Select Page

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली–मेरठ नमो भारत कॉरिडोर का शुभारंभ किया, रैपिड रेल और मेरठ मेट्रो को दिखाई हरी झंडी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली–मेरठ नमो भारत कॉरिडोर का शुभारंभ किया, रैपिड रेल और मेरठ मेट्रो को दिखाई हरी झंडी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली–मेरठ नमो भारत RRTS और मेरठ मेट्रो का उद्घाटन किया। आधुनिक कनेक्टिविटी, रोजगार, एमएसएमई और विकसित भारत पर दिया जोर।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की पहली नमो भारत रैपिड रेल (RRTS) सेवा का उद्घाटन करते हुए दिल्ली–मेरठ कॉरिडोर को राष्ट्र को समर्पित किया। इस अवसर पर उन्होंने मेरठ मेट्रो सेवा का भी शुभारंभ किया और इसे ‘विकसित भारत’ तथा ‘विकसित उत्तर प्रदेश’ की दिशा में एक ऐतिहासिक उपलब्धि बताया। यह पहली बार है जब देश में एक ही मंच से रैपिड रेल और मेट्रो सेवा का संयुक्त उद्घाटन किया गया है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि यह परियोजना आधुनिक भारत के मजबूत कनेक्टिविटी मॉडल का उदाहरण है। इस एकीकृत परिवहन प्रणाली के माध्यम से शहर के भीतर यात्रा के लिए मेट्रो और जुड़वां शहरों को जोड़ने के लिए नमो भारत ट्रेनें संचालित होंगी। उन्होंने बताया कि वर्तमान सरकार की कार्यशैली में परियोजनाएं समय पर पूरी होती हैं और लंबित नहीं रहतीं।

अपने दौरे के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मेरठ मेट्रो में यात्रा की और यात्रियों एवं विद्यार्थियों से संवाद किया। उन्होंने इस परियोजना में महिलाओं की महत्वपूर्ण भागीदारी की सराहना की और कहा कि ट्रेन संचालन तथा स्टेशन प्रबंधन में बड़ी संख्या में महिलाएं कार्यरत हैं, जो नारी सशक्तिकरण का सशक्त उदाहरण है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि पिछले एक दशक में देश में मेट्रो नेटवर्क का तेज़ विस्तार हुआ है। जहां पहले मेट्रो सेवाएं कुछ ही शहरों तक सीमित थीं, वहीं अब 25 से अधिक शहरों में मेट्रो संचालित हो रही है, जिससे भारत विश्व के प्रमुख मेट्रो नेटवर्क देशों में शामिल हो गया है। उन्होंने कहा कि दिल्ली, गाजियाबाद, सराय काले खां और मेरठ जैसे प्रमुख स्थानों पर रेलवे, मेट्रो और बस सेवाओं का एकीकृत ढांचा यात्रियों के लिए अत्यंत सुविधाजनक साबित होगा। इससे लोगों को शहर के भीतर या सीधे दिल्ली तक निर्बाध यात्रा की सुविधा मिलेगी, जिससे आवास संबंधी समस्याएं भी कम होंगी।

प्रधानमंत्री ने कहा कि एक्सप्रेसवे, माल ढुलाई गलियारे और जेवर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे जैसी परियोजनाएं क्षेत्रीय विकास को नई गति दे रही हैं। इन आधारभूत संरचना परियोजनाओं से रोजगार के अवसर बढ़ रहे हैं तथा नए उद्योगों और निवेश को प्रोत्साहन मिल रहा है।

उन्होंने उत्तर प्रदेश को श्रम और नवाचार की भूमि बताते हुए कहा कि राज्य के किसान, कारीगर और उद्यमी विकास के नए आयाम स्थापित कर रहे हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि वैश्विक स्तर पर भारत की बढ़ती प्रतिष्ठा के कारण दुनिया के कई देश भारतीय युवाओं की क्षमता का लाभ उठाने के लिए साझेदारी करने में रुचि दिखा रहे हैं।

सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) क्षेत्र पर चर्चा करते हुए प्रधानमंत्री ने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा 10,000 करोड़ रुपये का विशेष कोष उपलब्ध कराया गया है, जिससे छोटे व्यवसायों को आसानी से ऋण मिल सकेगा। साथ ही, छोटे व्यापारियों के लिए अंतरराष्ट्रीय शिपमेंट की सीमा समाप्त कर दी गई है, जिससे मेरठ और आसपास के उद्यमी अपने उत्पाद सीधे वैश्विक बाजारों में बेच सकेंगे।

प्रधानमंत्री ने किसानों के हित में चलाई जा रही योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के अंतर्गत उत्तर प्रदेश के किसानों को अब तक लगभग 95,000 करोड़ रुपये प्रदान किए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि खाद्य प्रसंस्करण और कृषि आधारित उद्योगों के विस्तार से किसानों की आय में वृद्धि हो रही है।

उन्होंने उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था में सुधार, औद्योगिक विकास और निवेश के माहौल को मजबूत करने की सराहना की। प्रधानमंत्री ने कहा कि राज्य अब विनिर्माण, मोबाइल उत्पादन, रक्षा क्षेत्र और पर्यटन में नई पहचान बना रहा है। हाल ही में सेमीकंडक्टर क्षेत्र में निवेश के साथ राज्य तकनीकी उद्योग की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

अपने संबोधन के अंत में प्रधानमंत्री ने कहा कि विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए विकसित उत्तर प्रदेश की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने विश्वास जताया कि आधुनिक बुनियादी ढांचा और बेहतर कनेक्टिविटी देश के आर्थिक विकास को नई दिशा देंगे।

About The Author

Leave a reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recent Posts

Recent Comments

No comments to show.