर परियोजना की प्रगति की समीक्षा करने का भी आदेश दिया और गुरुग्राम व आस-पास की सरकारी भूमि पर जलाशयों की रिपोर्ट तैयार करने का निर्देश दिया।
नूंह जिले के लिए भी होगा फायदेमंद
बैठक में उद्योग और वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह ने भी अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि यह परियोजना न केवल गुरुग्राम में जलभराव का स्थायी समाधान प्रदान करेगी, बल्कि नूंह जिले में पानी की उपलब्धता भी सुनिश्चित करेगी, जिसका उपयोग कृषि कार्यों में किया जा सकेगा। साथ ही, नजफगढ़ ड्रेन पर दबाव कम होगा।