केन्द्रीय गृह और सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने गुजरात में EARTH समिट 2025 का उद्घाटन किया, ‘सहकार सारथी’ डिजिटल सेवाओं का शुभारंभ
गांधीनगर, गुजरात में आयोजित EARTH समिट 2025 के उद्घाटन अवसर पर केन्द्रीय गृह और सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने देश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के लिए सहकारी मॉडल की अहमियत पर जोर दिया। इस मौके पर गुजरात के मुख्यमंत्री श्री भूपेन्द्र पटेल, मंत्री श्री जीतू वाघाणी, नाबार्ड अध्यक्ष श्री शाजी के वी समेत अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
प्रधानमंत्री मोदी ने ग्राम स्वराज के सिद्धांत को पुनर्जीवित किया
अपने संबोधन में श्री अमित शाह ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने महात्मा गांधी के ग्राम स्वराज के सिद्धांत को फिर से जीवित किया और उसे राष्ट्रीय विकास का केंद्र बना दिया। शाह ने यह भी कहा कि 2014 के बाद से, ग्रामीण विकास को राष्ट्रीय विकास का मुख्य हिस्सा बनाने के लिए ऐतिहासिक कदम उठाए गए हैं।
सहकारिता मॉडल से ग्रामीण भारत को नई दिशा
श्री अमित शाह ने ‘सहकार सारथी’ डिजिटल प्लेटफॉर्म की 13 से अधिक नई सेवाओं का शुभारंभ किया, जिनमें Digi KCC, ePACS, World’s Largest Grain Storage Application और Shiksha Sarathi जैसी सेवाएँ शामिल हैं। इसके साथ ही, ‘सहकार टैक्सी’ को भी लॉन्च किया गया, जिसमें 51,000 ड्राइवरों ने रजिस्ट्रेशन कराया है। यह टैक्सी सेवा आने वाले वर्षों में देश की सबसे बड़ी सहकारी टैक्सी सेवा बनने की दिशा में अग्रसर है।
सहकारिता के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाना
शाह ने कहा कि आने वाले वर्षों में हर पंचायत में एक सहकारी संस्था स्थापित की जाएगी, जिससे 50 करोड़ से अधिक सक्रिय सदस्य जुड़ेंगे। साथ ही, सहकारिता क्षेत्र का GDP में योगदान बढ़ाया जाएगा। उन्होंने बताया कि गुजरात में Cooperation Among Cooperatives मॉडल के तहत लाखों करोड़ की लो-कॉस्ट डिपॉज़िट में वृद्धि हुई है, और इस मॉडल को देशभर में लागू किया जाएगा।
डिजिटल परिवर्तन से सहकारी बैंकिंग को मिलेगा नया रूप
श्री अमित शाह ने बताया कि नाबार्ड द्वारा विकसित ‘सहकार सारथी’ के माध्यम से सभी ग्रामीण बैंकों को 13 से अधिक डिजिटल सेवाएँ प्रदान की जा रही हैं। इन सेवाओं के अंतर्गत वसूली, डिस्बर्समेंट, KYC, लीगल डॉक्यूमेंटेशन, अप्रेज़ल, और वेबसाइट निर्माण जैसी सुविधाएँ शामिल हैं। इसके साथ ही, RBI के सहयोग से सहकारी बैंकिंग ढांचे को मजबूत किया जाएगा और किसान अब e-KCC के माध्यम से वैश्विक मानक जैसी सुविधाओं का लाभ उठा सकेंगे।
सर्कुलर इकोनॉमी मॉडल से मिलेगा नया गति
शाह ने कहा कि गुजरात ने डेयरी सेक्टर में पूर्ण सर्कुलर इकोनॉमी मॉडल स्थापित किया है, जहां उत्पादों का स्वदेशीकरण किया गया है और इसका सीधा लाभ किसानों को मिल रहा है। इसके साथ ही, ऑर्गेनिक उत्पादों के मामले में 49 लाख किसान प्रमाणित हो चुके हैं, और भारत अब वैश्विक जैविक बाजार में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने के लक्ष्य के साथ कार्य कर रहा है।
सहकारी बीमा मॉडल का शुभारंभ
शाह ने यह भी घोषणा की कि सहकारी बीमा मॉडल के माध्यम से स्वास्थ्य, जीवन, कृषि और दुर्घटना बीमा जैसी सेवाएँ भी उपलब्ध कराई जाएंगी। इस पहल से किसानों और ग्रामीणों को स्वास्थ्य और वित्तीय सुरक्षा मिलेगी।
सहकारिता से जुड़ी अन्य महत्वपूर्ण घोषणाएँ
शाह ने आगे कहा कि सहकारी संस्थाएँ कृषि, पशुपालन, मत्स्य पालन और डेयरी सेक्टर को स्वचालित रूप से मजबूत करती हैं, और इन क्षेत्रों के बिना ग्रामीण विकास असंभव है। उन्होंने यह भी कहा कि EARTH Summit 2025 ग्रामीण विकास के लिए एक निर्णायक मंच बनकर उभरा है, जो समस्याओं के समाधान और परिणाम-उन्मुख नीति निर्माण की दिशा में कार्य करेगा।