केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने राज्यों के कृषि मंत्रियों के साथ की वर्चुअल बैठक, दलहन खरीद और योजनाओं की समीक्षा
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने राज्यों के साथ आरकेवीवाई, पीएम-आशा और दलहन आत्मनिर्भरता मिशन की समीक्षा की। रबी 2026 में चना, सरसों और मसूर खरीद को मंजूरी।
केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने विभिन्न राज्यों के कृषि मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ वर्चुअल बैठक कर राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (आरकेवीवाई) और कृषि उन्नति कार्यक्रमों की प्रगति का विस्तृत आकलन किया। बैठक में राज्यों को आवंटित धनराशि के प्रभावी और समयबद्ध उपयोग पर विशेष बल दिया गया।
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने स्पष्ट किया कि वित्तीय वर्ष समाप्त होने से पहले सभी राज्यों को सुनिश्चित करना चाहिए कि केंद्र द्वारा जारी की गई राशि किसानों के हित में पूरी तरह से उपयोग हो। उन्होंने कहा कि कृषि अवसंरचना, उत्पादकता वृद्धि और ग्रामीण विकास से जुड़ी योजनाओं के अंतर्गत उपलब्ध फंड का अधिकतम लाभ खेत-खेत और गांव-गांव तक पहुंचे।
बैठक के दौरान असम, अरुणाचल प्रदेश, बिहार, गुजरात, उत्तराखंड, त्रिपुरा, महाराष्ट्र, राजस्थान, केरल, मध्य प्रदेश और हरियाणा सहित कई राज्यों की योजना-वार और राज्य-वार प्रगति की समीक्षा की गई। श्री चौहान ने कहा कि आरकेवीवाई और कृषि उन्नति के अंतर्गत संचालित 18 योजनाओं का उद्देश्य किसानों की आय में वृद्धि और कृषि क्षेत्र को मजबूत करना है।
उन्होंने प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान (पीएम-आशा) के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह पहल किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने में सहायक है। इसके अंतर्गत मूल्य समर्थन योजना (पीएसएस), मूल्य अंतर भुगतान योजना (पीडीपीएस), बाजार हस्तक्षेप योजना (एमआईएस) और मूल्य स्थिरीकरण कोष (पीएसएफ) शामिल हैं। इन योजनाओं का लक्ष्य किसानों को एमएसपी के अनुरूप सुरक्षित आय प्रदान करना और बाजार में उतार-चढ़ाव से उनकी रक्षा करना है।
रबी 2026 सीजन के लिए मूल्य समर्थन योजना के तहत विभिन्न राज्यों में दलहन और तिलहन की बड़े पैमाने पर खरीद को मंजूरी दी गई है। महाराष्ट्र, गुजरात, मध्य प्रदेश और राजस्थान में चना खरीद के प्रस्तावों को स्वीकृति प्रदान की गई है। इसके साथ ही राजस्थान और गुजरात में सरसों तथा मध्य प्रदेश में मसूर की खरीद की अनुमति दी गई है। इन निर्णयों से संबंधित राज्यों के किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर बिक्री की सुविधा और आय सुरक्षा मिलेगी।
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने दलहन आत्मनिर्भरता मिशन का भी उल्लेख किया और कहा कि वर्ष 2030-31 तक अरहर, उड़द और मसूर की खरीद केंद्रीय एजेंसियों के माध्यम से पूर्व-पंजीकृत किसानों से की जाएगी। इस पहल का उद्देश्य देश को दलहन उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाना और किसानों को सुनिश्चित बाजार उपलब्ध कराना है।
मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने राज्यों से अपील की कि 31 मार्च तक आवंटित धनराशि का शत-प्रतिशत उपयोग सुनिश्चित किया जाए, ताकि किसानों को योजनाओं का प्रत्यक्ष लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार कृषि क्षेत्र के सतत विकास, किसानों की आय वृद्धि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए प्रतिबद्ध है।