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हरियाणा सरकार का गरीब परिवारों के लिए बड़ा फैसला: मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने विधानसभा में किया बड़ा ऐलान

हरियाणा सरकार का गरीब परिवारों के लिए बड़ा फैसला: मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने विधानसभा में किया बड़ा ऐलान

हरियाणा मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में रिहायशी प्लॉट की रजिस्ट्री पर स्टाम्प ड्यूटी खत्म करने का ऐलान किया, जिससे गरीब परिवारों को फायदा होगा।

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने विधानसभा में एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना, मुख्यमंत्री शहरी आवास योजना, और मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास योजना के तहत अब ग्रामीण क्षेत्र में 100 गज और शहरी क्षेत्र में 50 गज तक के रिहायशी प्लॉट की रजिस्ट्री पर स्टाम्प ड्यूटी पूरी तरह से समाप्त कर दी गई है। इससे प्रदेश के गरीब परिवारों को सीधा लाभ मिलेगा और उनके लिए मकान खरीदने का सपना साकार हो सकेगा।

मुख्यमंत्री ने विपक्ष द्वारा कलेक्टर रेट में बढ़ोतरी के मुद्दे पर उठाए गए ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पर अपना जवाब देते हुए कहा कि उनकी सरकार ने इस संबंध में कलेक्टर रेट को बढ़ाने के बजाय पारदर्शिता को बढ़ावा दिया है। उन्होंने आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि वर्ष 2004 से 2014 तक विपक्षी सरकार के शासनकाल में कलेक्टर रेट में औसतन 25.11% की वृद्धि हुई, जबकि वर्तमान सरकार के 2014 से 2025 तक के कार्यकाल में यह वृद्धि केवल 9.69% रही है। मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि इस अवधि के दौरान रजिस्ट्री पर कोई नया टैक्स लागू नहीं किया गया है।

मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर आरोप लगाते हुए कहा कि वे केवल जनता को गुमराह कर रहे हैं और काले धन के पक्ष में खड़े हो रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि 2019 में गौशाला की जमीन की खरीद-फरोख्त पर स्टाम्प ड्यूटी 1% कर दी गई थी, जिसे 2025 तक पूरी तरह से माफ कर दिया गया है।

मुख्यमंत्री ने कलेक्टर रेट पर भी अपने विचार साझा करते हुए कहा कि यह एक नियमित और पारदर्शी प्रक्रिया है, जिसे हर साल बाजार मूल्य के अनुरूप संशोधित किया जाता है। उन्होंने कांग्रेस शासन के दौरान कलेक्टर रेट में साल दर साल बढ़ोतरी की चर्चा करते हुए कहा कि उस समय बिल्डरों और भू-माफिया को फायदा पहुंचाने के लिए रेट में अनियमितताएं की गईं।

मुख्यमंत्री ने बताया कि हरियाणा के कुल 2,46,812 सेगमेंट में से 72.01% सेगमेंट में कलेक्टर रेट में सिर्फ 10% की वृद्धि की गई है। यह पूरी प्रक्रिया डेटा-आधारित और तर्कसंगत फार्मूले पर आधारित है। उन्होंने कहा कि यह कदम पारदर्शी लेन-देन, काले धन पर प्रभावी रोक लगाने और आम जनता को उचित मूल्य पर संपत्ति खरीदने का अवसर प्रदान करने के उद्देश्य से उठाया गया है।

मुख्यमंत्री ने इस दौरान यह भी स्पष्ट किया कि उनकी सरकार का उद्देश्य केवल गरीबों को राहत देना है और सरकार ने हमेशा पारदर्शिता, सुशासन और विकास की दिशा में कार्य किया है।

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