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मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी: बजट पूर्व परामर्श बैठक – सहभागी लोकतंत्र और साझा जिम्मेदारी का प्रतीक

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी: बजट पूर्व परामर्श बैठक – सहभागी लोकतंत्र और साझा जिम्मेदारी का प्रतीक

हरियाणा में बजट पूर्व परामर्श बैठक में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सहभागी लोकतंत्र व साझा उत्तरदायित्व का महत्व बताया, पेशेवरों ने बजट सुझाव दिए।

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने गुरुग्राम में आयोजित बजट पूर्व परामर्श बैठक को सहभागी लोकतंत्र, सहयोगात्मक शासन और साझा उत्तरदायित्व का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की बैठकों में समाज के विभिन्न क्षेत्रों के हितधारक मिलकर बजट पर सुझाव देते हैं, जो सरकार की नीतियों और निर्णयों की नींव को मजबूत बनाते हैं।

पेशेवरों ने बजट पर दिए महत्वपूर्ण सुझाव

गुरुग्राम में आयोजित दो सत्रों में विभिन्न हितधारकों ने बजट संबंधी विचार साझा किए। दूसरे सत्र में चार्टर्ड अकाउंटेंट, अधिवक्ता, आर्किटेक्ट, पर्यावरणविद, डॉक्टर और अन्य पेशेवर शामिल हुए। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि ये सभी पेशेवर खुले विचार, स्पष्ट सोच और रचनात्मक दृष्टिकोण के साथ एक मंच पर आए हैं। उन्होंने बताया कि यह वर्ग नीति निर्माण, विधिक सलाह, वित्तीय अनुशासन, नियोजन, पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास में मार्गदर्शक की भूमिका निभाता है।

पिछले सुझावों का बजट में प्रभाव: 15 सुझाव हुए शामिल

मुख्यमंत्री ने पिछले वर्ष हितधारकों द्वारा दिए गए सुझावों की उपयोगिता पर जोर देते हुए कहा कि वे बेहद व्यावहारिक और दूरदर्शी रहे। उन्होंने बताया कि पिछले साल कुल 43 सुझावों में से 15 को बजट 2025-26 में शामिल किया गया। इनमें वन टाइम सेटलमेंट योजना, ई.टी.ओ. द्वारा धारा-61 के तहत सुओमोटो जांच, जी.एस.टी. अधिनियम 2017 की धारा-66 के अंतर्गत स्पेशल ऑडिट के लिए चार्टर्ड अकाउंटेंट पैनल का गठन, और ई.टी.ओ./डी.ई.टी.सी. कार्यालयों में पारदर्शिता के लिए सीसीटीवी की व्यवस्था जैसी पहलें शामिल हैं।

पर्यावरण और जनहित के लिए बड़े निर्णय

मुख्यमंत्री ने बताया कि बजट में कई ऐसे निर्णय भी लिए गए जो पर्यावरण संरक्षण और जनहित को ध्यान में रखते हुए किए गए। इनमें कृषि उपकरणों पर जी.एस.टी. छूट, जी.एस.टी. रिफंड प्रक्रिया का स्वचालन, ई-वेस्ट प्रबंधन की नई नीति, अरावली जंगल सफारी, प्राणवायु देवता पेंशन योजना और पर्यावरण प्रशिक्षण केंद्र जैसी पहलों को शामिल किया गया। उन्होंने कहा कि ये निर्णय शासन को सरल, पारदर्शी और जनहित आधारित बनाने के लिए महत्वपूर्ण हैं।

हरियाणा बना तीन नए आपराधिक कानून लागू करने वाला पहला राज्य

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पुराने आपराधिक कानूनों को बदलकर नए कानून लागू किए गए। हरियाणा देश का पहला राज्य है जिसने तीनों नए कानूनों को सबसे कम समय में लागू किया। उन्होंने बताया कि राज्य में आधुनिक तकनीक के उपयोग से ई-साक्ष्य और ई-समन ऐप भी लागू किए गए हैं। जनवरी 2025 से 31 अगस्त 2025 के बीच 96.71% मामलों में अपराध स्थल की फोरेंसिक जांच ई-साक्ष्य ऐप से रिकॉर्ड की गई, जबकि लगभग 46.52% पुलिसकर्मी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कोर्ट में पेश हो रहे हैं।

व्यापार को सरल बनाने के लिए 1100 से अधिक नियम समाप्त

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने 1600 पुराने नियमों को समाप्त किया है। इसी दिशा में हरियाणा सरकार ने भी व्यापार को सुगम बनाने के लिए 48 विभागों के 1100 से अधिक गैर-जरूरी नियमों को खत्म किया है।

बजट 2025-26 का राजस्व लक्ष्य 78.48% पूरा

मुख्यमंत्री ने बताया कि बजट 2025-26 में आबकारी एवं कराधान विभाग के लिए 68,834.91 करोड़ रुपये का राजस्व लक्ष्य रखा गया था। 31 दिसंबर 2025 तक 54,022.66 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त किया जा चुका है, जो लक्ष्य का 78.48% है। उन्होंने कहा कि जनहित में दिए गए सुझावों के आधार पर सरकार के प्रयास सार्थक दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।

विधानसभा में आमंत्रण: सुझाव देने वाले बनेंगे बजट भाषण के साक्षी

मुख्यमंत्री ने कहा कि बजट में किसी भी हितधारक को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा और बजट प्रदेश के हर वर्ग को ध्यान में रखकर तैयार किया जाएगा। उन्होंने हितधारकों को विधानसभा सत्र में आकर बजट भाषण सुनने का विशेष निमंत्रण देने की घोषणा की, ताकि वे स्वयं देख सकें कि सरकार ने जो कहा, उसे पूरा किया।

बैठक में शामिल वरिष्ठ अधिकारी और नेता

कार्यक्रम में हरियाणा के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह, पटौदी की विधायक बिमला चौधरी, गुरुग्राम के विधायक मुकेश शर्मा, मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव राजेश खुल्लर, उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के आयुक्त एवं सचिव डॉ. अमित कुमार अग्रवाल, श्रम विभाग के प्रधान सचिव राजीव रंजन, आबकारी एवं कराधान आयुक्त एवं सचिव आशिमा बराड़, एचएसआईआईडीसी के एमडी आदित्य दहिया, मुख्यमंत्री के ओएसडी डॉ. राज नेहरू, नगर निगम गुरुग्राम आयुक्त प्रदीप दहिया, मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार राजीव जेटली सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

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