रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने ऑपरेशन सिंदूर में रक्षा लेखा विभाग की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर दिया
केंद्रीय रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह ने रक्षा लेखा विभाग के 278वें स्थापना दिवस समारोह में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान सशस्त्र बलों की निर्णायक विजय में रक्षा लेखा विभाग की महत्वपूर्ण भूमिका को सराहा। उन्होंने कहा कि यह विभाग केवल एक लेखा संगठन नहीं, बल्कि राष्ट्र के आर्थिक चक्र को सुचारू रूप से चलाने वाला एक सशक्त साधन है, जो वित्तीय प्रबंधन और संसाधनों के प्रभावी उपयोग के माध्यम से सशस्त्र बलों की परिचालन तत्परता सुनिश्चित करता है।
डिजिटल सुधारों और वित्तीय अनुशासन से सशक्त हुआ रक्षा लेखा विभाग
रक्षा मंत्री ने कहा कि रक्षा लेखा विभाग ने पूंजीगत बजट व्यय का 50% पहले ही बुक कर कुशल वित्तीय प्रबंधन का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया है। उन्होंने डिजिटल इंडिया पहल के तहत निधि 2.0, एआई-चैटबॉट ‘ज्ञान साथी’ जैसी तकनीकी पहल की भी सराहना की, जो विभाग की पारदर्शिता और दक्षता को बढ़ावा देती हैं। इस प्रकार के डिजिटल सुधारों से भारत की रक्षा वित्त प्रणाली को मजबूत बनाया जा रहा है।
अनुसंधान एवं विकास को बढ़ावा देने में रक्षा लेखा विभाग की भूमिका
श्री राजनाथ सिंह ने रक्षा अनुसंधान एवं विकास को प्रोत्साहित करने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि भविष्य की युद्ध तकनीकों को विकसित करने में वित्तीय सहायता एक निर्णायक कारक है। उन्होंने विभाग को आई-डेक्स, डीआरडीओ परियोजनाओं और तकनीकी विकास कोष के माध्यम से अनुसंधान एवं विकास को सक्षम बनाने का आह्वान किया।
तीनों सेनाओं के बीच संयुक्तता और एकीकरण पर जोर
रक्षा मंत्री ने रक्षा लेखा विभाग से आग्रह किया कि वह तीनों सेनाओं के वित्तीय एकीकरण में भूमिका निभाए, जिससे संयुक्तता और तालमेल बेहतर होगा। उन्होंने कहा कि विभाग की उपस्थिति जमीनी स्तर से लेकर मुख्यालयों तक है, जिससे यह संयुक्त वित्तीय प्रणाली का आधार बन सकता है।
रक्षा खरीद में सुधार और दक्षता सुनिश्चित करना आवश्यक
श्री राजनाथ सिंह ने नए रक्षा खरीद नियमावली 2025 और रक्षा अधिग्रहण प्रक्रिया (DAP) की समीक्षा का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे रक्षा खरीद में गति और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिलेगा।
278वें स्थापना दिवस पर नई डिजिटल पहलें और पुरस्कार
इस अवसर पर रक्षा मंत्री ने रक्षा व्यय पर सांख्यिकीय पुस्तिका COSHE-2025, सेना लेखा परीक्षा नियमावली ALAM, निधि 2.0 और ज्ञान साथी जैसे डिजिटल प्लेटफार्म लॉन्च किए। उन्होंने रक्षा वित्तीय प्रबंधन में उत्कृष्टता के लिए 2025 के रक्षा मंत्री पुरस्कार भी प्रदान किए।
रक्षा लेखा विभाग की 278 वर्षों की सेवा
1747 में स्थापना के बाद से रक्षा लेखा विभाग ने वित्तीय प्रबंधन, भुगतान, पेंशन और लेखा परीक्षा में उत्कृष्टता प्रदान करते हुए भारत के सशस्त्र बलों के लिए भरोसेमंद आर्थिक साझेदार के रूप में कार्य किया है।