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भारत-यूएई सीईपीए को मजबूत करने के लिए द्विपक्षीय बैठक, 2030 तक 100 अरब अमेरिकी डॉलर का लक्ष्य

भारत-यूएई सीईपीए को मजबूत करने के लिए द्विपक्षीय बैठक, 2030 तक 100 अरब अमेरिकी डॉलर का लक्ष्य

भारत और यूएई ने सीईपीए की समीक्षा की, 2030 तक 100 अरब डॉलर के व्यापार लक्ष्य पर चर्चा की, खाद्य, फार्मा, और नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर जोर।

केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री पीयूष गोयल ने 29 अगस्त 2025 को संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के विदेश व्यापार मंत्री महामहिम डॉ. थानी बिन अहमद अल ज़ायौदी के साथ द्विपक्षीय बैठक की। इस बैठक में दोनों मंत्रियों ने भारत-यूएई व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौते (सीईपीए) के तहत व्यापार संबंधों को और मजबूत करने पर चर्चा की। बैठक में सीईपीए के तहत 2030 तक 100 अरब अमेरिकी डॉलर के गैर-तेल व्यापार का लक्ष्य निर्धारित किया गया।

भारत और यूएई के व्यापार सहयोग को बढ़ावा देने के लिए नए कदम

बैठक में दोनों देशों ने नवीकरणीय ऊर्जा, डिजिटल अवसंरचना, आपूर्ति श्रृंखला, और स्वास्थ्य सेवा जैसे उभरते क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया। इसके अलावा, व्यापार डेटा के आदान-प्रदान को और तेज करने के लिए कदम उठाने की बात की गई, और यह तय किया गया कि सेवाओं पर उप-समिति की बैठक जल्द आयोजित की जाएगी। श्री गोयल ने भारतीय दवा कंपनियों के लिए यूएई में स्थापित अमीरात औषधि प्रतिष्ठान की सराहना की, जो भारतीय दवाओं के लिए समस्याओं को हल करने में मदद करेगा।

भारत-यूएई व्यापार संबंधों को नया आयाम

यूएई में भारतीय निवेश को बढ़ावा देने के साथ-साथ भारत के बुनियादी ढांचे, लॉजिस्टिक्स और खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्रों में संयुक्त अरब अमीरात के बढ़ते निवेश पर भी चर्चा की गई। दोनों पक्षों ने स्थानीय मुद्रा निपटान प्रणाली (आईएनआर-एईडी) और भारत मार्ट जैसी पहलाओं के महत्व पर भी बल दिया।

भारत गल्फ फूड 2026 में प्रदर्शन करेगा

आने वाले गल्फ फूड 2026 में भारत को भागीदार देश के रूप में प्रदर्शित किया जाएगा। भारत 1200 वर्ग मीटर से अधिक के प्रदर्शनी स्थल पर फूड, मरीन, चाय, कॉफी और मसाले जैसी उत्पादों को प्रदर्शित करेगा। इस अवसर पर एपीडा ने खाद्य और कृषि प्रौद्योगिकी स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने के लिए एक नई योजना शुरू की है, जिससे 100 से ज्यादा कंपनियों को विस्तार और B2B गठजोड़ में मदद मिलेगी।

भारत-यूएई साझेदारी का भविष्य

श्री गोयल ने भारत की मजबूत आर्थिक वृद्धि की बात की और 2027 तक 5 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने का लक्ष्य दोहराया। उन्होंने कराधान, व्यापार नीति, और विनियामक सरलीकरण में सुधार को भारत की समृद्धि और स्थिरता बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण बताया। डॉ. थानी बिन अहमद अल ज़ायौदी ने इस बात पर जोर दिया कि भारत-यूएई साझेदारी विकास के एक मजबूत वाहक के रूप में उभरी है और यह साझेदारी भविष्य में और मजबूत होगी।

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