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मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी: यमुना नदी की सफाई के लिए संयुक्त कमेटी गठित करेगी हरियाणा और दिल्ली सरकार

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी: यमुना नदी की सफाई के लिए संयुक्त कमेटी गठित करेगी हरियाणा और दिल्ली सरकार

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने यमुना नदी को स्वच्छ और निर्मल बनाने के लिए हरियाणा और दिल्ली सरकार की संयुक्त समिति गठित करने की घोषणा की। इस परियोजना से नदी सफाई, प्रदूषण नियंत्रण और जल संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा।

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने यमुना नदी को स्वच्छ और निर्मल बनाने के लिए सीडब्ल्यूसी (केंद्रीय जल आयोग), हरियाणा सरकार और दिल्ली सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों की एक संयुक्त समिति गठित करने की घोषणा की। यह समिति यमुना नदी की सफाई के साथ-साथ नदी से संबंधित अन्य समस्याओं के समाधान पर भी कार्य करेगी। मुख्यमंत्री ने यह बयान नई दिल्ली में आयोजित एक बैठक के बाद दिया, जिसकी अध्यक्षता केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी आर पाटिल ने की।

यमुना सफाई को लेकर की जा रही तेज़ी से कार्रवाई

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि यमुना नदी को स्वच्छ और निर्मल बनाने के लिए अब तक 16,000 मीट्रिक टन कचरा हटाया जा चुका है। नदी में गिरने वाले गंदे पानी के नालों को सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) के माध्यम से स्वच्छ करके नदी में प्रवाहित करने की प्रक्रिया को गति दी जा रही है। उन्होंने कहा कि यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संकल्प के अनुसार किया जा रहा है, और जल्द ही यमुना नदी का स्वच्छ रूप देखा जा सकेगा।

बीओडी स्तर को सुधारने के लिए विशेष कदम

मुख्यमंत्री ने बताया कि करनाल जिले के पल्ला गांव से यमुना नदी में गिरने वाली ड्रेन का बीओडी (बॉयलोजिकल ऑक्सीजन डिमांड) स्तर 80 है, जिसे और अधिक स्वच्छ बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। इसके अतिरिक्त, फरीदाबाद के ओखला में यमुना के पानी के बीओडी स्तर में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। कुल 44 सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित किए गए हैं, जो प्रतिदिन 620 एमएलडी (मिलियन लीटर प्रति दिन) पानी को शुद्ध करते हैं। इसके अलावा, 9 और सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित किए जा रहे हैं, जिनसे 510 एमएलडी पानी को स्वच्छ किया जाएगा।

प्रदूषित पानी की निगरानी और समन्वय

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि पर्यावरण और पानी के मामले में राज्यों की सीमाएं नहीं होती। इस समस्या के समाधान के लिए दिल्ली और हरियाणा को मिलकर काम करना होगा। उन्होंने यह भी कहा कि प्रदूषित पानी को सीधे यमुना नदी में डालने से रोकने के लिए अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा, नजफगढ़ झील और ड्रेनों की मॉनिटरिंग के लिए दिल्ली और हरियाणा के अधिकारियों और विशेषज्ञों की सेवाएं ली जाएंगी।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का बयान

मुख्यमंत्री ने दिल्ली की मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता पर हुए हमले की निंदा करते हुए इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताया।

बैठक में प्रमुख अधिकारी उपस्थित थे

इस बैठक में केंद्रीय सचिव देवश्री मुखर्जी, दिल्ली के मुख्य सचिव धर्मेंद्र कुमार, हरियाणा के अतिरिक्त मुख्य सचिव विनित गर्ग, सिंचाई विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अनुराग अग्रवाल और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।

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