महीपाल ढांडा: हरियाणा के तकनीकी शिक्षा संस्थानों को मिलेगा आईआईटी रुड़की का मार्गदर्शन
शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा ने आईआईटी रुड़की के साथ ऐतिहासिक एमओयू पर हस्ताक्षर की जानकारी दी। हरियाणा के तकनीकी संस्थानों को मिलेगा आईआईटी स्तर का मार्गदर्शन।
हरियाणा के शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा तकनीकी शिक्षा विभाग के माध्यम से भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी), रुड़की के साथ किया गया समझौता राज्य के तकनीकी शिक्षा क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण और दूरदर्शी कदम है। यह सहयोग राज्य के इंजीनियरिंग, प्रौद्योगिकी और पॉलिटेक्निक संस्थानों में शैक्षणिक गुणवत्ता, अनुसंधान, नवाचार और संकाय विकास को नई दिशा देगा।
20 फरवरी 2026 को हस्ताक्षरित इस समझौता ज्ञापन पर आईआईटी रुड़की की ओर से प्रो. विवेक कुमार मलिक (डीन, प्रायोजित अनुसंधान एवं औद्योगिक परामर्श) तथा हरियाणा तकनीकी शिक्षा विभाग की ओर से महानिदेशक प्रभजोत सिंह ने हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर दोनों संस्थानों के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।
शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा ने कहा कि राष्ट्रीय महत्व के संस्थान के रूप में मान्यता प्राप्त आईआईटी रुड़की इंजीनियरिंग और उन्नत शोध के क्षेत्र में देश-विदेश में प्रतिष्ठित है। इस साझेदारी से हरियाणा के राज्य इंजीनियरिंग एवं प्रौद्योगिकी संस्थानों, सरकारी बहुतकनीकी संस्थानों और तकनीकी विश्वविद्यालयों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। यह समझौता एक मजबूत शैक्षणिक सहयोग ढांचा तैयार करेगा, जिससे विद्यार्थियों और शिक्षकों को उच्च स्तरीय विशेषज्ञता और संसाधनों तक पहुंच प्राप्त होगी।
उन्होंने बताया कि इस सहयोग के तहत संकाय विकास और क्षमता निर्माण पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। संयुक्त प्रशिक्षण कार्यक्रम, कार्यशालाएं और ज्ञान-विनिमय गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। छात्रों को संस्थागत नियमों के अनुरूप आईआईटी रुड़की में प्रशिक्षण और शोध परियोजनाओं में भाग लेने का अवसर मिलेगा। इसके अतिरिक्त संयुक्त अनुसंधान परियोजनाओं, संकाय विनिमय कार्यक्रमों और शैक्षणिक संसाधनों के साझा उपयोग को भी बढ़ावा दिया जाएगा।
समझौते के अंतर्गत नवाचार और उद्यमिता को प्रोत्साहित करने के लिए हैकाथॉन, स्टार्ट-अप मार्गदर्शन कार्यक्रम, इन्क्यूबेशन सहयोग और तकनीक आधारित पहलों को बढ़ावा दिया जाएगा। सरकार का उद्देश्य तकनीकी शिक्षा को उद्योग से जोड़ते हुए विद्यार्थियों को रोजगारपरक और आधुनिक कौशल से सशक्त बनाना है।
महीपाल ढांडा ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य केवल गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना नहीं है, बल्कि शिक्षकों को भी आधुनिक अनुसंधान पद्धतियों और उद्योगोन्मुख दृष्टिकोण से सशक्त बनाना है। यह समझौता प्रदेश में नवाचार-आधारित और उद्योग-संलग्न शैक्षणिक वातावरण तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
उन्होंने अतिरिक्त मुख्य सचिव उच्चतर शिक्षा और तकनीकी शिक्षा विभाग के अधिकारियों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि यह पहल हरियाणा को तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक ले जाएगी। यह समझौता पांच वर्षों के लिए प्रभावी रहेगा और गैर-वित्तीय तथा गैर-बाध्यकारी प्रकृति का है, जिससे भविष्य में विशिष्ट परियोजनाओं पर सहयोग का मार्ग प्रशस्त होगा।
इस अवसर पर तकनीकी शिक्षा विभाग और आईआईटी रुड़की के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।