भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु स्लोवाकिया में स्लोवाक गणराज्य के राजनीतिक नेतृत्व से मुलाकात की
राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु पुर्तगाल और स्लोवाक गणराज्य की अपनी सरकारी यात्रा के अंतिम चरण में ब्रातिस्लावा पहुंचीं।
राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु पुर्तगाल और स्लोवाक गणराज्य की अपनी सरकारी यात्रा के अंतिम चरण में ब्रातिस्लावा पहुंचीं। यह 29 वर्षों में किसी भारतीय राष्ट्रपति की स्लोवाक गणराज्य की पहली यात्रा है। राज्य मंत्री श्रीमती निमुबेन बंभानिया और सांसद श्री धवल पटेल एवं श्रीमती संध्या रे भी उनके साथ वहां पहुंचे प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा हैं।
राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने अपने कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रपति भवन (प्रेसिडेंशियल पैलेस) में जाकर की, जहां स्लोवाक गणराज्य के राष्ट्रपति महामहिम श्री पीटर पेलेग्रिनी ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। लोक परिधान पहने एक जोड़े ने रोटी और नमक के साथ उनका पारंपरिक स्लोवाक स्वागत किया और गार्ड ऑफ ऑनर के साथ औपचारिक स्वागत किया।
बाद में, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने स्लोवाक गणराज्य के राष्ट्रपति पीटर पेलेग्रिनी के साथ बैठक और प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता के दौरान द्विपक्षीय संबंधों के विभिन्न पहलुओं और साझा वैश्विक और क्षेत्रीय हितों के मुद्दों पर चर्चा की। राष्ट्रपति ने द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने की दिशा में राष्ट्रपति पेलेग्रिनी की व्यक्तिगत प्रतिबद्धता और पहल की सराहना की। उन्होंने स्लोवाकिया में भारतीय कला और संस्कृति की बढ़ती लोकप्रियता का उल्लेख किया। उन्होंने भारत के तेजी से बढ़ते मीडिया, मनोरंजन और रचनात्मक अर्थव्यवस्था क्षेत्रों में दोनों देशों के बीच अधिक निकटता से सहयोग करने की अपार संभावनाओं पर प्रकाश डाला, जिसमें स्लोवाकिया को एक फिल्मांकन गंतव्य और संयुक्त फिल्म निर्माण में भागीदार के रूप में बढ़ावा देना शामिल है। उन्होंने स्लोवाकिया को 1 से 4 मई, 2025 तक मुंबई में भारत द्वारा आयोजित किए जा रहे आगामी वेव (डब्ल्यूएवीई) शिखर सम्मेलन में सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए आमंत्रित किया।
दोनों नेताओं की उपस्थिति में दो समझौता ज्ञापनों का आदान-प्रदान हुआ, जिनमें से एक एनएसआईसी और स्लोवाक बिजनेस एजेंसी के बीच एमएसएमई के क्षेत्र में सहयोग पर था, तथा दूसरा एसएसआईएफएस और स्लोवाक विदेश एवं यूरोपीय मामलों के मंत्रालय के बीच राजनयिक प्रशिक्षण सहयोग पर था।
अगले कार्यक्रम में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने स्लोवाक गणराज्य की नेशनल काउंसिल के स्पीक महामहिम श्री रिचर्ड राशी से मुलाकात की। राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने श्री राशी को हाल ही में स्पीकर चुने जाने पर बधाई दी और दोनों देशों के बीच ऐतिहासिक मित्रता को भारत द्वारा दी गई उच्च प्राथमिकता की पुष्टि की। उन्होंने कहा कि भारत और स्लोवाकिया के बीच सद्भावना और आपसी समझ बढ़ाने में सांसदों की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि स्लोवाकिया की नेशनल काउंसिल में स्लोवाक-भारत मैत्री समूह की परंपरा रही है और कहा कि इससे हमारे सांसदों के बीच ज्ञान और अनुभवों के आदान-प्रदान को बढ़ावा मिलेगा।
राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने स्लोवाक गणराज्य के प्रधानमंत्री महामहिम श्री रॉबर्ट फिको से भी मुलाकात की और उनके साथ व्यापक चर्चा की। उन्होंने कहा कि भारत स्लोवाक गणराज्य के साथ हमारे पारंपरिक रूप से घनिष्ठ और मैत्रीपूर्ण संबंधों को बहुत महत्व देता है, जो लोकतंत्र, कानून के शासन और वैश्विक मुद्दों पर विचारों से जुड़े साझा मूल्यों पर आधारित हैं। उन्होंने यह भी कहा कि विभिन्न क्षेत्रों में हमारे जुड़ाव में वृद्धि हुई है। दोनों नेताओं ने आपसी हित के सभी क्षेत्रों में द्विपक्षीय संबंधों को और विविधतापूर्ण और मजबूत बनाने पर सहमति व्यक्त की।