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मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी: केंद्रीय बजट से हरियाणा की प्रगति को मिलेगा नया मार्ग

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी: केंद्रीय बजट से हरियाणा की प्रगति को मिलेगा नया मार्ग

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने केंद्रीय बजट में कृषि, ग्रामीण विकास, मेडिकल, एनसीआर लॉजिस्टिक्स और स्टार्टअप्स के लिए वित्तीय सहायता की मांग रखी।

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में आज नई दिल्ली में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के वित्त मंत्रियों की बजट-पूर्व बैठक आयोजित हुई। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी भी इस बैठक में शामिल हुए और उन्होंने केंद्रीय बजट में हरियाणा से जुड़ी महत्वपूर्ण मांगें रखीं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्रीय बजट हरियाणा की विकास यात्रा को और गति देगा और प्रदेश 2047 तक देश को विकसित राष्ट्र बनाने में अपना अहम योगदान देगा।

हरियाणा की मुख्य मांगें: कृषि, स्वास्थ्य, उद्योग और ग्रामीण विकास

1. कृषि क्षेत्र के लिए वित्तीय सहायता की मांग

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा कृषि प्रधान राज्य है और देश में खाद्यान्न उत्पादन में दूसरे स्थान पर है। लेकिन प्रदेश में सेम रोग से लगभग 6 लाख एकड़ भूमि प्रभावित है। उन्होंने केंद्र सरकार से इस प्रभावित भूमि के लिए वित्तीय सहायता देने की मांग की ताकि किसानों को भारी नुकसान से बचाया जा सके।

2. कृषि के आधुनिकीकरण पर जोर

हरियाणा में कृषि के आधुनिकीकरण की जरूरत को उन्होंने प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि डिजिटल कृषि, माइक्रो इरीगेशन, एग्री-लॉजिस्टिक्स और वैल्यू-एडिशन पर फोकस से किसान सीधे बाजार से जुड़ सकेंगे। इसके साथ ही एमएसएमई के साथ एग्री प्रोसेसिंग क्लस्टर ग्रामीण समृद्धि को बढ़ावा दे सकते हैं।

3. हर जिले में मेडिकल कॉलेज खोलने की योजना

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में हर जिले में मेडिकल कॉलेज खोलने की योजना है, जिससे चिकित्सा शिक्षा का विस्तार होगा। इसके लिए केंद्र की प्रायोजित योजनाओं के तहत आर्थिक सहयोग आवश्यक है।

एनसीआर को लॉजिस्टिक्स हब बनाने के लिए केंद्रीय पूंजी निवेश की मांग

हरियाणा के मुख्यमंत्री ने कहा कि एनसीआर क्षेत्र को लॉजिस्टिक्स हब के रूप में विकसित किया जा रहा है। इससे देश के प्रमुख बाजारों तक माल की आपूर्ति तेज और समयबद्ध होगी। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में अधिक से अधिक केंद्रीय पूंजी निवेश की जरूरत है।

एमएसएमई और स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने की मांग

मुख्यमंत्री ने कहा कि एमएसएमई और स्टार्टअप्स के बिना अर्थव्यवस्था को गति नहीं दी जा सकती। हरियाणा देश में स्टार्टअप्स के मामले में चौथे स्थान पर है। प्रदेश सरकार 2,000 करोड़ रुपये के ‘फंड ऑफ फंड्स’ की स्थापना करने जा रही है। साथ ही 10 नए आईएमटी (इंडस्ट्रियल मॉडल टाउन) विकसित किए जाएंगे, जिनमें भारी पूंजी निवेश होगा।

उन्होंने इन योजनाओं के लिए केंद्र से अतिरिक्त आर्थिक सहायता की मांग की।

सामाजिक सुरक्षा पेंशन और ग्रामीण विकास के लिए विशेष मदद की मांग

हरियाणा में 44 लाख से अधिक लोगों को सामाजिक सुरक्षा पेंशन दी जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस मद में भी केंद्र से वित्तीय सहायता बढ़ाई जाए।

इसके अलावा उन्होंने ग्रामीण विकास कोष (RIDF) की आवंटन राशि बढ़ाने की मांग की। उन्होंने कहा कि अगले वित्त वर्ष 2026-27 में RIDF के सामान्य आवंटन को 2,000 करोड़ रुपये किया जाए।

उसी तरह UIDF के तहत अधिकतम परियोजना सीमा को 100 करोड़ से बढ़ाकर 500 करोड़ करने का सुझाव दिया।

हरियाणा की अर्थव्यवस्था: जीडीपी में 3.7% योगदान

मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा एक छोटा राज्य होने के बावजूद देश की GDP में 3.7% योगदान दे रहा है। GST संग्रह के मामले में भी हरियाणा अग्रणी है। प्रति व्यक्ति GST संग्रह में प्रदेश देश में प्रथम स्थान पर है और कुल GST संग्रह में योगदान 7.32% है।

उन्होंने कहा कि इस वित्त वर्ष में SGST संग्रह में 21% वृद्धि दर्ज की गई, जो राष्ट्रीय औसत 6% से बहुत अधिक है।

मुख्यमंत्री की आशा: इस बजट में हरियाणा को मिलेगा विशेष स्थान

नायब सिंह सैनी ने कहा कि उन्हें विश्वास है कि इस आम बजट में हरियाणा की मांगों को प्राथमिकता दी जाएगी, जिससे प्रदेश की विकास गति और तेज होगी।

उन्होंने कहा कि मानव पूंजी में निवेश आज की जरूरत है और एआई, सेमीकंडक्टर, ग्रीन टेक और बायोटेक जैसे क्षेत्रों में कौशल विकास पर जोर देना आवश्यक है।

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