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मंत्री अनिल विज: अंबाला छावनी में एनसीडीसी की निर्माणाधीन शाखा को अगले 18 महीनों में किया जाएगा तैयार

मंत्री अनिल विज: अंबाला छावनी में एनसीडीसी की निर्माणाधीन शाखा को अगले 18 महीनों में किया जाएगा तैयार

हरियाणा के ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने बताया कि अंबाला छावनी में लगभग 17 करोड़ रुपये की लागत से निर्माणाधीन एनसीडीसी शाखा अगले 18 महीनों में तैयार होगी।

हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री श्री अनिल विज ने कहा कि अंबाला छावनी में राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (एनसीडीसी) की निर्माणाधीन शाखा को अगले 18 महीनों में तैयार किया जाएगा।

श्री विज ने बताया कि इस संबंध में केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री जे.पी. नडडा द्वारा एक पत्र उन्हें भेजा गया है। उल्लेखनीय है कि पत्र के माध्यम से बताया गया है कि एनसीडीसी के निर्माण को पूरा करने के लिए संबंधित केन्द्रीय एजेंसी सीपीडब्ल्यूडी को निर्देश दे दिए गए हैं कि इस शाखा का निर्माण 18 महीनों में पूरा कर दिया जाए।

ऊर्जा मंत्री ने बताया कि सीपीडब्यलूडी को गत दिनों 1.39 करोड रूपए की राशि की पहली किस्त जारी की जा चुकी है। गौरतलब है कि लगभग 17 करोड़ रुपए की लागत से अम्बाला छावनी में एनसीडीसी की शाखा को बनाया जा रहा है।

श्री विज ने बताया कि अम्बाला छावनी विधानसभा क्षेत्र के नग्गल में बनाए जा रहे एनसीडीसी में जहां विभिन्न रोगों से संबंधित टेस्ट की सुविधा होगी, वहीं बीमारी से संबंधित अनुसंधान का कार्य भी किया जाएगा। इस शाखा के खुलने से हरियाणा सहित दिल्ली, उत्तर प्रदेश, जम्मू, पंजाब, राजस्थान इत्यादि के लोगों को विभिन्न बीमारियों से संबंधित टेस्ट करवाने में सुविधा मिलेगी।

श्री विज ने बताया कि एनसीडीसी शाखा के निर्माण के लिए पहले फेज का कार्य आरंभ हो चुका है। एनसीडीसी के प्रावधानों के तहत लैब बनाई जाएगी और सीपीडब्ल्यूडी इस पर कार्य कर रही है। उल्लेखनीय है कि अम्बाला छावनी में एनसीडीसी का निर्माण इसलिए हुआ क्योंकि अंबाला हवाई, रेलवे जंक्शन और रोड नेटवर्क से अच्छी तरह से जुड़ा हुआ है। अंबाला छावनी में अटल कैंसर देखभाल केंद्र, सिविल अस्पताल अंबाला छावनी और तीन मेडिकल कॉलेज इसके नजदीक है, जहां से नियमित नमूने लिए जा सकते हैं।

गौरतलब है कि एनसीडीसी शाखा में इबोला वायरस रोग (2014), महामारी इन्फ्लुएंजा ए एच1एन1 (2009-10), सार्स प्रकोप जैसी नई संक्रामक बीमारियों का पता लगाने, नियंत्रित करने और रोकने में मदद करेंगी। शाखा में डायरिया, हैजा, टाइफाइड, हेपेटाइटिस ए और ई, चिकनपॉक्स और खसरा आदि जैसी हवा, पानी और खाद्य जनित बीमारियों के प्रकोप का पता लगाने, इलाज करने और रोकने का कार्य होगा।

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