पर्यावरण मंत्री राव नरबीर सिंह: हरियाणा में प्लास्टिक पॉलीथिन पर कड़ा कदम, एक महीने में बनेगी विशेष कार्ययोजना
हरियाणा में प्लास्टिक पॉलीथिन पर सख्त कार्रवाई, पर्यावरण मंत्री राव नरबीर सिंह ने एसटीपी-सीईटीपी पर विशेष निगरानी और 1 महीने में कार्ययोजना बनाई।
हरियाणा के पर्यावरण मंत्री श्री राव नरबीर सिंह ने राज्य में प्लास्टिक पॉलीथिन के उपयोग और निर्माण पर सख्त कार्रवाई की घोषणा की है। मंत्री ने कहा कि हालांकि प्लास्टिक पॉलीथिन पर 2013 से प्रतिबंध है, इसके बावजूद इसका दुरुपयोग प्रदूषण की गंभीर समस्या बना हुआ है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आम जनता में पॉलीथिन के नुकसान के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए व्यापक स्तर पर विशेष अभियान चलाया जाए। इस अभियान में जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी, सिंचाई और जल संसाधन, उद्योग एवं वाणिज्य तथा शहरी स्थानीय निकाय विभाग की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।
पर्यावरण मंत्री ने कहा कि यह अभियान सबसे पहले शहरी क्षेत्रों से शुरू होगा और इसके लिए विस्तृत कार्ययोजना एक महीने के भीतर तैयार कर प्रस्तुत की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को उद्योगों का व्यक्तिगत निरीक्षण करने और एनओसी आवेदनों में बार-बार आपत्तियां दर्ज करने जैसी लापरवाही से बचने के निर्देश भी दिए।
बैठक में अधिकारियों को बताया गया कि हरियाणा में यमुना नदी में 11 प्रमुख ड्रेन मिलते हैं, जिनके माध्यम से उद्योगों का दूषित पानी पहुंचता है। इस पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए मंत्री ने सीईटीपी और एसटीपी से जुड़ी परियोजनाओं में तेजी लाने और रेवाड़ी, बावल और धारूहेड़ा स्थित एसटीपी पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।
उन्होंने मसानी बैराज के आसपास लगभग 25–26 गांवों में जलभराव की समस्या का समाधान करने हेतु पाइपलाइन के माध्यम से पानी को राजस्थान की ओर भेजने और इसे उपचारित कर कृषि में पुन: उपयोग करने का भी निर्देश दिया। इससे किसानों को लाभ मिलेगा और नहरी पानी की कमी दूर होगी।
मंत्री ने कहा कि रेड, ऑरेंज और ग्रीन कैटेगरी के उद्योगों के लाइसेंस नवीनीकरण से पहले क्षेत्रीय अधिकारियों को साइट पर जाकर व्यक्तिगत निरीक्षण करना अनिवार्य है। केवल कार्यालय में बैठकर निरीक्षण करना या दलालों के माध्यम से खानापूर्ति करना किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं होगा।
बैठक के दौरान हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सदस्य सचिव श्री योगेश कुमार ने मंत्री को बताया कि वे आगामी सप्ताह में पानीपत, सोनीपत, झज्जर और गुरुग्राम में स्थित एसटीपी का स्वयं निरीक्षण करेंगे और संबंधित क्षेत्रीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक भी करेंगे।
मंत्री राव नरबीर सिंह ने स्पष्ट किया कि प्रदूषण नियंत्रण और प्लास्टिक के उपयोग पर सख्ती से निगरानी रखी जाएगी और आम जनता तथा उद्योगों को प्रदूषण रोकने के लिए पूरी तरह सक्रिय किया जाएगा।