मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में एचपीपीसी और एचपीडब्ल्यूपीसी की बैठक में बड़े फैसले
हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने गुरुग्राम के बसई वाटर ट्रीटमेंट प्रोजेक्ट में टेंडर प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताओं का संज्ञान लिया। मुख्यमंत्री ने इस मामले में लापरवाही बरतने वाले चीफ इंजीनियर को चार्जशीट करने के आदेश दिए हैं। उन्होंने कहा कि जानबूझकर नियमों की अनदेखी करने के कारण राज्य सरकार को वित्तीय नुकसान उठाना पड़ा और परियोजना के क्रियान्वयन में अनावश्यक देरी हुई।
मुख्यमंत्री ने यह निर्देश आज चंडीगढ़ में हुई उच्चाधिकार प्राप्त क्रय समिति (एचपीपीसी) और हाई पॉवर्ड वर्क्स परचेज कमेटी (एचपीडब्ल्यूपीसी) की बैठक में दिए। बैठक में कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल, श्याम सिंह राणा, रणबीर गंगवा और राज्य मंत्री राजेश नागर भी उपस्थित थे।
ईमानदारी और गुणवत्ता से समझौता नहीं किया जाएगा
मुख्यमंत्री ने बैठक में स्पष्ट रूप से कहा कि हरियाणा सरकार की नीति “भ्रष्टाचार और गड़बड़ी के प्रति जीरो टोलरेंस” की है और विकास परियोजनाओं में ईमानदारी, गुणवत्ता और समयबद्धता से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि भविष्य में ऐसी कोई भी गड़बड़ी नहीं होने पाए और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए।
एचपीपीसी और एचपीडब्ल्यूपीसी की बैठक में महत्वपूर्ण मंजूरी
मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई बैठक में 851 करोड़ रुपये के विभिन्न कॉन्ट्रैक्ट और वस्तुओं की खरीद को मंजूरी दी गई। इसके अलावा, विभिन्न बोलीदाताओं से नेगोसिएशन के बाद करीब 28 करोड़ रुपये की बचत की गई। बैठक में कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर भी निर्णय लिया गया:
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यूएचबीवीएन और डीएचबीवीएन के लिए 133 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई, जो ट्रांसफार्मरों की मरम्मत के लिए उपयोग की जाएगी।
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18,353 ब्लैक पॉलीथीन कवर की खरीद के लिए भी वार्षिक दर अनुबंध को मंजूरी दी गई।
सड़क सुदृढ़ीकरण परियोजनाओं को भी मिली मंजूरी
बैठक में 178 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से विभिन्न सड़क सुदृढ़ीकरण कार्यों को मंजूरी दी गई, जिसमें प्रमुख सड़कें जैसे:
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करनाल – असंध- जींद- हांसी- तोशाम- सोडिवास सड़क के खंड को फोर-लेन करने और सुदृढ़ीकरण के कार्य की मंजूरी दी गई, जिसमें 14.13 करोड़ रुपये की लागत आएगी।
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रेवाड़ी- दादरी सड़क, गोहाना लाखन माजरा महम भिवानी रोड समेत कई अन्य प्रमुख सड़कों के सुदृढ़ीकरण कार्यों को भी मंजूरी दी गई।
अन्य प्रमुख मंजूरियाँ और परियोजनाएँ
बैठक में 14 करोड़ रुपये की लागत से राणा डिस्ट्रीब्यूटरी की रिमॉडलिंग कार्य की मंजूरी दी गई, इसके अलावा 132/11 केवी ट्रांसफार्मरों की खरीद को लेकर 15.47 करोड़ रुपये की मंजूरी भी दी गई।
बैठक में ऊर्जा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री ए के सिंह, लोक निर्माण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री अनुराग अग्रवाल, और अन्य संबंधित प्रशासनिक सचिव भी उपस्थित थे।