मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी: विकसित हरियाणा 2047 की ओर कदम, आगामी बजट में दिखेगा नई सोच का असर
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि बजट सत्र हरियाणा के विकास को नई दिशा देगा। जनकल्याण, सुशासन, रोजगार और पारदर्शिता पर रहेगा फोकस। जानें पूरी जानकारी।
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि 20 फरवरी से शुरू होने वाला राज्य विधानसभा का बजट सत्र प्रदेश के विकास, जनकल्याण और सुशासन की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने जो संकल्प पत्र जनता के सामने प्रस्तुत किया था, उसे वे केवल एक दस्तावेज नहीं बल्कि जनहित और पारदर्शिता का संकल्प मानते हैं।
मुख्यमंत्री हरियाणा निवास, चंडीगढ़ में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। इस अवसर पर वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी भी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने अपने वादों को धरातल पर लागू करने का कार्य किया है और संकल्प पत्र के अधिकांश लक्ष्यों पर तेजी से काम जारी है।
उन्होंने बताया कि 19 सितंबर 2024 को जारी संकल्प पत्र के 217 वादों में से 60 पूरे किए जा चुके हैं, जबकि 120 पर कार्य प्रगति पर है। इसके अलावा, पिछले वर्ष प्रस्तुत बजट में की गई 248 घोषणाओं में से 77 पूरी हो चुकी हैं और 165 अंतिम चरण में हैं। सरकार का लक्ष्य इन्हें शीघ्र पूरा करना है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 2026-27 के बजट की तैयारी के लिए व्यापक परामर्श प्रक्रिया अपनाई जा रही है। अब तक विभिन्न हितधारकों के साथ 13 बैठकें की जा चुकी हैं, जिनमें 2,199 सुझाव प्राप्त हुए हैं। इसके साथ ही एआई चैटबॉट के माध्यम से लगभग 12,400 सुझाव मिले हैं। सरकार इन सभी सुझावों का विश्लेषण कर रही है और आगामी बजट में 4 से 5 हजार सुझावों को शामिल करने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि नया बजट जनता की अपेक्षाओं और विकास की जरूरतों के अनुरूप होगा।
राज्य की आर्थिक स्थिति पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 2025-26 के अग्रिम अनुमानों के अनुसार हरियाणा का सकल घरेलू उत्पाद (GDP) 13.67 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 12.67 प्रतिशत अधिक है। उन्होंने कहा कि प्रति व्यक्ति आय के मामले में हरियाणा देश के शीर्ष राज्यों में शामिल है और वर्ष 2024-25 में यह राष्ट्रीय औसत से काफी अधिक रही।
उन्होंने बताया कि पिछले दस वर्षों में राज्य की प्रति व्यक्ति आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। साथ ही राज्य सरकार का राजस्व भी कई गुना बढ़ा है, जिससे विकास कार्यों में तेजी आई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राजकोषीय घाटा निर्धारित सीमा के भीतर है, जो वित्तीय अनुशासन और कुशल प्रबंधन को दर्शाता है।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि 16वें वित्त आयोग की सिफारिशों के तहत केंद्रीय करों में हरियाणा की हिस्सेदारी में वृद्धि हुई है, जो राज्य की मजबूत वित्तीय स्थिति और विश्वसनीय नीति का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि प्रदेश को विकास के लिए निरंतर संसाधन मिल रहे हैं, जिससे योजनाओं को प्रभावी रूप से लागू किया जा रहा है।
रोजगार के मुद्दे पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि नीति आयोग और अन्य सर्वेक्षण रिपोर्टों के अनुसार पिछले वर्षों में रोजगार के अवसरों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। उन्होंने बताया कि शिक्षा क्षेत्र में भी ग्रॉस एनरोलमेंट रेशियो बढ़ा है और नए विश्वविद्यालयों की स्थापना से उच्च शिक्षा का विस्तार हुआ है।
उद्योग क्षेत्र पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा देश के प्रमुख औद्योगिक राज्यों में शामिल है। वर्ष 2023-24 में राज्य का औद्योगिक उत्पादन मजबूत स्तर पर रहा है। उन्होंने बताया कि एमएसएमई क्षेत्र ने पिछले वर्षों में तेज प्रगति की है और लाखों नए पंजीकरण दर्ज हुए हैं, जिससे रोजगार के अवसर बढ़े हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में निवेश को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। रिन्यूएबल एनर्जी, एडवांस मैन्युफैक्चरिंग और ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स के क्षेत्र में कई कंपनियों ने निवेश प्रस्ताव दिए हैं। निर्यात के आंकड़े भी दर्शाते हैं कि हरियाणा अंतरराष्ट्रीय बाजार में अपनी मजबूत पहचान बना रहा है।
उन्होंने कहा कि सरकार पारदर्शिता, सुशासन और जनहित के सिद्धांतों पर कार्य कर रही है। आगामी बजट 2047 तक विकसित हरियाणा के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए तैयार किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता का विश्वास सरकार की नीतियों और नेतृत्व पर लगातार बढ़ रहा है, और राज्य विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है।