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हरियाणा शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा: राष्ट्रीय शिक्षा नीति का लक्ष्य छात्रों को ज्ञान के साथ कौशल देना है

हरियाणा शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा: राष्ट्रीय शिक्षा नीति का लक्ष्य छात्रों को ज्ञान के साथ कौशल देना है

हरियाणा में शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने गुरुग्राम यूनिवर्सिटी में NEP 2020 की समीक्षा करते हुए छात्रों को स्किल-बेस्ड शिक्षा देने पर जोर दिया। जानें कैसे हरियाणा 2025 तक राष्ट्रीय शिक्षा नीति को पूरी तरह लागू करने की दिशा में अग्रसर है।

हरियाणा के शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) का उद्देश्य छात्रों को सिर्फ किताबी ज्ञान नहीं, बल्कि व्यावसायिक कौशल देना भी है, जिससे वे नौकरी के लिए तैयार हो सकें। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के “विकसित भारत 2047” के विजन को साकार करने में एनईपी एक मजबूत आधार साबित होगी।

गुरुग्राम यूनिवर्सिटी में NEP 2020 की समीक्षा बैठक

गुरुग्राम यूनिवर्सिटी में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान शिक्षा मंत्री ने NEP 2020 के क्रियान्वयन की प्रगति का मूल्यांकन किया। इस बैठक में वाइस चांसलर प्रो. संजय कौशिक, मुख्यमंत्री के ओएसडी राज नेहरू, कुलसचिव संजय अरोड़ा, और सभी डीन व चेयरपर्सन मौजूद रहे।

छात्रों के समग्र विकास पर ज़ोर

शिक्षा मंत्री ने शिक्षकों से कहा कि वे केवल शैक्षणिक ज्ञान देने तक सीमित न रहें, बल्कि छात्रों को करियर मार्गदर्शन, उद्योग के लिए तैयार करना, और व्यावहारिक अनुभव देने में भी योगदान दें। उन्होंने यह भी जाना कि कितने छात्र किस विभाग में पढ़ रहे हैं और उनकी करियर योजना कैसी है।

गुरुग्राम यूनिवर्सिटी में NEP प्रभावी रूप से लागू

यूनिवर्सिटी प्रशासन ने बताया कि संस्थान में क्रेडिट आधारित पाठ्यक्रम, मल्टीपल एंट्री-एग्जिट प्रणाली, इंटरडिसिप्लिनरी लर्निंग, इन्क्यूबेशन सेंटर, इंटर्नशिप, और स्किल-बेस्ड ट्रेनिंग जैसे प्रमुख प्रावधानों को लागू किया जा चुका है। साथ ही, छात्रों के लिए प्लेसमेंट और करियर काउंसलिंग की सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है।

उद्योगों से साझेदारी की सलाह

श्री ढांडा ने शिक्षकों को सुझाव दिया कि वे बड़ी इंडस्ट्रीज से MOU करें, जिससे छात्रों को पढ़ाई के साथ ही इंडस्ट्री एक्सपोजर मिल सके और वे सीधे रोजगार के लिए तैयार हो सकें। उन्होंने कहा कि हरियाणा का लक्ष्य है कि वह 2025 तक पूर्ण रूप से NEP लागू करने वाला देश का पहला राज्य बने।

पर्यावरण के प्रति जागरूकता

इस अवसर पर शिक्षा मंत्री ने विश्वविद्यालय परिसर में पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।

नवाचार और रोजगार उन्मुख शिक्षा पर बल

वाइस चांसलर प्रो. कौशिक ने कहा कि एनईपी छात्रों को नवाचार और सृजनात्मकता के अवसर प्रदान करती है। वहीं, सीएम के ओएसडी राज नेहरू ने सुझाव दिया कि विश्वविद्यालयों को उद्योगों के साथ मिलकर ऐसे कोर्स तैयार करने चाहिए जो उनकी जरूरतों पर आधारित हों, जिससे छात्रों को शिक्षा के बाद तुरंत रोजगार के अवसर मिल सकें।

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