प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रोजगार मेला 2025 में 51,000 युवाओं को नियुक्ति पत्र सौंपे, बताया युवा शक्ति ही भारत की सबसे बड़ी पूंजी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से रोज़गार मेला 2025 को संबोधित किया और देशभर के विभिन्न मंत्रालयों एवं सरकारी विभागों में चयनित 51,000 से अधिक युवाओं को नियुक्ति पत्र सौंपे। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि ऐसे रोजगार मेलों के माध्यम से अब तक 10 लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी मिल चुकी है, जो राष्ट्र निर्माण की दिशा में अहम योगदान दे रहे हैं।
भारत की युवा शक्ति और लोकतंत्र हैं हमारी दो सबसे बड़ी ताकतें
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन की शुरुआत करते हुए भारत की दो प्रमुख शक्तियों को रेखांकित किया — जनसांख्यिकी लाभ (Demographic Dividend) और लोकतंत्र। उन्होंने कहा कि भारत के पास दुनिया की सबसे बड़ी युवा आबादी है और साथ ही यह सबसे बड़ा लोकतंत्र भी है। यही दो स्तंभ भारत को वैश्विक मंच पर एक विशेष स्थान दिलाते हैं।
रोज़गार प्रोत्साहन योजना से निजी क्षेत्र में भी 3.5 करोड़ नौकरियों की उम्मीद
प्रधानमंत्री मोदी ने हाल ही में मंज़ूर की गई रोज़गार प्रोत्साहन योजना की जानकारी साझा की। इस योजना के तहत सरकार प्राइवेट सेक्टर में पहली बार नौकरी पाने वाले युवाओं को ₹15,000 की वित्तीय सहायता देगी। सरकार ने इसके लिए ₹1 लाख करोड़ का बजट आवंटित किया है और इससे 3.5 करोड़ रोजगार सृजित होने की संभावना है।
विनिर्माण और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर बना रोज़गार सृजन का इंजन
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत का विनिर्माण क्षेत्र (Manufacturing Sector) रोजगार के लिहाज़ से सबसे तेज़ी से उभरता क्षेत्र है। उन्होंने बताया कि:
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PLI योजना से 11 लाख से अधिक नौकरियाँ बनीं
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मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग ₹11 लाख करोड़ तक पहुँचा
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आज भारत में 300 से अधिक मोबाइल निर्माण इकाइयाँ कार्यरत हैं
रक्षा, रेलवे और ऑटोमोबाइल सेक्टर में मिल रहे वैश्विक अवसर
प्रधानमंत्री ने भारत के रक्षा और ऑटो उद्योग में हो रही प्रगति की जानकारी देते हुए कहा कि:
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भारत का रक्षा उत्पादन ₹1.25 लाख करोड़ से अधिक हो चुका है
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भारत अब दुनिया का सबसे बड़ा रेल इंजन निर्माता बन चुका है
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ऑटो सेक्टर में ₹40 बिलियन डॉलर का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) हुआ है, जिससे बड़े पैमाने पर रोज़गार के अवसर बने हैं
सरकारी योजनाओं से ग्रामीण और महिला रोजगार में बड़ा विस्तार
प्रधानमंत्री ने बताया कि ILO (अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन) की रिपोर्ट के अनुसार, पिछले दशक में 90 करोड़ भारतीय नागरिक कल्याणकारी योजनाओं के दायरे में आए हैं। इन योजनाओं में शामिल हैं:
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प्रधानमंत्री आवास योजना: 4 करोड़ घर पूर्ण, 3 करोड़ निर्माणाधीन
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स्वच्छ भारत अभियान: 12 करोड़ शौचालय निर्माण से निर्माण श्रमिकों को रोज़गार
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उज्ज्वला योजना: 10 करोड़ से अधिक एलपीजी कनेक्शन, नए बॉटलिंग और डिस्ट्रीब्यूशन सेंटर
सौर ऊर्जा और ड्रोन प्रशिक्षण से हो रहा ग्रामीण सशक्तिकरण
प्रधानमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के तहत प्रति परिवार ₹75,000 से अधिक की सब्सिडी दी जा रही है। यह योजना जहां बिजली खर्च घटा रही है, वहीं तकनीशियनों और सोलर पैनल निर्माताओं को रोज़गार भी दे रही है। साथ ही, नमो ड्रोन दीदी पहल ने ग्रामीण महिलाओं को ड्रोन पायलट बनाकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाया है।
लखपति दीदी और विश्वकर्मा योजना से आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ती महिलाएं
प्रधानमंत्री ने बताया कि सरकार का लक्ष्य 3 करोड़ लखपति दीदी बनाना है, जिनमें से 1.5 करोड़ महिलाएं पहले ही यह मुकाम हासिल कर चुकी हैं। इसके अलावा, प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के माध्यम से पारंपरिक कारीगरों को प्रशिक्षण, उपकरण और सस्ती ऋण सुविधा प्रदान की जा रही है, जिससे वे मुख्यधारा की आर्थिक गतिविधियों से जुड़ सकें।
25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर, विश्व बैंक ने की भारत की सराहना
प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले 10 वर्षों में 25 करोड़ लोग गरीबी रेखा से बाहर निकले हैं और यह संभव हुआ है रोजगार व कल्याण योजनाओं के प्रभावी कार्यान्वयन से। उन्होंने बताया कि विश्व बैंक सहित कई वैश्विक संस्थाएं अब भारत को ‘समानता वाले शीर्ष देशों’ में गिन रही हैं।
“नागरिक देवो भव” के मंत्र के साथ राष्ट्र सेवा की नई शुरुआत
प्रधानमंत्री मोदी ने सभी नियुक्त नवयुवकों से कहा कि वे “नागरिक देवो भव” के सिद्धांत को अपनाएं और सेवा को राष्ट्र निर्माण का माध्यम बनाएं। उन्होंने सभी को उनके उज्ज्वल भविष्य और समाज में सार्थक भूमिका के लिए शुभकामनाएँ दीं।