केंद्रीय कोयला मंत्री श्री सतीश चंद्र दुबे ने झरिया मास्टर प्लान की समीक्षा बैठक की, बीसीसीएल अस्पताल और मल्टी-स्किल डेवलपमेंट संस्थान का उद्घाटन किया
केंद्रीय कोयला और खान राज्य मंत्री श्री सतीश चंद्र दुबे ने आज धनबाद स्थित भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (बीसीसीएल) मुख्यालय में संशोधित झरिया मास्टर प्लान की उच्च-स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में धनबाद के उपायुक्त श्री आदित्य रंजन, बीसीसीएल के सीएमडी श्री समीरन दत्ता, बीसीसीएल और कोयला मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी, जिला प्रशासन, और जेआरडीए के प्रतिनिधि उपस्थित थे।
मंत्री का प्रमुख फोकस: विस्थापित परिवारों का पुनर्वास और सामाजिक विकास
इस बैठक के दौरान, श्री दुबे ने झरिया मास्टर प्लान और बेलगड़िया टाउनशिप पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया कि कोयला उद्योग न केवल ऊर्जा सुरक्षा में अहम भूमिका निभाता है, बल्कि सरकार पुनर्वास और सामाजिक विकास में भी तेजी से काम कर रही है। मंत्री ने कहा कि झरिया मास्टर प्लान और बेलगड़िया टाउनशिप जैसी परियोजनाओं का उद्देश्य विस्थापित परिवारों को सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन देना है। उन्होंने इस पर बल दिया कि कौशल विकास और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने से स्थानीय लोगों को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने में मदद मिलेगी।
मंत्री ने की प्रमुख संस्थानों का उद्घाटन
समीक्षा बैठक के बाद, श्री दुबे ने बीसीसीएल के केंद्रीय अस्पताल में नवनिर्मित 16 बिस्तरों वाले सर्जिकल आईसीयू वार्ड का उद्घाटन किया। साथ ही, उन्होंने धनबाद के स्टील गेट स्थित बहु-कौशल विकास संस्थान (एमएसडीआई-III) का भी उद्घाटन किया। इस संस्थान में कौशल विकास के क्षेत्र में कई प्रगति की गई है। इसके बाद, मंत्री ने जेआरडीए के सहयोग से सीएसआर-वित्त पोषित योजना के तहत लाभार्थियों को पांच ई-रिक्शा की चाबियाँ भी वितरित कीं।
झरिया मास्टर प्लान: आवासीय सुविधाएं और बुनियादी ढांचा
समीक्षा बैठक में, श्री दुबे ने विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया कि पुनर्वास तब ही सफल होगा जब सभी बुनियादी सुविधाएँ – जैसे सड़कें, अस्पताल, स्कूल और पुलिस स्टेशन – समय पर उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने बीसीसीएल, जेआरडीए और अन्य एजेंसियों को निर्देश दिया कि संशोधित झरिया मास्टर प्लान के उद्देश्यों को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा किया जाए।
मंत्री ने किया बेलगड़िया टाउनशिप का निरीक्षण
श्री दुबे ने बेलगड़िया टाउनशिप का निरीक्षण किया और पुनर्वासित परिवारों से बातचीत की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि टाउनशिप में सभी बुनियादी सुविधाओं का समय पर प्रावधान सुनिश्चित किया जाए ताकि लोगों का जीवन स्तर बेहतर हो सके।
स्वास्थ्य और कल्याण के लिए महत्वपूर्ण कदम
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यह पहल खनन क्षेत्रों में कार्यरत कर्मचारियों और उनके परिवारों के स्वास्थ्य और कल्याण को सुरक्षित रखने में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ से भी बातचीत की और कर्मचारियों की भलाई के लिए किए गए प्रयासों की सराहना की।