केंद्रीय जल शक्ति मंत्री श्री सीआर पाटिल ने एकीकृत बाढ़ पूर्वानुमान प्रणाली सी-फ्लड का उद्घाटन किया
मंत्री श्री सीआर पाटिल ने इस अत्याधुनिक बाढ़ पूर्वानुमान प्रसार प्रणाली को चालू करने में सीडब्ल्यूसी, सी-डैक और एनआरएससी के सहयोगात्मक प्रयासों की सराहना की
केंद्रीय जल शक्ति मंत्री श्री सीआर पाटिल ने आज एकीकृत बाढ़ पूर्वानुमान प्रणाली सी-फ्लड का उद्घाटन किया। इसे सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ एडवांस्ड कंप्यूटिंग (सी-डैक), पुणे और केंद्रीय जल आयोग (सीडब्ल्यूसी), जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण विभाग (डीओडब्ल्यूआर, आरडी एंड जीआर), जल शक्ति मंत्रालय द्वारा संयुक्त रूप से विकसित किया गया है। उद्घाटन समारोह श्रम शक्ति भवन, नई दिल्ली में जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण विभाग (डीओडब्ल्यूआर, आरडी एंड जीआर), इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (एमईआईटीवाई) और विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी) के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में आयोजित किया गया था।
इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय और विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा संयुक्त रूप से संचालित राष्ट्रीय सुपरकंप्यूटिंग मिशन (एनएसएम) के तहत क्रियान्वित यह पहल भारत के बाढ़ प्रबंधन और आपदा प्रत्युत्तर ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक परिवर्तनकारी कदम है।
सी-फ्लड एक वेब-आधारित प्लेटफॉर्म है, जो बाढ़ के जलभराव के नक्शों और जल स्तर की भविष्यवाणियों के रूप में गांव के स्तर तक दो दिन पहले बाढ़ का पूर्वानुमान प्रदान करता है। यह प्लेटफॉर्म राष्ट्रीय और क्षेत्रीय एजेंसियों से बाढ़ मॉडलिंग आउटपुट को एकीकृत करने वाली एक एकीकृत प्रणाली के रूप में कार्य करेगा, जो आपदा प्रबंधन अधिकारियों के लिए एक व्यापक निर्णय-समर्थन उपकरण प्रदान करेगा। वर्तमान में, यह प्रणाली महानदी, गोदावरी और तापी नदी घाटियों को कवर करती है। भविष्य में और भी नदी घाटियों को इसमें शामिल किया जाएगा।
सी-फ्लड प्लेटफॉर्म बाढ़ परिदृश्यों का अनुकरण करने के लिए उन्नत 2-डी हाइड्रोडायनामिक मॉडलिंग का उपयोग करता है। महानदी बेसिन के लिए सिमुलेशन सी-डैक पुणे में एनएसएम के तहत उच्च प्रदर्शन कंप्यूटिंग (एचपीसी) बुनियादी ढांचे पर चलाए जाते हैं, जिसमें गोदावरी और तापी बेसिन के आउटपुट का एकीकरण होता है, जिन्हें राष्ट्रीय जल विज्ञान परियोजना (एनएचपी) के तहत राष्ट्रीय रिमोट सेंसिंग सेंटर (एनआरएससी) द्वारा विकसित किया गया है।
इस अवसर पर, केंद्रीय मंत्री ने सीडब्ल्यूसी और संबंधित एजेंसियों को निर्देश दिया कि वे जन जागरूकता और तैयारियों को बढ़ाने के लिए सी-फ्लड पोर्टल को व्यापक रूप से लोकप्रिय बनाएं और सभी नदी घाटियों को कवर करने वाले बाढ़ अध्ययनों के लिए एक व्यापक योजना तैयार करें। बाढ़ के पूर्वानुमानों को तुरंत राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन आपातकालीन प्रत्युत्तर पोर्टल (एनडीईएम) में एकीकृत किया जाना चाहिए। एजेंसियों को उपग्रह सत्यापन और ग्राउंड-ट्रूथिंग आदि के माध्यम से पूर्वानुमान सटीकता में सुधार करने का निर्देश दिया गया। इसके अतिरिक्त, सीडब्ल्यूसी को पूर्वानुमान प्रणाली के प्रभावी कार्यान्वयन और निरंतर वृद्धि सुनिश्चित करने के लिए सी-डैक, एनआरएससी और अन्य हितधारकों के साथ मिलकर काम करने का निर्देश दिया गया।
अंत में, केंद्रीय मंत्री ने इस अत्याधुनिक बाढ़ पूर्वानुमान प्रसार प्रणाली को क्रियान्वित करने में सीडब्ल्यूसी, सी-डैक और एनआरएससी के सहयोगात्मक प्रयासों की सराहना की तथा सक्रिय आपदा तैयारी और प्रबंधन के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।
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