Haryana News: जल विवाद पर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में हुई सर्वदलीय बैठक
Haryana News: प्रस्ताव में, पंजाब सरकार से बीबीएमबी की तकनीकी समिति तथा बीबीएमबी बोर्ड के फैसलों को बिना शर्त लागू करने और हरियाणा के हिस्से पर लगाई गई अमानवीय एवं असंवैधानिक रोक को तुरंत हटाने का किया गया आग्रह
Haryana News: हरियाणा और पंजाब के मध्य चल रहे जल विवाद पर आज मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में सर्वदलीय बैठक हुई, जिसमें हरियाणा के हितों की सुरक्षा के लिए सर्वसम्मति से प्रस्ताव पास करके पंजाब सरकार से आग्रह किया गया कि बीबीएमबी की तकनीकी समिति के 23 अप्रैल, 2025 के तथा बीबीएमबी बोर्ड के 30 अप्रैल, 2025 के फैसलों को बिना शर्त लागू किया जाए। हरियाणा को मिलने वाले पानी के हिस्से पर लगाई गई अमानवीय, अनुचित, अवैध एवं असंवैधानिक रोक को तुरंत हटाया जाए।
सर्वदलीय बैठक में कैबिनेट मंत्री श्री अनिल विज, श्री रणबीर गंगवा, श्री श्याम सिंह राणा, श्रीमती श्रुति चौधरी, बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष श्री मोहन लाल बडौली, कांग्रेस पार्टी की ओर से पूर्व मुख्यमंत्री श्री भूपेन्द्र सिंह हुड्डा, कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष श्री उदयभान, इनेलो पार्टी की ओर से प्रदेश अध्यक्ष श्री रामपाल माजरा व विधायक श्री आदित्य देवीलाल, जजपा पार्टी की ओर से पूर्व उपमुख्यमंत्री श्री दुष्यंत चौटाला व पूर्व विधायक श्री अमरजीत ढांडा, आम आदमी पार्टी से श्री सुशील गुप्ता, बीएसपी से श्री कृष्ण जमालपुर, सीपीआई (एम) से श्री ओमप्रकाश और मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव श्री राजेश खुल्लर मौजूद रहे।
बैठक के दौरान मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी ने पिछले 10 सालों के आंकड़े प्रस्तुत कर जल वितरण की जानकारी सांझा की। इसके बाद सभी नेताओं ने विस्तार से चर्चा की। बैठक के दौरान सभी नेताओं ने हरियाणा में पीने के पानी के संबंध में उभरे जल संकट पर चिंता व्यक्त की और पंजाब द्वारा हरियाणा के हिस्से के पानी को रोकने को असंवैधानिक बताया।
सभी नेताओं ने कहा कि पंजाब सरकार तथ्यों को तोड़—मरोड़ कर भ्रामक प्रचार कर रही है। हरियाणा कोई अतिरिक्त पानी की मांग नहीं कर रहा है और न ही पंजाब के हिस्से का पानी मांग रहा है। हरियाणा तो उसे हर साल मिलने वाले पानी के अपने हिस्से को पूरा देने की मांग कर रहा है, जोकि अभी पंजाब द्वारा गैर-कानूनी तरीके से रोक दिया गया है। पंजाब के मुख्यमंत्री का कहना कि हरियाणा ने अपने कोटे का पूरा पानी इस्तेमाल कर लिया है, यह प्रचार भी गलत है। वास्तविकता यह है कि डैम के पानी में कोई कोटा नहीं होता, बल्कि डैम में पानी की उपलब्धता के आधार पर राज्यों को पानी का वितरण तय किया जाता है। हरियाणा द्वारा अपने पानी के हिस्से को पूरा मांगने से न तो पंजाब का पानी कम हो रहा है और न ही डैम में पानी कम हो रहा है। सभी नेताओं ने एक मत से कहा कि हरियाणा की जनता के हित में और उसके हिस्से का पूरा पानी लेने के लिए हम हरियाणा सरकार के साथ हैं।
पिछले 10 सालों में पंजाब व हरियाणा को दिए गए पानी का ब्यौरा देते हुए श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि पंजाब ने हर साल अपने हिस्से से काफी ज्यादा पानी का उपयोग किया है।