गुरुग्राम में मेट्रो विस्तार, आरआरटीएस और विकास परियोजनाओं की समीक्षा: राव इंद्रजीत सिंह ने दिए दिशा-निर्देश
केंद्रीय राज्य मंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने गुरुग्राम में मेट्रो विस्तार, आरआरटीएस और शहर से जुड़ी अन्य महत्वपूर्ण परियोजनाओं की समीक्षा बैठक आयोजित की। उन्होंने अधिकारियों को इन परियोजनाओं को जल्द साकार करने की दिशा में सभी आवश्यक प्रक्रियाओं को तेज करने के निर्देश दिए।
राव इंद्रजीत सिंह ने कहा कि मेट्रो विस्तार, दिल्ली – गुरुग्राम – एसएनबी आरआरटीएस (नमो भारत कॉरिडोर) और नए कनेक्टिविटी लिंक के लिए केंद्र व राज्य सरकार के साथ समन्वय बढ़ाया जाएगा, साथ ही नीति आयोग से भी सहयोग लिया जाएगा। उन्होंने गुरुग्राम से जुड़ी इन परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए शहर के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए।
गुरुग्राम मेट्रो विस्तार: 2028 में पूरा होगा कार्य
राव इंद्रजीत सिंह ने मेट्रो विस्तार के बारे में जानकारी ली और यातायात प्रबंधन के लिए आवश्यक कदम उठाने का निर्देश दिया। गुरुग्राम मेट्रो रेल लिमिटेड के अधिकारियों ने बताया कि पहले चरण में मिलेनियम सिटी से सेक्टर 9 तक मेट्रो का निर्माण शुरू हो चुका है, जो 2028 तक पूरा होगा। इसके अलावा, एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन के लिए नए लिंक की योजना भी बनाई जा रही है।
आरआरटीएस परियोजना का विस्तार
केंद्रीय राज्य मंत्री ने दिल्ली से गुरुग्राम और बावल तक आरआरटीएस परियोजना की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि इस परियोजना को बावल तक विस्तारित किया जाना चाहिए, क्योंकि यह एक महत्वपूर्ण औद्योगिक क्षेत्र है। इस पहल से क्षेत्रीय कनेक्टिविटी बेहतर होगी और विकास को गति मिलेगी।
स्वच्छता और जल निकासी तंत्र का सुधार
राव इंद्रजीत सिंह ने गुरुग्राम शहर में स्वच्छता, जल निकासी और बंधवाड़ी लैंडफिल साइट की समस्याओं पर भी चर्चा की। उन्होंने निर्देश दिए कि जलभराव की समस्या से निपटने के लिए गुरुग्राम के प्राकृतिक जल प्रवाह का अध्ययन किया जाए। साथ ही, बहरामपुर और धनवापुर में एसटीपी की क्षमता बढ़ाने के लिए भी निर्देश दिए, ताकि शहर में सिंचाई जल और पार्कों में जल पुनर्चक्रण की सुविधा मिले।
सार्वजनिक परियोजनाओं की समीक्षा
राव इंद्रजीत सिंह ने शहर के विभिन्न विकास कार्यों की भी समीक्षा की, जिनमें रोड, नए बस स्टैंड, नागरिक अस्पताल और खेल इन्फ्रास्ट्रक्चर शामिल हैं। उन्होंने अधिकारियों से लंबित परियोजनाओं की समयबद्ध समीक्षा की और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।