शिवराज सिंह चौहान: केंद्रीय बजट 2026-27 ऐतिहासिक और भविष्योन्मुखी, पूर्वोत्तर क्षेत्र को मिलेगा मजबूत समर्थन
केंद्रीय बजट 2026-27 ऐतिहासिक और भविष्योन्मुखी: पूर्वोत्तर क्षेत्र को मिलेगा मजबूत समर्थन। असम के लिए 60,500 मीट्रिक टन रेपसीड/सरसों की MSP खरीद की मंजूरी। कृषि, स्वास्थ्य और ग्रामीण विकास में निवेश।
केंद्रीय ग्रामीण विकास और कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने आज गुवाहाटी में केंद्रीय बजट 2026-27 पर संवाददाता सम्मेलन को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि यह बजट न केवल ऐतिहासिक है, बल्कि भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है और पूरे देश के साथ-साथ पूर्वोत्तर क्षेत्र के विकास में भी महत्वपूर्ण बदलाव लाएगा।
श्री चौहान ने बताया कि केंद्रीय बजट 2026-27 तक आत्मनिर्भर, सशक्त और समृद्ध भारत के लिए मजबूत आधार तैयार करता है। उन्होंने विशेष रूप से पूर्वोत्तर क्षेत्र की प्रगति पर जोर देते हुए कहा कि इस बार पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय के लिए 6,812 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 897 करोड़ रुपये अधिक है।
केंद्रीय मंत्री ने असम के लिए वित्त वर्ष 2026-27 में कुल कर हस्तांतरण के तहत 49,725 करोड़ रुपये निर्धारित होने की जानकारी दी। उन्होंने यह भी कहा कि 2014 से अब तक असम को कर हस्तांतरण के माध्यम से लगभग 3.12 लाख करोड़ रुपये प्राप्त हुए हैं।
स्वास्थ्य और बायोफार्मा क्षेत्र में निवेश
श्री चौहान ने बजट में स्वास्थ्य सेवा और बायोफार्मा क्षेत्र के लिए महत्वाकांक्षी योजनाओं का उल्लेख किया। पांच वर्षों में 10,000 करोड़ रुपये के निवेश से बायोलॉजिक्स और बायोसिमिलर्स का निर्माण और क्षमता बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा। इसका उद्देश्य कैंसर और ऑटोइम्यून बीमारियों जैसी जटिल स्वास्थ्य समस्याओं से निपटने के लिए घरेलू उत्पादन को मजबूत करना है। इसके तहत गुवाहाटी के राष्ट्रीय औषध विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (NIPER) को उन्नत किया जाएगा।
कृषि और किसान कल्याण के लिए विशेष प्रावधान
कृषि बजट को इस वर्ष बढ़ाकर 1,32,561 करोड़ रुपये किया गया है। इसमें कृषि शिक्षा और अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिए 9,967 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। किसानों को सस्ते उर्वरक उपलब्ध कराने और उत्पादन लागत कम करने के लिए 1,70,944 करोड़ रुपये की सब्सिडी तय की गई है।
केंद्रीय मंत्री ने असम सरकार के रबी 2026 चक्र के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य पर 60,500 मीट्रिक टन रेपसीड (कैनोला)/सरसों की खरीद की मंजूरी देने की घोषणा की। इसके अलावा, दलहन आत्मनिर्भरता मिशन के तहत असम को 104.17 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।
ग्रामीण विकास और मनरेगा
श्री चौहान ने बताया कि ग्रामीण विकास मंत्रालय के बजट में इस वर्ष 21% की वृद्धि हुई है। ‘विकसित भारत – जी राम जी’ अधिनियम के लिए 1.51 लाख करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जबकि पिछले वर्ष मनरेगा के तहत केवल 86 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान था।
संवाददाता सम्मेलन में असम के कृषि मंत्री श्री अतुल बोरा और असम के पशुपालन एवं पशु चिकित्सा मंत्री श्री कृष्णेंदु पॉल भी उपस्थित थे।