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अध्यक्ष डॉ. अरविंद पनगढ़िया: 16वें केंद्रीय वित्त आयोग की टीम ने किया हिसार दौरा, विकास कार्यों का किया निरीक्षण

अध्यक्ष डॉ. अरविंद पनगढ़िया: 16वें केंद्रीय वित्त आयोग की टीम ने किया हिसार दौरा, विकास कार्यों का किया निरीक्षण

आयोग के अध्यक्ष डॉ. अरविंद पनगढ़िया के नेतृत्व में टीम ने हिसार में कंसल्टेशन विजिट श्रृंखला के तहत विभिन्न स्थानों पर किया निरीक्षण

भारत सरकार द्वारा गठित 16वें केंद्रीय वित्त आयोग के अध्यक्ष डॉ. अरविंद पनगढ़िया के नेतृत्व में आयोग देशभर के विभिन्न हितधारकों से व्यापक परामर्श कर रहा है। इस सिलसिले में आयोग की “कंसल्टेशन-विजिट” श्रृंखला के तहत हरियाणा 24वां राज्य बना है, जहां आयोग ने दौरा किया।

मंगलवार को आयोग के अध्यक्ष डॉ. अरविंद पनगढ़िया और अधिकारियों की टीम हिसार पहुंची। यहां मंडलायुक्त ए. श्रीनिवास और उपायुक्त अनीश यादव ने आयोग की टीम का स्वागत किया।

गौरतलब है कि केंद्रीय वित्त आयोग राज्यों में विकास कार्यों, बुनियादी ढांचे और नवाचारों की वास्तविक स्थिति को समझने हेतु जमीनी स्तर पर इस प्रकार के दौरे कर रहा है।

दौरे के दौरान आयोग की टीम ने जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग द्वारा केमरी रोड पर स्थापित 15 एमएलडी क्षमता के वाटर ट्रीटमेंट प्लांट और वाटर वर्क्स के द्वितीय चरण के रिनोवेशन कार्य का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने इस परियोजना के तहत किए जा रहे कार्यों, जल गुणवत्ता, सप्लाई प्रणाली एवं प्रौद्योगिकी के बारे में आयोग को अवगत कराया।

इसके उपरांत आयोग की टीम ने चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय, हिसार स्थित विभिन्न शोध एवं नवाचार स्थलों का भ्रमण किया। टीम ने विश्वविद्यालय परिसर स्थित डॉ. मंगलसेन कृषि साइंस म्यूजियम एवं बायोटेक्नोलॉजी लेबोरेटरी का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने टीम को कृषि नवाचार, जैविक अनुसंधान एवं ग्रामीण पर्यटन, परम्परागत संसाधनों और उनके द्वारा किए गए प्रयोग को बढ़ावा देने से संबंधित गतिविधियों की जानकारी दी।

हिसार में जनस्वास्थ्य विभाग पाँच वाटर वर्क्स के माध्यम से पेयजल आपूर्ति कर रहा सुनिश्चित

केंद्रीय वित्त आयोग के अध्यक्ष डॉ. अरविंद पनगढ़िया और अधिकारियों की टीम ने केमरी रोड स्थित वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का निरीक्षण किया। जनस्वास्थ्य विभाग के इंजीनियर इन चीफ देवेंद्र सिंह ने बताया कि हिसार शहर के लिए विभाग ने पाँच वाटर वर्क्स बनाए हुए है। केमरी रोड वाटर वर्क्स की क्षमता 15 एमएलडी की है और 51711 लोगों को पानी उपलब्ध करवाया जा रहा है। इस वाटर वर्क्स से वार्ड नबर 14,15,16 और पटेल नगर को सलाई की जा रही है। इसकी स्टोरेज क्षमता 2.88 करोड़ लीटर की है। उन्होंने बताया कि इस वाटर वर्क्स को बालसमंद सब ब्रांच से आपूर्ति होती है। हिसार में पेयजल आपूर्ति में किसी भी प्रकार की कोई बाधा नहीं है और लोगों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है।

