उद्योग मंत्री श्री पीयूष गोयल: भारत-कतर द्विपक्षीय व्यापार 2030 तक दोगुना हो सकता है
केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री श्री पीयूष गोयल कतर की आधिकारिक यात्रा पर हैं, जहां उन्होंने कतर के वाणिज्य और उद्योग मंत्री महामहिम शेख फैसल बिन थानी बिन फैसल अल थानी के साथ भारत-कतर संयुक्त आयोग की बैठक की सह-अध्यक्षता की। यह बैठक 6-7 अक्टूबर 2025 को कतर की राजधानी दोहा में आयोजित हुई। यात्रा के दौरान, श्री गोयल ने भारतीय दूतावास में महात्मा गांधी की प्रतिमा पर श्रद्धांजलि अर्पित की और “एक पेड़ मां के नाम” पहल के तहत एक पौधा भी लगाया, जो भारत की स्थिरता और पर्यावरण संरक्षण की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
भारत और कतर के बीच व्यापारिक संबंधों पर चर्चा
बैठक में दोनों देशों के वाणिज्यिक और आर्थिक संबंधों की समीक्षा की गई। श्री गोयल ने वैश्विक आर्थिक चुनौतियों और आपूर्ति श्रृंखला में व्यवधानों के बावजूद भारत में स्थिरता और आकर्षक निवेश पर्यावरण की सराहना की। उन्होंने भारतीय और कतरी व्यवसायों से अधिक व्यापारिक अवसर तलाशने की अपील की।
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि भारत और कतर के बीच 14 बिलियन अमेरिकी डॉलर का द्विपक्षीय व्यापार होने के बावजूद, दोनों देशों के बीच व्यापार को 2030 तक दोगुना करने की महत्वपूर्ण क्षमता है। उन्होंने इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटोमोबाइल, फार्मास्यूटिकल्स, प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थ, वस्त्र, रत्न एवं आभूषण, आईटी, सौर ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की आवश्यकता को भी रेखांकित किया।
भारत-कतर व्यापार परिषद (JBC) की बैठक
श्री गोयल और शेख फैसल बिन थानी अल थानी ने भारत-कतर संयुक्त व्यापार परिषद (JBC) की बैठक में भी भाग लिया, जिसमें फिक्की, सीआईआई, एसोचैम और कतर चैंबर के वरिष्ठ प्रतिनिधि शामिल थे। बैठक में दोनों देशों के व्यापारिक समुदायों के लिए नए व्यापारिक अवसरों की तलाश की गई और दोनों देशों के बीच गहरे आर्थिक संबंधों को बढ़ावा देने पर चर्चा की गई।
भारत-कतर ऊर्जा सहयोग पर जोर
श्री गोयल ने कतर के ऊर्जा निर्यात की सराहना की और कतर के साथ एलएनजी (लिक्विफाइड नेचुरल गैस) आपूर्ति समझौतों की संभावना पर चर्चा की। उन्होंने कतर से भारत के निर्यात बढ़ाने की आवश्यकता को भी उजागर किया।
भारत के डिजिटल सहयोग में नया अध्याय
मंत्री महोदय ने यूपीआई (यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस) के शुभारंभ में भाग लिया, जो कतर के साथ भारत के डिजिटल सहयोग में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा। इस पहल से प्रवासी भारतीयों और कतर के स्थानीय उपभोक्ताओं के लिए निर्बाध डिजिटल लेन-देन की सुविधा उपलब्ध होगी।
भारत और कतर के द्विपक्षीय संबंध
श्री गोयल ने कतर में भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए कहा कि भारत और कतर के द्विपक्षीय संबंधों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कतर के अमीर के नेतृत्व में एक रणनीतिक साझेदारी में बदला जा रहा है। उन्होंने दोनों देशों के संबंधों के मजबूत होने के संकेत दिए और 2030 तक व्यापार दोगुना करने के लक्ष्य को साझा किया।
भारत के विकास के लिए भारतीय समुदाय का योगदान
श्री गोयल ने भारत की आर्थिक शक्ति और समावेशिता के प्रति प्रतिबद्धता को रेखांकित करते हुए कतर में रह रहे भारतीय समुदाय के योगदान की सराहना की। उन्होंने भारतीय समुदाय से अनुरोध किया कि वे दोनों देशों के बीच महत्वपूर्ण सेतु के रूप में अपनी भूमिका निभाते हुए भारत के विकास की दिशा में सक्रिय रूप से सहयोग करें।