हरियाणा मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का निर्देश: विश्वविद्यालयों को उद्योगों से समन्वय कर रोजगार मेले आयोजित करने को कहा
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पंचकूला में प्रदेश के सभी राज्य विश्वविद्यालयों के कुलपतियों के साथ समीक्षा बैठक में निर्देश दिए कि विश्वविद्यालय उद्योगों के साथ समन्वय बढ़ाकर हर वर्ष रोजगार मेले आयोजित करें। इसका उद्देश्य युवाओं को बेहतर रोजगार अवसर प्रदान करना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा एक तेजी से उभरता औद्योगिक राज्य है, जहां कई मल्टीनेशनल कंपनियां स्थापित हो रही हैं। इसलिए शिक्षण संस्थानों को सक्रिय भूमिका निभाते हुए युवाओं को शिक्षा के साथ-साथ रोजगार के लिए भी तैयार करना होगा ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें।
बैठक में मुख्यमंत्री ने उच्च शिक्षा के लिए बजट की प्रगति की समीक्षा की और कुलपतियों को प्लेसमेंट सेल्स को पूरी तरह सक्रिय करने के निर्देश दिए ताकि छात्र अपने कॉलेज या विश्वविद्यालय में ही रोजगार प्राप्त कर सकें। साथ ही, विश्वविद्यालयों से छात्रों की विदेश में नौकरी, स्टार्टअप और अन्य सफलताओं का डैशबोर्ड बनाने को कहा गया है, जो भविष्य की योजनाओं के लिए उपयोगी होगा।
उन्होंने शोध एवं नवाचार को प्रोत्साहित करने हेतु 20 करोड़ रुपये के रिसर्च एंड इनोवेशन फंड की स्थापना पर भी चर्चा की। कुलपतियों ने इस पहल की सराहना की और सामाजिक मुद्दों पर शोध के लिए विद्यार्थियों को प्रेरित करने का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री ने ग्रॉस एनरोलमेंट रेशो को 33% से बढ़ाकर 50% तक पहुंचाने का लक्ष्य भी साझा किया और प्रदेश के प्रत्येक जिले में मॉडल संस्कृति कॉलेज खोलने की योजना का उल्लेख किया।
इस अवसर पर हरियाणा स्टेट हायर एजुकेशन काउंसिल के अध्यक्ष के.सी. शर्मा, मुख्यमंत्री के ओएसडी डॉ. राज नेहरू, तकनीकी शिक्षा विभाग के निदेशक प्रभजोत सिंह, राज्य विश्वविद्यालयों के कुलपति और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
यह पहल हरियाणा के युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने, उच्च शिक्षा को सुदृढ़ बनाने और विश्वविद्यालयों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।