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मुख्यमंत्री सैनी ने मॉनसून सीजन को लेकर की तैयारियों की समीक्षा

मुख्यमंत्री सैनी ने मॉनसून सीजन को लेकर की तैयारियों की समीक्षा

मुख्यमंत्री सैनी ने बरसाती पानी की निकासी के लिए पर्याप्त पंपों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए

हरियाणा के मुख्यमंत्री सैनी ने मौजूदा मॉनसून सीजन के मद्देनजर अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी ड्रेनों की पूरी तरह सफाई सुनिश्चित की जाए और ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में जलभराव की समस्या से बचने के लिए प्रभावी जल निकासी प्रणाली सुनिश्चित की जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि बरसाती पानी के त्वरित निकासी के लिए पर्याप्त संख्या में पंपों की व्यवस्था की जाए।

मुख्यमंत्री सैनी ने यह निर्देश आज यहां वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी उपायुक्तों के साथ समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए दिए।

मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि आगामी दिनों में भारी बारिश की संभावना को देखते हुए सभी उपायुक्त अपने-अपने जिलों में बारिश के पानी की निकासी के लिए आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित करें, ताकि आमजन को किसी प्रकार की परेशानी न हो। उन्होंने उपायुक्तों को जलभराव के संभावित स्थानों की पहचान कर तदनुसार उचित कार्रवाई करने के भी निर्देश दिए।

बरसाती पानी की निकासी के लिए पर्याप्त पंपों की उपलब्धता करें सुनिश्चित- मुख्यमंत्री सैनी

बैठक में मुख्यमंत्री ने प्रत्येक जिले में उपलब्ध पंपों की संख्या की जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी पंपों को पूरी तरह चालू स्थिति में रखा जाए ताकि वर्षा जल की निकासी में कोई समस्या न हो। साथ ही उन्होंने सभी उपायुक्तों को अपने जिलों में सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग, शहरी स्थानीय निकाय, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग तथा हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) के पास उपलब्ध पंपों की विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए, ताकि आवश्यकता पड़ने पर उनका समुचित उपयोग किया जा सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी उपायुक्त निर्धारित प्रारूप में पंपों की उपलब्धता से संबंधित जानकारी पोर्टल पर अपलोड करें। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि पंप सेटों की निर्बाध संचालन के लिए बिजली बैकअप की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में जलभराव रोकने के लिए प्रभावी जल निकासी प्रणाली करें सुनिश्चित

ड्रेनों की सफाई की प्रगति की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि विशेष रूप से नगरों एवं शहरों से गुजरने वाले ड्रेनों की समुचित सफाई की जाए ताकि ओवरफ्लो की समस्या उत्पन्न न हो सके। उन्होंने फरीदाबाद में गौंछी ड्रेन को कवर करने की संभावना तलाशने और राज्य की अन्य ड्रेनों के लिए भी इसी प्रकार की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि ड्रेनों का सौंदर्यीकरण किया जाना चाहिए और जाल लगाकर इनमें कचरा डालने से रोका जाए।

बाढ़ की तैयारियों के लिए प्रत्येक जिले को 4.50 लाख रुपये तथा जल निकासी कार्यों के लिए जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग को 50 लाख रुपये आवंटित

बैठक में मुख्यमंत्री ने विभिन्न सड़कों, पुलों के निर्माण तथा जल निकासी के लिए भूमिगत पाइपलाइन बिछाने की प्रगति की भी समीक्षा की। बैठक में बताया गया कि बाढ़ की तैयारियों के लिए प्रत्येक जिले को 4.50 लाख रुपये की राशि आवंटित की गई है। इसके अतिरिक्त, जल निकासी कार्यों के लिए जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग को 50 लाख रुपये दिए गए हैं। आवश्यकता पड़ने पर राज्य आपदा प्रबंधन कोष के तहत अतिरिक्त धनराशि भी आवंटित की जा सकती है।

मुख्यमंत्री ने उपायुक्तों को मानसून सीजन के दौरान दूषित पानी के कारण होने वाली तथा वेक्टर जनित रोगों की रोकथाम के लिए उपयुक्त कदम उठाने के भी निर्देश दिए।

राज्य सरकार का प्रयास प्रत्येक पात्र लाभार्थी को मिले सरकारी योजनाओं का लाभ

मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने उपायुक्तों को निर्देश दिए कि समाधान शिविरों के दौरान प्राप्त शिकायतों का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का यह निरंतर प्रयास है कि प्रत्येक पात्र लाभार्थी तक सरकारी योजनाओं का लाभ समय पर पहुँचे। उन्होंने कहा कि जिन मामलों में आवेदन खारिज किया जाता है, वहां जनता की संतुष्टि के लिए आवेदक को स्पष्ट और विशिष्ट कारण बताए जाएं। यदि नीतिगत बाधा के कारण किसी विषय का समाधान नहीं हो पा रहा है, तो उपायुक्त उचित कार्रवाई के लिए आवेदन को मुख्य सचिव कार्यालय को भेजें।

बैठक में मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी, मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव श्री राजेश खुल्लर, गृह विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ सुमिता मिश्रा, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री अरुण गुप्ता, पुलिस महानिदेशक श्री शत्रुजीत कपूर, हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अध्यक्ष श्री विनीत गर्ग, सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री अनुराग अग्रवाल, पंचकूला महानगर विकास प्राधिकरण (पीएमडीए) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री के. मकरंद पांडुरंग, डिपार्टमेंट ऑफ फ्यूचर के निदेशक डॉ. आदित्य दहिया, निगरानी एवं समन्वय विभाग की विशेष सचिव डॉ. प्रियंका सोनी सहित विभिन्न विभागों के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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