हरियाणा सरकार की ऐतिहासिक पहल: सीईटी परीक्षा में अभ्यर्थियों और अभिभावकों के लिए बेहतरीन व्यवस्थाएं
हरियाणा में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में सीईटी परीक्षा का सफल और पारदर्शी संचालन। महिलाओं और दिव्यांगों के लिए विशेष सुविधाएं, परीक्षा केंद्रों पर मजबूत सुरक्षा और अभ्यर्थियों के लिए बेहतरीन व्यवस्थाएं।
हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के कुशल नेतृत्व में आयोजित सीईटी परीक्षा (CET) 2025 का सफल संचालन प्रदेश में सुशासन और संवेदनशील प्रशासन की मिसाल बन गया है। 26 और 27 जुलाई को पूरे प्रदेश के 22 जिलों और चंडीगढ़ के परीक्षा केंद्रों पर लगभग 7 लाख अभ्यर्थियों ने भाग लेकर परीक्षा का आयोजन किया।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के निर्देशों पर हुआ सुचारु और पारदर्शी परीक्षा संचालन
मुख्यमंत्री ने सीईटी परीक्षा के सफल एवं निष्पक्ष आयोजन के लिए विभागीय अधिकारियों के साथ नियमित समीक्षा बैठकें कर जरूरी व्यवस्थाओं को सुनिश्चित किया। अभ्यर्थियों और उनके अभिभावकों ने इस आयोजन की प्रशंसा करते हुए कहा कि हरियाणा सरकार ने युवाओं की सुरक्षा और सुविधा को प्राथमिकता दी है। यह परीक्षा प्रशासनिक दक्षता और टीम वर्क का एक उदाहरण भी बनी है।
महिलाओं और दिव्यांग अभ्यर्थियों के लिए विशेष प्रबंध
इस बार महिला अभ्यर्थियों को उनके एक अभिभावक के साथ हरियाणा परिवहन की बसों में नि:शुल्क यात्रा की सुविधा प्रदान की गई, जिससे उनकी परीक्षा केंद्र तक पहुंचना सुगम हुआ। साथ ही दिव्यांग अभ्यर्थियों के लिए विशेष सुविधाएं और सहायक व्यवस्थाएं भी लागू की गईं, जिससे उनकी परीक्षा में भागीदारी में कोई बाधा नहीं आई।
प्रशासनिक प्रयासों और स्थानीय व्यवस्थाओं की सराहना
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पंचकूला: 44 परीक्षा केंद्रों पर सशक्त सुरक्षा व्यवस्था के साथ, अभ्यर्थियों को 3-4 मिनट के अंतराल पर बसों से लाया-ले जाया गया।
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नारनौल: जिला रेड क्रॉस समिति के स्वयंसेवकों ने ट्रायसाइकिल से दिव्यांग अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र तक पहुंचाया, जो बेहद प्रशंसनीय रहा।
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जींद: वाहनों के लिए 21 पार्किंग स्थान बनाए गए, और सभी बस स्टैंड पर 24 घंटे हेल्प डेस्क सक्रिय थे।
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कैथल: सामाजिक और धार्मिक संस्थाओं ने परीक्षा केंद्रों के बाहर छबील लगाकर कढ़ी, चावल और पानी का नि:शुल्क वितरण किया, जिससे उमस भरे मौसम में राहत मिली।
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कुरुक्षेत्र: डायल 112 सेवा के माध्यम से एक अभ्यर्थी को समय पर परीक्षा केंद्र पहुंचाने में पुलिस और प्रशासन ने संयुक्त रूप से सहायता प्रदान की।