मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए लिया बड़ा निर्णय, क्यूआर कोड से बढ़ेगी पारदर्शिता
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं की गुणवत्ता को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य में चल रही सभी निर्माण परियोजनाओं में गुणवत्ता पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा। यदि किसी ठेकेदार या अधिकारी ने काम की गुणवत्ता में कोई कमी पाई जाती है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री आज हरियाणा क्वालिटी एश्योरेंस अथॉरिटी (QAA) की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे, जिसमें उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों में लापरवाही की स्थिति में QAA को सख्त कार्रवाई करने के लिए पूरी तरह सक्षम किया जाए। उन्होंने राज्य में स्थित PWD लैब्स की जानकारी भी ली, जो निर्माण कार्यों की गुणवत्ता का परीक्षण करती हैं।
डीपीआर तैयार करने में होगा क्यूएए का अहम योगदान
बैठक के दौरान यह निर्णय लिया गया कि ग्रीनफील्ड रोड प्रोजेक्ट्स, पुल, फ्लाईओवर, आरओबी, भवन निर्माण और सड़क उन्नयन परियोजनाओं की Detailed Project Reports (DPR) अब QAA-एम्पैनल्ड कंसल्टेंट्स द्वारा तैयार की जाएंगी। इसके जरिए इन परियोजनाओं की योजना और क्रियान्वयन में उच्च गुणवत्ता सुनिश्चित की जाएगी। इसके साथ ही थर्ड पार्टी इंस्पेक्शन एंड मॉनिटरिंग एजेंसियों (TPIMA) को भी शामिल किया जाएगा।
पारदर्शिता बढ़ाने के लिए क्यूआर कोड लगाए जाएंगे
मुख्यमंत्री ने पारदर्शिता सुनिश्चित करने और त्वरित सोशल ऑडिट को बढ़ावा देने के लिए एक और महत्वपूर्ण कदम उठाने का निर्णय लिया। अब सभी परियोजना स्थलों पर क्यूआर कोड लगाए जाएंगे। इन क्यूआर कोड्स में डीपीआर सारांश, बिल ऑफ क्वांटिटी, तकनीकी विनिर्देश, ठेकेदार का नाम, प्रभारी अभियंता और कंसल्टेंट की जानकारी होगी। इसके अलावा, परियोजनाओं की भौतिक और वित्तीय प्रगति के नियमित अपडेट भी उपलब्ध होंगे, जो आम जनता और संबंधित अधिकारियों के लिए महत्वपूर्ण होंगे।
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थर्ड पार्टी एजेंसियों की निगरानी और क्यूएए के दिशा-निर्देश
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने क्यूएए के अधिकारियों को निर्देशित किया कि थर्ड पार्टी एजेंसियों की निगरानी कड़ी होनी चाहिए और उनके कार्यों की सख्त जांच की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि डीपीआर तैयार करते समय ड्रेनेज प्लानिंग को एक जरूरी हिस्सा बनाया जाए, जिसमें उचित लेवल और डिस्पोजल पॉइंट्स शामिल हों।
उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने के लिए एक व्यवस्था बनाने का निर्देश दिया कि किसी भी परियोजना का भुगतान तभी किया जाए जब यह सुनिश्चित किया जाए कि परियोजना की गुणवत्ता निर्धारित मानकों के अनुरूप हो, विशेषकर ऊंची इमारतों और पुलों के मामलों में।
राज्य में इंफ्रास्ट्रक्चर सुधार में क्यूएए का अहम योगदान
क्यूएए के चेयरमैन श्री राजीव अरोड़ा ने बताया कि अब तक क्यूएए ने 300 से अधिक अधिकारियों को प्रशिक्षित किया है और वेबिनार का आयोजन भी नियमित रूप से किया जा रहा है। क्यूएए ने 25 प्रमुख इंजीनियरिंग परियोजनाओं का ऑडिट किया है और इसके परिणामों की विस्तृत रिपोर्ट मुख्यमंत्री कार्यालय और सभी सरकारी विभागों को भेजी जा चुकी है। इन रिपोर्टों पर कार्रवाई रिपोर्ट जनवरी 2026 तक आने की उम्मीद है।
इस बैठक में मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव श्री राजेश खुल्लर, मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री अरुण कुमार गुप्ता सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का स्पष्ट संदेश: हरियाणा की इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं में उच्च गुणवत्ता की कोई समझौता नहीं होगा, और पारदर्शिता, निगरानी और गुणवत्ता की निरंतर सुनिश्चितता के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।