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कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा: हरियाणा बागवानी, मधुमक्खी पालन और संरक्षित खेती में देश में अग्रणी

कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा: हरियाणा बागवानी, मधुमक्खी पालन और संरक्षित खेती में देश में अग्रणी

हरियाणा कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने कहा कि राज्य बागवानी, मधुमक्खी पालन और संरक्षित खेती में देश में अग्रणी है, और किसानों की आय बढ़ाने के प्रयास जारी हैं।

हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा ने कहा है कि राज्य सरकार ने बागवानी, मधुमक्खी पालन और टिकाऊ कृषि के क्षेत्र में नई ऊँचाइयों को छू लिया है। उन्होंने बताया कि हरियाणा मधुमक्खी पालन नीति को अपनाने वाला देश का पहला राज्य बन गया है, जिससे राज्य में शहद उत्पादन में वृद्धि हुई है।

कृषि मंत्री आज चंडीगढ़ में बागवानी विभाग की बजट-पूर्व परामर्श बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने पिछले वर्ष के बजट में बागवानी विभाग को दिए गए आवंटन और उसके उपयोग पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों की आय बढ़ाने के लिए निरंतर योजनाएं बना रही है और किसानों को लाभ पहुंचाने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है।

मधुमक्खी पालन को वैज्ञानिक और व्यावसायिक रूप देने के लिए केंद्र स्थापित

कृषि मंत्री ने बताया कि मधुमक्खी पालन को वैज्ञानिक एवं व्यावसायिक स्तर पर विकसित करने के लिए रामनगर में एकीकृत मधुमक्खी पालन विकास केंद्र स्थापित किया गया है। इस केंद्र के तहत मधुमक्खी बक्सों की खरीद पर 85% तक अनुदान दिया जा रहा है। इसके साथ ही शहद प्रसंस्करण, बोतलिंग और गुणवत्ता जांच पर 75% तक सब्सिडी उपलब्ध कराई जा रही है।

हरियाणा में बागवानी के लिए उत्कृष्टता केंद्रों की स्थापना

कृषि मंत्री ने बताया कि बागवानी क्षेत्र में आधुनिक तकनीकों के प्रदर्शन और प्रशिक्षण के लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (उत्कृष्टता केंद्र) की स्थापना में हरियाणा देश में अग्रणी है। वर्तमान सरकार के कार्यकाल में 9 उत्कृष्टता केंद्र स्थापित किए जा चुके हैं, जबकि 3 नए केंद्रों पर कार्य प्रगति पर है। इन केंद्रों के माध्यम से किसानों को उच्च गुणवत्ता वाली पौध सामग्री और आधुनिक तकनीकों की जानकारी दी जा रही है।

संरक्षित खेती और वर्टिकल खेती को बढ़ावा

हरियाणा में कम लागत वाली वर्टिकल खेती को बड़े पैमाने पर प्रोत्साहित किया जा रहा है। वर्तमान सरकार के कार्यकाल में 18,630 एकड़ क्षेत्र में उन्नत तकनीकों के माध्यम से सब्जी उत्पादन बढ़ाया गया है।

इसके अलावा संरक्षित खेती अपनाने वाले किसानों को 50% से 85% तक अनुदान प्रदान किया जा रहा है। इन उन्नत तकनीकों से किसानों की उपज में 2 से 3 गुना वृद्धि दर्ज की गई है, जिससे उनकी आय कई गुना बढ़ी है।

हरियाणा में भावांतर भरपाई योजना भी पहले लागू की

कृषि मंत्री ने बताया कि हरियाणा भावांतर भरपाई योजना लागू करने वाला देश का पहला राज्य है। इस योजना के तहत अब तक 21 फलों और सब्जियों को शामिल किया गया है, जिससे किसानों को बाजार में उचित मूल्य सुनिश्चित करने में मदद मिल रही है।

हरियाणा को कृषि नवाचार का केंद्र बनाने की दिशा में निरंतर प्रयास

कृषि मंत्री ने कहा कि इन किसान-हितैषी नीतियों के माध्यम से हरियाणा सरकार किसानों की आय बढ़ाने, कृषि को लाभकारी बनाने और राज्य को कृषि नवाचार का केंद्र बनाने के लिए लगातार काम कर रही है।

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