प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने मुंबई में ग्लोबल फिनटेक फेस्ट 2025 को संबोधित किया
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने आज मुंबई में आयोजित ग्लोबल फिनटेक फेस्ट 2025 में अपने संबोधन के दौरान भारत की डिजिटल प्रौद्योगिकी और फिनटेक क्षेत्र में वैश्विक भूमिका पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर, उन्होंने बताया कि भारत ने प्रौद्योगिकी का लोकतंत्रीकरण कर उसे हर नागरिक और क्षेत्र के लिए सुलभ बना दिया है। प्रधानमंत्री ने भारत के फिनटेक समुदाय द्वारा स्वदेशी समाधान विकसित करने में किए गए प्रयासों की सराहना की, जिससे भारतीय फिनटेक इकोसिस्टम को वैश्विक पहचान मिली है।
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने बताया कि पिछले एक दशक में भारत ने प्रौद्योगिकी का लोकतंत्रीकरण किया और आज भारत दुनिया के प्रौद्योगिकीय रूप से सबसे समावेशी समाजों में से एक है। उन्होंने कहा, “हमने डिजिटल प्रौद्योगिकी को हर क्षेत्र में पहुँचाया है, जिससे यह केवल सुविधा का साधन नहीं बल्कि समानता का माध्यम बन गई है।”
भारत का डिजिटल मॉडल और विश्व में प्रभाव
प्रधानमंत्री ने भारत के डिजिटल स्टैक और इंडिया स्टैक के योगदान को वैश्विक स्तर पर महत्वपूर्ण बताया। यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) और आधार-आधारित भुगतान प्रणाली जैसे प्रमुख डिजिटल पहलू भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था की रीढ़ बने हैं। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि भारत बिल भुगतान प्रणाली और डिजीलॉकर जैसी सेवाओं ने दुनिया भर के देशों के लिए एक मॉडल स्थापित किया है।
भारत ने न केवल तकनीकी नवाचारों को अपनाया, बल्कि उन्हें साझा भी किया है। उदाहरण के रूप में, प्रधानमंत्री मोदी ने मॉड्यूलर ओपन-सोर्स आइडेंटिटी प्लेटफॉर्म (MOSIP) का हवाला दिया, जिसे पच्चीस से अधिक देशों द्वारा अपनाया गया है। उन्होंने कहा कि भारत अब डिजिटल सशक्तिकरण का नेतृत्व कर रहा है, न कि केवल डिजिटल सहायता।
फिनटेक और एआई में भारत की भूमिका
प्रधानमंत्री ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) में भारत की दृष्टि के बारे में भी चर्चा की। उन्होंने बताया कि भारत का एआई दृष्टिकोण तीन प्रमुख सिद्धांतों—न्यायसंगत पहुंच, जनसंख्या-स्तरीय कौशल निर्माण और उत्तरदायी तैनाती पर आधारित है। प्रधानमंत्री ने भारत के एआई मिशन की योजना का जिक्र करते हुए कहा कि यह मिशन हर ज़िले और हर भाषा में एआई के लाभों को पहुंचाने का काम करेगा।
उन्होंने भारत की नैतिक एआई संरचना और विश्व में एआई के लिए सुरक्षा और विश्वसनीयता के महत्व पर भी जोर दिया। भारत प्रौद्योगिकी और नवाचार के क्षेत्र में विश्व को एक नई दिशा देने के लिए प्रतिबद्ध है।
भारत-ब्रिटेन साझेदारी और भविष्य के अवसर
प्रधानमंत्री ने इस बात पर भी ज़ोर दिया कि भारत और ब्रिटेन के बीच प्रौद्योगिकी और फिनटेक के क्षेत्र में साझेदारी से वैश्विक वित्तीय परिदृश्य को नया आकार मिलेगा। उन्होंने बताया कि ब्रिटेन और भारत के बीच फिनटेक कॉरिडोर नए स्टार्ट-अप्स के लिए मार्ग प्रशस्त करेगा और दोनों देशों के बीच वित्तीय सहयोग को मजबूत करेगा।
प्रधानमंत्री ने भारत के विकास के लिए सभी निवेशकों का स्वागत करते हुए कहा कि वे भारतीय फिनटेक पारिस्थितिकी तंत्र के बढ़ते प्रभाव में भागीदार बन सकते हैं। उन्होंने समापन करते हुए कहा कि हमारा लक्ष्य एक ऐसा फिनटेक विश्व बनाना है, जो प्रौद्योगिकी, लोगों और पूरी दुनिया को समृद्ध बनाए।