हरियाणा के ऊर्जा मंत्री अनिल विज का बड़ा बयान: भारत का 2030 तक 500 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा लक्ष्य
हरियाणा के ऊर्जा मंत्री श्री अनिल विज ने भारत की नवीकरणीय ऊर्जा नीति और हरियाणा की नवीकरणीय ऊर्जा उपलब्धियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि भारत ने 2030 तक 500 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता हासिल करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा ग्लासगो में सीओपी-26 सम्मेलन में घोषित पंचामृत लक्ष्यों को पूरा करने की प्रतिबद्धता जताई है, जिनमें 2030 तक 500 गीगावाट गैर-जीवाश्म ऊर्जा क्षमता, ऊर्जा की 50 प्रतिशत जरूरतें नवीकरणीय स्रोतों से पूरी करना और 1 बिलियन टन कार्बन उत्सर्जन घटाना शामिल है।
भारत की ग्रीन एनर्जी पहल में हरियाणा की भूमिका
श्री विज ने कहा कि भारत को 2047 तक एक विकसित राष्ट्र बनाने के लिए ग्रीन एनर्जी की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि हरियाणा राज्य पहले ही 2.1 गीगावाट से अधिक सोलर ऊर्जा क्षमता स्थापित कर चुका है और राज्य में रूफटॉप सोलर इंस्टॉलेशन की गति में लगातार वृद्धि हो रही है। पीएम-कुसुम योजना के तहत हरियाणा में 1.65 लाख से अधिक सोलर पंप किसानों को वितरित किए गए हैं, जिससे कृषि क्षेत्र में लागत कम करने और उत्सर्जन घटाने में मदद मिली है।
भारत की नवीकरणीय ऊर्जा उपलब्धियां
भारत के नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व की भूमिका को उजागर करते हुए, श्री विज ने बताया कि भारत अब 120 से अधिक देशों को “वन सन, वन वर्ल्ड, वन ग्रिड” के विजन से जोड़ने में सफल हो चुका है। उन्होंने बताया कि भारत की सौर ऊर्जा क्षमता 2025 तक 119 गीगावाट तक पहुँच जाएगी, जिससे यह दुनिया के शीर्ष पांच देशों में शामिल होगा। साथ ही, भारत ने 2030 तक 5 मिलियन टन ग्रीन हाइड्रोजन उत्पादन का लक्ष्य रखा है और राष्ट्रीय ग्रीन हाइड्रोजन मिशन की शुरुआत की है।
हरियाणा की सौर ऊर्जा परियोजनाएं
हरियाणा ने अपनी सौर ऊर्जा परियोजनाओं के माध्यम से महत्वपूर्ण उपलब्धियाँ हासिल की हैं। राज्य में पानीपत में 10 मेगावाट का सोलर प्लांट स्थापित किया गया है, साथ ही 448 मेगावाट ग्राउंड-माउंटेड सोलर प्रोजेक्ट्स और 13 सोलर पार्क की स्वीकृति दी गई है। जुलाई 2025 तक, हरियाणा की कुल नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता 6,264 मेगावाट तक पहुँचने का अनुमान है। राज्य ने सरकारी स्कूलों और अस्पतालों में रूफटॉप सोलर इंस्टॉलेशन की प्रक्रिया भी शुरू की है।
ग्रीन हाइड्रोजन और बायोमास में हरियाणा की पहल
हरियाणा ने ग्रीन हाइड्रोजन मिशन के तहत भी महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। राज्य ने 2030 तक 250 केटीपीए ग्रीन हाइड्रोजन उत्पादन और 2 गीगावाट इलेक्ट्रोलाइज़र निर्माण क्षमता का लक्ष्य तय किया है। इसके अलावा, राज्य कृषि प्रधान होने के कारण बायोमास प्रोजेक्ट्स में भी प्रगति कर रहा है। राज्य प्रतिवर्ष लगभग 70 लाख टन धान की पराली उत्पन्न करता है, जिसमें से 30 लाख टन का उपयोग बायोमास प्रोजेक्ट्स के तहत किया जाता है।
वैश्विक सहयोग और निवेश को बढ़ावा
बैठक के दौरान, श्री विज ने कहा कि वैश्विक प्रगति के लिए वैज्ञानिक अनुसंधान और श्रेष्ठ प्रथाओं का आदान-प्रदान अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने फिलीपींस के द्वीपों पर ऊर्जा उत्पादन के अनूठे मॉडल का उल्लेख किया और उम्मीद जताई कि फिलीपींस भारत में निवेश बढ़ाएगा ताकि गांवों को स्वच्छ और सस्ती ऊर्जा मिल सके।
स्मार्ट सोलर सिस्टम्स और ग्रीन एनर्जी का भविष्य
फिलीपींस से आए प्रतिनिधिमंडल ने ग्रीन एनर्जी, जलवायु परिवर्तन, स्मार्ट यूटिलिटी नेटवर्क्स और डिजिटलीकरण पर अपने विचार साझा किए। सुश्री जेनी लिन ग्रानाडोस मानो ने बताया कि उनकी कंपनी “पीपल-प्लैनेट-पर्पस” के सिद्धांत पर काम करती है, और उनकी दृष्टि ऊर्जा क्षेत्र को अर्थव्यवस्था की रीढ़ मानती है।
भारत के नेट ज़ीरो लक्ष्य को लेकर अनिल विज की प्रतिबद्धता
श्री विज ने अंत में कहा कि भारत और हरियाणा का साझा लक्ष्य है कि 2070 तक नेट ज़ीरो उत्सर्जन प्राप्त किया जाए। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए ग्रीन एनर्जी, नवीकरणीय ऊर्जा और संबंधित तकनीकों में निवेश और सहयोग को बढ़ावा देना आवश्यक है।