किसानो को एफपीओ की स्थापना की मदद सहित मार्केटिंग तकनीक से करवाया जा रहा अवगत

वित्त आयोग के अध्यक्ष और टीम का हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय में पहुँचने पर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बी आर कंबोज ने स्वागत किया और आयोग को विश्वविद्यालय द्वारा संचालित की जा रही गतिविधियों की जानकारी सांझा की। आयोग को अवगत करवाया गया कि विश्वविद्यालय किसानों को बीज उपलब्ध करवाने के साथ ही उनके किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ) स्थापित करने में मदद करता है और उनके लिए मार्केटिंग के रास्ते खोजने में मदद कर रहा है। एचएयू किसानों को फसलों को अनुसंधान करके बीज उपलब्ध कराती है।

एचएयू ने टिश्यू कल्चर विधि से विभिन्न प्रजातियों के पौधे तैयार करने की विधियां विकसित की

कुलपति प्रो. बी.आर. काम्बोज ने वित्त आयोग के अध्यक्ष डॉ अरविंद पनगढिय़ा एवं टीम के सदस्यों को बताया कि सेंटर फॉर माइक्रोप्रोपेगेशन एंड डबल हेपलोड प्रयोगशाला से तैयार किए गए पौधे हरियाणा सहित उत्तर भारत के विभिन्न राज्यों के किसानों को उपलब्ध करवाए जा सकेगें। इस प्रयोगशाला में टिश्यू कल्चर विधि से विभिन्न प्रजातियों के पौधे तैयार करने की विधियां विकसित की गई हैं। लैब में प्रति वर्ष लगभग 20 लाख उच्च गुणवत्ता, रोग रहित एवं आनुवांशिक रूप से एक जैसे पौधे तैयार किये जा सकेंगे।

उन्होंने बताया कि गन्ने की एक आख से 40 हजार पौधे तैयार किये जा रहे हैं जिससे किसानों को लाभ होगा। उन्होंने बताया कि यह प्रयोगशाला 2.5 एकड़ में फैली हुई है जिसे तीन भागों में विभाजित किया गया है। पहले भाग में प्रयोगशाला है जो कि 6500 स्क्वेयर फीट में स्थापित की गई है। जिसमें पौधे परखनलियों में प्रयोगशाला में नियंत्रित तापमान एवं प्रकाश के अंदर विकसित किए जाते हैं। दूसरे भाग में 1041 स्क्वेयर फीट में ग्रीन हाउस है। यहां पर पौधों को नियंत्रित तापमान एवं आद्रता में विकसित किया जाता है। इस ग्रीन हाउस में टिश्यू कल्चर विधि से 5 लाख पौधे रखने की क्षमता है। तीसरे भाग में नेट हाउस है, जो की एक एकड़ में बनाया गया है। जिसमें पौधें रखकर किसानों को उपलब्ध करवाए जाएंगे।

कृषि विज्ञान संग्रहालय में वित्त आयोग की टीम ने देखी हरियाणवी संस्कृति की झलक

वित्त आयोग की टीम ने डॉ मंगल सेन कृषि विज्ञान संग्रहालय का भ्रमण कर जानकारी हासिल की। संग्रहालय के प्रारंभ में ही हरियाणा की गौरवपूर्ण विकास यात्रा के सामाजिक, राजनीतिक, आर्थिक, जन सांख्यिकीय आंकड़े दर्शाए जाने के साथ आगंतुकों विशेष कर स्कूली बच्चों को कृषि के बारे में जागरूक करने के लिए कृषि विकास यात्रा को त्रि-आयामी भीती चित्रों द्वारा दर्शाया गया है। संग्रहालय में विश्वविद्यालय के विभिन्न महाविद्यालयों, विभागों तथा संकायों की जानकारी देने के लिए त्रि-आयामी मॉडल लगाए गए हैं जो विश्वविद्यालय का अति सुंदर चित्रण प्रस्तुत करते हैं।

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