प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने BRICS शिखर सम्मेलन में पर्यावरण, COP-30 और वैश्विक स्वास्थ्य पर भारत की प्रतिबद्धता को दोहराया
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने BRICS शिखर सम्मेलन 2025 में जलवायु परिवर्तन, COP-30 और वैश्विक स्वास्थ्य पर भारत की प्रतिबद्धता को दोहराया। भारत की अगली BRICS अध्यक्षता में “ह्यूमैनिटी फर्स्ट” दृष्टिकोण होगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 17वें BRICS शिखर सम्मेलन के एक महत्वपूर्ण सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि भारत जलवायु परिवर्तन, वैश्विक स्वास्थ्य और COP-30 जैसे वैश्विक मुद्दों पर निर्णायक नेतृत्व दे रहा है। इस सत्र का विषय था “पर्यावरण, COP-30 और वैश्विक स्वास्थ्य”, जिसमें BRICS सदस्य देशों, भागीदार देशों और आमंत्रित देशों ने भाग लिया।
जलवायु परिवर्तन पर भारत का दृष्टिकोण: विकास और प्रकृति में संतुलन आवश्यक
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ब्राजील को इस अहम विषय पर सत्र आयोजित करने के लिए धन्यवाद दिया और कहा कि: “भारत के लिए जलवायु परिवर्तन केवल ऊर्जा का मुद्दा नहीं, बल्कि यह जीवन और प्रकृति के बीच संतुलन की चुनौती है।” उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत “Climate Justice” को एक नैतिक जिम्मेदारी मानता है और सतत विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
भारत की पर्यावरणीय पहलों का वैश्विक प्रभाव
प्रधानमंत्री ने भारत द्वारा चलाए जा रहे प्रमुख वैश्विक और राष्ट्रीय अभियानों का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत ने स्थायी विकास और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया है। इनमें शामिल हैं:
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अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन (ISA)
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आपदा रोधी अवसंरचना गठबंधन (CDRI)
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वैश्विक जैव ईंधन गठबंधन (GBA)
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इंटरनेशनल बिग कैट एलायंस
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मिशन LiFE (Lifestyle for Environment)
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“एक पेड़ मां के नाम” अभियान
प्रधानमंत्री ने बताया कि भारत ने पेरिस समझौते के लक्ष्यों को समय से पहले हासिल किया है और अब विकासशील देशों के लिए टेक्नोलॉजी ट्रांसफर और किफायती जलवायु वित्त की आवश्यकता को रेखांकित करता है।
‘वन अर्थ, वन हेल्थ’ के सिद्धांत पर भारत का स्वास्थ्य नेतृत्व
वैश्विक स्वास्थ्य क्षेत्र में भारत की भूमिका को रेखांकित करते हुए प्रधानमंत्री ने बताया कि भारत ने कोविड-19 संकट के दौरान ‘One Earth, One Health’ मंत्र को अपनाते हुए विश्वभर में सहायता पहुंचाई। भारत की डिजिटल हेल्थ स्कीम्स जैसे CoWIN, ABHA (Ayushman Bharat Health Account) की सफलता को साझा करते हुए उन्होंने कहा कि भारत इन्हें Global South के देशों के साथ साझा करने को तैयार है।
उन्होंने सामाजिक रूप से निर्धारित बीमारियों (Socially Determined Diseases) के उन्मूलन के लिए BRICS साझेदारी का स्वागत किया।
भारत की अगली BRICS अध्यक्षता – “जन-प्रथम, नवाचार-प्रधान” दृष्टिकोण
प्रधानमंत्री ने घोषणा की कि 2026 में भारत BRICS की अध्यक्षता ग्रहण करेगा और इसका एजेंडा “Humanity First” और Global South की प्राथमिकताओं पर केंद्रित रहेगा। उन्होंने कहा कि भारत BRICS को नए रूप में परिभाषित करेगा: B.R.I.C.S = Building Resilience and Innovation for Cooperation and Sustainability
प्रधानमंत्री ने ब्राजील के राष्ट्रपति लूला को सफल BRICS सम्मेलन के आयोजन और मेहमाननवाजी के लिए धन्यवाद दिया।